ग्रेटर नोएडा वेस्ट: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की लगातार बढ़ती आबादी के साथ बुनियादी सुविधाओं और नागरिक समस्याओं का दायरा भी तेजी से बढ़ रहा है। इन्हीं जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर गौतम बुद्ध नगर विकास समिति (GBNVS) का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) के महाप्रबंधक (GM) ए.के. सिंह एवं उप महाप्रबंधक (DGM) संदीप चंद्रा से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए एक व्यापक ज्ञापन सौंपा और उनके समयबद्ध समाधान की मांग की।
करीब हुई इस बैठक में सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, जलापूर्ति, सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं, खेल अवसंरचना, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और हाई-राइज सोसाइटियों की सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। प्राधिकरण के अधिकारियों ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने तथा जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया।
सड़क, ट्रैफिक और अतिक्रमण बने सबसे बड़े मुद्दे
बैठक में समिति ने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट की मुख्य सड़कों पर तेजी से बढ़ते अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। सड़क किनारे अनियोजित तरीके से लग रही रेहड़ियों और अस्थायी दुकानों से न केवल जाम की समस्या बढ़ रही है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
GBNVS ने मांग की कि अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ व्यवस्थित वेंडर ज़ोन विकसित किए जाएं, ताकि आजीविका भी प्रभावित न हो और यातायात भी सुचारु बना रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से गौर चौक और परथला चौक की खराब ट्रैफिक व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए वहां स्थायी यातायात सुधार योजना लागू करने की मांग की। समिति का कहना था कि इन दोनों चौराहों पर प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं और पीक आवर्स में लंबा जाम आम बात बन चुका है।
हाई-राइज सोसाइटियों की सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में लगातार ऊंची इमारतों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में समिति ने सभी हाई-राइज सोसाइटियों का स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई।
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि समय-समय पर भवनों की तकनीकी जांच होना आवश्यक है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से पहले आवश्यक सुधार किए जा सकें। हाल के वर्षों में विभिन्न शहरों में सामने आए भवन संबंधी हादसों का उल्लेख करते हुए समिति ने कहा कि सुरक्षा के मामले में किसी प्रकार की लापरवाही भविष्य में बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।
हिंडन नदी में प्रदूषण रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग
बैठक के दौरान पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा गया। समिति ने कहा कि हिंडन नदी में एसटीपी और अन्य स्रोतों से अपशिष्ट जल का अनियंत्रित प्रवाह लगातार जारी है, जिससे नदी का प्रदूषण बढ़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि अवैध डिस्चार्ज पर तत्काल रोक लगाई जाए, सीवेज शोधन संयंत्रों की नियमित निगरानी की जाए तथा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना लागू की जाए।
समिति का कहना था कि यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो इसका असर केवल पर्यावरण ही नहीं बल्कि आसपास रहने वाले लाखों लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ेगा।
प्रदूषण नियंत्रण और हरित क्षेत्र के रखरखाव पर भी जोर
GBNVS ने प्रदूषण के मौसम में उपचारित जल से नियमित जल छिड़काव सुनिश्चित करने की मांग रखी। समिति का कहना था कि धूल और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए यह अत्यंत आवश्यक कदम है।
इसके साथ ही ग्रीन बेल्ट के बेहतर रखरखाव, नियमित पौधरोपण, सिंचाई व्यवस्था और हरित क्षेत्रों के संरक्षण की भी मांग की गई ताकि तेजी से शहरीकरण के बीच पर्यावरण संतुलन बना रहे।
दुर्घटना संभावित सड़क के पुनः डिज़ाइन की मांग
