ग्रेटर नोएडा वेस्ट: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बुधवार को विज्ञापन होर्डिंगों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। तेज बारिश और खराब मौसम के बीच एनएक्स वन (NX ONE) परियोजना का एक विशाल विज्ञापन होर्डिंग गिर गया। सौभाग्य से घटना के समय वहां कोई राहगीर या वाहन इसकी चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
लेकिन इस घटना ने इसलिए भी लोगों को झकझोर दिया क्योंकि जिस होर्डिंग के गिरने का खतरा बताया गया था, उसके बारे में पांच दिन पहले ही संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी जा चुकी थी।
हादसे को न्योता देता NX ONE ग्रेटर नोएडा वेस्ट का विज्ञापन! निवासियो ने जताई चिंता। बारिश और तूफ़ान के मौसम में आज कल इतने बड़े होर्डिग किसी भी चलती हुए बिजी सड़क पर गिर सकते है , कृपया ऐसे होर्डिग्स की सुरक्षा दृष्टि से जाँच की जाये। @OfficialGNIDA https://t.co/Hw2DY7S1WF pic.twitter.com/epNG399Ryk
— गौतमबुद्ध नगर विकास समिति (@GBNVikasSamiti) May 30, 2026
पांच दिन पहले ही किया गया था आगाह
गौतम बुद्ध नगर विकास समिति ने पांच दिन पहले ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को पत्र और सोशल मीडिया के माध्यम से इस होर्डिंग को लेकर चेताया था। समिति ने कहा था कि बारिश और तूफान के मौसम में यह विशाल ढांचा किसी भी समय गिर सकता है और लोगों की जान के लिए खतरा बन सकता है।
समिति की अध्यक्ष रश्मि पांडेय, सचिव अनूप सोनी, उपाध्यक्ष हिमांशु राजपूत तथा सदस्य भारती, अरुण सारस्वत और अरुण चौधरी ने संयुक्त रूप से प्राधिकरण से इसकी सुरक्षा जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की थी।
चेतावनी में जताई गई थी दुर्घटना की आशंका
समिति द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा गया था—
“यह होर्डिंग हादसे को न्योता देता प्रतीत हो रहा है। निवासी लगातार चिंता जता रहे थे। बारिश और तूफान के मौसम में इतने बड़े होर्डिंग किसी भी व्यस्त सड़क पर गिर सकते हैं। कृपया सुरक्षा के दृष्टिकोण से इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि चेतावनी मिलने के बावजूद न तो होर्डिंग की तकनीकी जांच कराई गई और न ही उसे सुरक्षित करने के लिए कोई प्रभावी कदम उठाया गया।
आज के आँधी तूफान में विज्ञापन का बोर्ड गिरा नीचे! pic.twitter.com/9QDbJLU9aV
— गौतमबुद्ध नगर विकास समिति (@GBNVikasSamiti) June 4, 2026
पांच दिन बाद सच साबित हुई आशंका
समिति की आशंका आखिरकार सही साबित हुई। बुधवार को तेज हवा और बारिश के बीच एनएक्स वन का विशाल होर्डिंग भरभराकर गिर पड़ा। हालांकि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन यदि उस समय सड़क पर वाहन या राहगीर मौजूद होते तो परिणाम बेहद गंभीर हो सकते थे।
उसी दिन दूसरी घटना ने बढ़ाई चिंता
एनएक्स वन की घटना के कुछ समय बाद ही क्षेत्र में एक और होर्डिंग गिरने की घटना सामने आई। एक बड़ा विज्ञापन होर्डिंग सामान से लदे एक टेंपो पर आ गिरा। इस घटना में भी चालक और आसपास मौजूद लोग बाल-बाल बच गए।
एक ही दिन में दो-दो होर्डिंग गिरने की घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शहर में लगे बड़े विज्ञापन ढांचों की सुरक्षा की निगरानी किस प्रकार की जा रही है।
Greater Noida West में आंधी के दौरान एक होर्डिंग सामान से भरे टेम्पो के ऊपर गिरा।
गनीमत रही कि चालक बाल-बाल बच गया। 🚨🌪️ https://t.co/kG0cwHhxiS— Greater Noida West (@GreaterNoidaW) June 4, 2026
प्रशासनिक लापरवाही पर उठ रहे सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब संभावित खतरे की जानकारी पहले ही प्रशासन को दे दी गई थी, तब समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई? लोगों का मानना है कि नागरिकों द्वारा दी जाने वाली ऐसी सूचनाएं केवल शिकायत नहीं, बल्कि जनसुरक्षा के प्रति उनकी जिम्मेदारी होती हैं।
यदि इन चेतावनियों को गंभीरता से लिया जाता तो शायद यह स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती।
पूरे क्षेत्र में सुरक्षा ऑडिट की मांग
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों और सामाजिक संगठनों ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट में लगे सभी बड़े होर्डिंग, यूनिपोल और विज्ञापन संरचनाओं का तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मानसून और तेज हवाओं के मौसम में जर्जर या असुरक्षित ढांचे कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
सबसे बड़ा सवाल—जिम्मेदारी कौन लेगा?
दो-दो घटनाओं के बाद अब लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि इन हादसों में किसी व्यक्ति की जान चली जाती, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता?
एनएक्स वन होर्डिंग का गिरना और उसी दिन टेंपो पर दूसरे होर्डिंग का गिरना केवल संयोग नहीं माना जा सकता। यह घटनाएं बताती हैं कि चेतावनियों को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है। अब जरूरत इस बात की है कि प्रशासन हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते कार्रवाई की संस्कृति विकसित करे, ताकि जनता की सुरक्षा और प्रशासन पर भरोसा दोनों कायम रह सकें।














