कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट ने पंजाब चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस बार सौ फीसदी सरकार बनाने जा रही है। पायलट के मुताबिक पंजाब में आम आदमी पार्टी के बाद अगर जनता के सामने कोई मजबूत और वास्तविक विकल्प है तो वह कांग्रेस है। मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए किसी एक व्यक्ति को चेहरा बनाकर चुनाव नहीं लड़ा जाता, बल्कि सामूहिक नेतृत्व में पार्टी मैदान में उतरेगी। बहुमत मिलने के बाद नेतृत्व और जिम्मेदारियां तय की जाएंगी।
पंजाब की सियासत में कांग्रेस की तैयारियों के बीच पार्टी के नए प्रभारी सचिन पायलट ने एक खास बातचीत में चुनावी रणनीति, मुख्यमंत्री पद के चेहरे, पार्टी के अंदर कथित गुटबाजी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के संभावित पंजाब दौरे और आम आदमी पार्टी की सरकार पर कई गंभीर सवाल उठाए। पायलट ने साफ कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और पार्टी पंजाब में मजबूत वापसी के लिए जमीन पर काम करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाना है। पायलट ने दावा किया कि इस बार पार्टी को जनता का पूरा भरोसा हासिल होगा और कांग्रेस पंजाब की सत्ता में वापसी करेगी।
मुख्यमंत्री चेहरे पर बोले पायलट- सामूहिक नेतृत्व में लड़ेंगे चुनाव
मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर पूछे गए सवाल पर सचिन पायलट ने कांग्रेस की रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि जब पार्टी सत्ता में होती है तो मुख्यमंत्री चुनाव अभियान का नेतृत्व करते हैं। लेकिन जब पार्टी विपक्ष में होती है तो किसी एक चेहरे को पहले से तय करना जरूरी नहीं होता। ऐसे में पार्टी सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव लड़ेगी।
पायलट के मुताबिक चुनाव में सभी वरिष्ठ और जमीनी नेताओं को साथ लेकर आगे बढ़ा जाएगा। उनका कहना है कि पहले पार्टी बहुमत हासिल करे, उसके बाद नेतृत्व और जिम्मेदारियों को लेकर फैसला किया जाएगा। यानी कांग्रेस फिलहाल किसी एक नेता को मुख्यमंत्री पद का घोषित चेहरा बनाकर चुनाव मैदान में उतारने के मूड में नहीं है।
चन्नी से मुलाकात पर पायलट बोले- पूरी ताकत से करेंगे प्रचार
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि चन्नी पार्टी के लिए पूरी ताकत से प्रचार करेंगे। उन्होंने दावा किया कि चन्नी ने आम आदमी पार्टी की सरकार को बेनकाब करने और कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने के लिए पूरी मेहनत करने का भरोसा दिया है।
पायलट ने बताया कि चन्नी ने बातचीत के दौरान यह भी याद दिलाया कि राहुल गांधी ने ही पहले एक दलित नेता को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया था। उनके मुताबिक चन्नी कांग्रेस के साथ खड़े हैं और पार्टी की जीत के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे।
‘असहमति को गुटबाजी कहना ठीक नहीं’
कांग्रेस संगठन में बदलाव और पार्टी के भीतर गुटबाजी के सवाल पर पायलट ने कहा कि फिलहाल पार्टी की टीम मजबूत है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस किसी एक व्यक्ति के आधार पर नहीं, बल्कि सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर आगे बढ़ेगी।
पायलट ने पार्टी में मतभेदों को गुटबाजी का नाम दिए जाने पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि किसी मुद्दे, नीति या बयान को लेकर नेताओं के बीच असहमति हो सकती है, लेकिन हर असहमति को गुटबाजी कहना सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक राजनीतिक दल में अलग-अलग राय होना स्वाभाविक है। जरूरी यह है कि चुनाव के समय सभी लोग एकजुट होकर पार्टी के लिए काम करें।
पंजाब में जल्द राहुल गांधी का दौरा, प्रियंका भी संभालेंगी मोर्चा
पंजाब में कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं के प्रचार को लेकर भी पायलट ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात कर पंजाब के लिए समय निकालने का अनुरोध किया गया है। राहुल गांधी ने पंजाब में पार्टी को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है।
पायलट ने कहा कि राहुल गांधी का कार्यक्रम जल्द तय होगा। प्रियंका गांधी भी पंजाब में कांग्रेस के लिए प्रचार करेंगी। खुद पायलट ने भी जल्द पंजाब पहुंचकर जमीनी स्तर पर संगठन और चुनावी तैयारियों का काम शुरू करने की बात कही।