बैठक में सेवियर ग्रीनआर्क के सामने स्थित दुर्घटना संभावित सड़क का मुद्दा भी उठाया गया। समिति ने बताया कि सड़क की वर्तमान डिजाइन के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्रतिनिधिमंडल ने सड़क का तकनीकी मूल्यांकन कर पुनः डिज़ाइन करने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की।
सरकारी अस्पताल, स्टेडियम और कम्युनिटी हॉल की उठी मांग
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की तेजी से बढ़ती आबादी के बावजूद सरकारी सुविधाओं की कमी को लेकर समिति ने चिंता व्यक्त की।
ज्ञापन में क्षेत्र में सरकारी अस्पताल, सरकारी खेल स्टेडियम तथा कम्युनिटी हॉल की स्थापना की मांग की गई। समिति का कहना था कि लाखों लोगों की आबादी वाले इस क्षेत्र में अभी भी नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं, खेल सुविधाओं और सामाजिक आयोजनों के लिए पर्याप्त सार्वजनिक अवसंरचना उपलब्ध नहीं है।
कूड़ा प्रबंधन पर जताई गंभीर चिंता
बैठक के दौरान समिति ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समस्या को भी विस्तार से रखा।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि विभिन्न सोसाइटियों से निकलने वाला कूड़ा कई स्थानों पर खुले में डंप किया जा रहा है, जिसके कारण बड़े-बड़े कूड़े के ढेर बन रहे हैं। इससे दुर्गंध, प्रदूषण और संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
समिति ने मांग की कि वैज्ञानिक पद्धति से कूड़ा निस्तारण किया जाए, नियमित डोर-टू-डोर संग्रहण सुनिश्चित हो तथा खुले में कूड़ा डंप करने की प्रथा पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
KP-5, तुस्याना और जलापूर्ति से जुड़े मुद्दे भी रखे
GBNVS ने ज्ञापन में KP-5 (6 प्रतिशत) क्षेत्र में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने तथा तुस्याना 6 प्रतिशत आबादी क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई।
समिति का कहना था कि इन समस्याओं के समाधान से हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहतर होगी।
अमरपाली गोल्फ होम्स के निवासियों की समस्याएं भी पहुंचीं प्राधिकरण तक
बैठक के दौरान GBNVS के महासचिव आदित्य अवस्थी ने विशेष रूप से अमरपाली गोल्फ होम्स के निवासियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा।
उन्होंने सोसाइटी में शीघ्र गंगा जलापूर्ति शुरू कराने, सामने स्थित खुले नाले को ढकने, नया यू-टर्न बनाने तथा बस स्टॉप स्थापित करने की मांग की।
इन मांगों पर प्राधिकरण के अधिकारियों ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए बताया कि अगले तीन से चार महीनों के भीतर अमरपाली गोल्फ होम्स में गंगा जलापूर्ति प्रारंभ करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा वर्तमान जलापूर्ति बढ़ाने, खुले नाले को ढकने, प्रस्तावित यू-टर्न के निर्माण तथा बस स्टॉप की स्थापना की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया गया।
‘जनता की आवाज़ बनकर संघर्ष जारी रहेगा’
बैठक के बाद GBNVS की अध्यक्ष रश्मि पाण्डेय ने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे में यहां नागरिक सुविधाओं का विस्तार भी उसी गति से होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संगठन लगातार क्षेत्रवासियों की आवाज़ बनकर जनहित के मुद्दों को प्राधिकरण के समक्ष उठाता रहेगा और केवल आश्वासन ही नहीं, बल्कि उनके समयबद्ध क्रियान्वयन की भी निगरानी करेगा।
रश्मि पाण्डेय ने कहा कि बेहतर सड़कें, सुरक्षित आवास, स्वच्छ पर्यावरण, सुचारु यातायात, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और वैज्ञानिक कूड़ा प्रबंधन किसी भी आधुनिक शहर की मूल आवश्यकताएं हैं। यदि इन विषयों पर गंभीरता से कार्य किया जाए तो ग्रेटर नोएडा वेस्ट को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और रहने योग्य शहर बनाया जा सकता है।
बैठक में समिति की ओर से अध्यक्ष रश्मि पाण्डेय, महासचिव आदित्य अवस्थी तथा अरुण सारस्वत उपस्थित रहे। वहीं प्राधिकरण के अधिकारियों ने सभी मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की बात कही। क्षेत्रवासियों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि इन आश्वासनों का धरातल पर क्रियान्वयन कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से होता है।














