होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) द्वारा कथित तौर पर भारतीय जहाजों पर फायरिंग की घटना के बाद भारतीय नौसेना पूरी तरह सतर्क हो गई है। इस स्थिति को देखते हुए नौसेना ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय व्यापारिक जहाजों के लिए नई सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है और सात युद्धपोतों को रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है।
नौसेना ने अपने निर्देशों में स्पष्ट कहा है कि कोई भी भारतीय जहाज लारक द्वीप (Larak Island) के पास से न गुजरे। साथ ही, सभी जहाजों को सलाह दी गई है कि वे फारस की खाड़ी में सुरक्षित स्थानों पर ही ठहरें और आगे बढ़ने के लिए नौसेना की अनुमति का इंतजार करें।
जहाजों पर कथित फायरिंग और स्थिति
18 अप्रैल 2026 को भारतीय जहाज ‘जग अर्णव’ और ‘सन्मार हेराल्ड’ होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने की कोशिश कर रहे थे, तभी उन पर ईरानी गार्ड्स द्वारा गोलीबारी किए जाने की सूचना सामने आई। इस घटना के बाद दोनों जहाजों को तत्काल पीछे लौटना पड़ा।
घटना के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए विदेश मंत्रालय के माध्यम से ईरानी राजदूत को तलब कर विरोध दर्ज कराया। इसके जवाब में ईरानी पक्ष ने मामले की जानकारी अपनी सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
इसी बीच, ‘देश गरिमा’ नामक एक अन्य भारतीय जहाज नौसेना की सुरक्षा निगरानी में सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने में सफल रहा और उसे अरब सागर तक सुरक्षित ले जाया गया। यह जहाज 22 अप्रैल को मुंबई पहुंचने की संभावना है।
समुद्री सुरक्षा को लेकर नौसेना की तैयारी
भारतीय नौसेना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए INS विशाखापट्टनम सहित सात युद्धपोतों को अरब सागर और फारस की खाड़ी के प्रवेश द्वार पर तैनात किया है। ये सभी जहाज लगातार निगरानी और गश्त में लगे हुए हैं।
फिलहाल लगभग 14 भारतीय व्यापारी जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं और सुरक्षित पारगमन की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। नौसेना लगातार इन जहाजों के कप्तानों के संपर्क में है और स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है।
अब तक 11 जहाज सुरक्षित रूप से इस क्षेत्र से गुजर चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, सभी जहाजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और बिना पूर्ण सुरक्षा जांच व अनुमति के किसी भी जहाज को संवेदनशील क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
मौजूदा स्थिति
सूत्रों के अनुसार, भारतीय नौसेना पूरी तरह अलर्ट मोड में है और ईरानी नौसैनिक गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल भारत की कूटनीतिक और सुरक्षा तैयारियों के बाद स्थिति अपेक्षाकृत नियंत्रित बताई जा रही है।














