“सड़कों पर जाम, गाड़ियों में खुलेआम शराबखोरी, वेदवन पार्क के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा; प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल”
नोएडा। देश के सबसे आधुनिक शहरों में शुमार नोएडा का सेक्टर-78 इन दिनों एक गंभीर सामाजिक और कानून-व्यवस्था संकट का सामना कर रहा है। सेक्टर-101 मेट्रो स्टेशन से लेकर हनुमान मूर्ति चौक (बरौला) तक महज 2 किलोमीटर के दायरे में संचालित दो BYOB (ब्रिंग योर ओन बॉटल) केंद्र और एक देशी शराब ठेका अब हजारों परिवारों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह पूरा इलाका शाम ढलते ही एक तरह के “ओपन ड्रिंकिंग जोन” में तब्दील हो जाता है, जहां कानून और नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जाती हैं।
क्षेत्र की 10 से अधिक हाईराइज सोसायटियों में रहने वाले हजारों लोगों का कहना है कि शराब केंद्रों के आसपास हर शाम ऐसा माहौल बन जाता है, जिससे महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
सड़कें बनीं शराबियों की महफिल, जाम में फंस रहे आम नागरिक
निवासियों के अनुसार शाम होते ही शराब केंद्रों के बाहर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। सड़क किनारे अवैध पार्किंग के कारण मुख्य मार्ग संकरा हो जाता है और कई बार लंबा जाम लग जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई बार आपातकालीन वाहनों के निकलने तक में कठिनाई होती है।
लोगों का आरोप है कि बड़ी संख्या में लोग अपनी गाड़ियों में बैठकर खुलेआम शराब पीते हैं, वहीं सड़क किनारे अस्थायी खाने-पीने की दुकानों पर देर रात तक भीड़ लगी रहती है। इससे पूरा क्षेत्र एक असंगठित और अव्यवस्थित मनोरंजन केंद्र जैसा दिखाई देने लगा है।
वेदवन पार्क के आसपास बिगड़ रहा माहौल
क्षेत्रवासियों की सबसे बड़ी चिंता वेदवन पार्क को लेकर है, जिसे परिवारों, बच्चों और पर्यटकों के लिए विकसित किया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्क के आसपास शराब पीने वालों का जमावड़ा बढ़ने से परिवारों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। शाम के समय पार्क के आसपास गंदगी, खाली बोतलें और असामाजिक गतिविधियों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
निवासियों का कहना है कि रात के समय तेज संगीत, हूटिंग, हंगामा और अनुशासनहीन व्यवहार आम बात बन चुका है। सोसायटी निवासियों का आरोप है कि बच्चों के सामने खुलेआम शराब सेवन और नशे की संस्कृति का प्रदर्शन हो रहा है, जिससे सामाजिक वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
महिलाओं ने भी देर शाम क्षेत्र में असहजता और असुरक्षा महसूस होने की बात कही है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती भीड़ और शराब सेवन के कारण परिवारों का सामान्य आवागमन प्रभावित हो रहा है।
क्या आबकारी नीति की भावना के अनुरूप है इतनी नजदीकी में तीन शराब केंद्र?
स्थानीय लोगों ने बड़ा सवाल उठाया है कि आखिर घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र, मेट्रो स्टेशन और प्रमुख सार्वजनिक पार्क के आसपास इतने कम दायरे में तीन शराब केंद्रों के संचालन की अनुमति कैसे दी गई। उनका कहना है कि जब किसी क्षेत्र में हजारों परिवार रहते हों, वहां सार्वजनिक सुरक्षा और सामाजिक प्रभाव का मूल्यांकन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि शराब लाइसेंस जारी करते समय क्षेत्र की आबादी, यातायात, पार्किंग, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक हित जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ऐसे में यदि किसी क्षेत्र में लगातार जन-शिकायतें सामने आ रही हों, तो प्रशासन को स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए।
निवासियों ने उठाई कड़ी कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग से संयुक्त निरीक्षण कराने, क्षेत्र का विस्तृत जोखिम मूल्यांकन करने और वेदवन पार्क चौक पर स्थायी पुलिस पिकेट स्थापित करने की मांग की है। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन, अवैध पार्किंग, ड्रंक ड्राइविंग और अनधिकृत विक्रेताओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की भी मांग की गई है।
‘यह सिर्फ शिकायत नहीं, हजारों परिवारों की सुरक्षा का सवाल’
निवासियों का कहना है कि यह मामला केवल जाम या शोर-शराबे का नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामाजिक संरचना, बच्चों के भविष्य और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग पर टिकी हैं कि वे इस बढ़ती जन-चिंता को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्षेत्रवासियों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
मुख्य बिंदु
2 किलोमीटर के दायरे में 2 BYOB और 1 देशी शराब ठेका
10 से अधिक सोसायटियों के हजारों निवासी प्रभावित
वेदवन पार्क और आवासीय क्षेत्र के बीच बढ़ी शराबखोरी की शिकायतें
अवैध पार्किंग, जाम और ड्रंक ड्राइविंग का खतरा
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
प्रशासन से संयुक्त जांच और लाइसेंस समीक्षा की मांग
(नोट: यह समाचार स्थानीय निवासियों द्वारा उठाई गई शिकायतों और मांगों पर आधारित है। संबंधित विभागों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।)














