गाजीपुर – महाहर धाम में बाउंड्रीवाल निर्माण को लेकर पिछले तीन दिनों से चल रहा विवाद शनिवार को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया। शिव सेवा आश्रम समिति और संत शिरोमणि रविदास प्रेरणा स्थल के बीच उत्पन्न इस विवाद को प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में आपसी सहमति से सुलझा लिया गया। दोनों पक्षों के पदाधिकारियों ने बातचीत के बाद एक समझौता पत्र तैयार किया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा महाहर धाम के सुंदरीकरण के लिए आवंटित बजट के तहत बाउंड्रीवाल निर्माण और परिसर में पत्थर बिछाने का कार्य शुरू हुआ। निर्माण कार्य के दौरान शिव मंदिर के सामने संत शिरोमणि रविदास प्रेरणा स्थल से सटी दीवार को लेकर आपत्ति जताई गई। संत रविदास मंदिर से जुड़े लोगों ने इसका विरोध किया, जिसके समर्थन में दलित समाज के युवाओं ने चक्काजाम भी किया। इससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया और स्थिति गंभीर होती गई।
बढ़ते विवाद को देखते हुए प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ। लगातार तीन दिनों तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डटे रहे। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए कई थानों की पुलिस और पीएसी बल भी तैनात किया गया था। अधिकारियों ने दोनों पक्षों के साथ कई दौर की वार्ता की, जिसके बाद शनिवार को सहमति बन सकी।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान माहौल को राजनीतिक रंग देने की भी कोशिश की गई, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका थी। हालांकि, स्थानीय लोगों और दोनों समितियों के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने समझदारी दिखाते हुए मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का निर्णय लिया। इससे महाहर धाम की वर्षों पुरानी आपसी भाईचारे और सौहार्द की परंपरा को बरकरार रखने में मदद मिली।
समझौते के बाद पुलिस और प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। एसपी ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर, अपर मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, एसडीएम रविश कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारियों की सक्रिय भूमिका इस मामले को सुलझाने में अहम रही। उनके प्रयासों से एक संभावित बड़ा विवाद टल गया और क्षेत्र में शांति बहाल हो गई।