उन्होंने बताया कि दिल्ली में पार्टी के तमाम नेताओं से पंजाब को लेकर फीडबैक लिया गया है। अब इस फीडबैक के आधार पर जमीनी रणनीति तैयार की जाएगी।
‘मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी से’
पंजाब में कांग्रेस के मुख्य मुकाबले को लेकर सचिन पायलट ने कहा कि फिलहाल सत्ता में आम आदमी पार्टी है, इसलिए चुनाव में मुख्य मुकाबला उसी से है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सीधे तौर पर आप की सरकार के कामकाज को मुद्दा बनाकर जनता के बीच जाएगी।
कैप्टन अमरिंदर सिंह की वापसी को लेकर पूछे गए सवाल पर पायलट ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे पर किसी तरह की अटकल लगाने से इनकार किया।
‘टूटी आप पर भारी पड़ेगी एकजुट और सेक्युलर कांग्रेस’
कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर पायलट ने कहा कि आम आदमी पार्टी में टूट दिखाई दे रही है और कई सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिरोमणि अकाली दल पहले ही बिखर चुकी है। इसके मुकाबले कांग्रेस को उन्होंने पूरी तरह एकजुट पार्टी बताया।
पायलट के मुताबिक कांग्रेस एक सेक्युलर पार्टी है और पंजाब की जनता का इस विचारधारा में भरोसा है। उनका दावा है कि यही एकजुटता कांग्रेस को चुनाव में फायदा पहुंचाएगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब के सामने कई राजनीतिक विकल्प रहे हैं, लेकिन कांग्रेस का संगठन और उसका राजनीतिक आधार आज भी मजबूत है। पार्टी इसी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
‘पंजाब की जनता कांग्रेस का इतिहास जानती है’
कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनने की वजह बताते हुए पायलट ने पार्टी के ऐतिहासिक योगदान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पंजाब को उसके सबसे कठिन दौर से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री सरदार बेअंत सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने देश और पंजाब के लिए अपनी जान कुर्बान की। इसके अलावा पायलट ने ग्रीन रिवॉल्यूशन और व्हाइट रिवॉल्यूशन का श्रेय भी कांग्रेस की सरकारों को दिया।
उनका कहना था कि पंजाब की जनता इतिहास को जानती है और वह यह भी समझती है कि कौन सच बोल रहा है और कौन सिर्फ राजनीतिक दावे कर रहा है। कांग्रेस इसी इतिहास और अपने काम को लेकर जनता के बीच जाएगी।
ड्रग्स सबसे बड़ा मुद्दा, मान सरकार पर पायलट के गंभीर आरोप
पंजाब के सबसे बड़े चुनावी मुद्दे के तौर पर सचिन पायलट ने ड्रग्स को सामने रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशे की समस्या को नियंत्रित करने में भगवंत मान सरकार पूरी तरह विफल रही है।
पायलट ने गुजरात में बड़ी मात्रा में कोकीन बरामद होने का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार, कुछ राजनेताओं, ड्रग्स माफिया और अपराधियों के बीच गठजोड़ चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के संरक्षण के बिना इतने बड़े स्तर पर नशे का कारोबार चलना संभव नहीं है।
उन्होंने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। पायलट का आरोप है कि जेलों से गैंग चलाए जा रहे हैं, खुलेआम हत्याएं हो रही हैं और आम आदमी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
वित्त मंत्री पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
ड्रग्स के मुद्दे पर पायलट ने वित्त मंत्री को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मामला इतना गंभीर है कि आत्महत्या करने वाले एक व्यक्ति ने मरते वक्त वित्त मंत्री का नाम लिया, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पायलट ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान वित्त मंत्री को बचाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार नशे और अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा करती है, तो ऐसे गंभीर आरोपों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
हालांकि, ये आरोप सचिन पायलट द्वारा लगाए गए हैं। पंजाब की सियासत में अब कांग्रेस इन मुद्दों को चुनावी अभियान में कितना बड़ा मुद्दा बनाती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
चुनाव से पहले कांग्रेस ने शुरू किया नैरेटिव तैयार करना
सचिन पायलट के बयानों से साफ है कि कांग्रेस पंजाब में चुनावी अभियान को मुख्य रूप से एकजुट संगठन, सामूहिक नेतृत्व, आप सरकार के कामकाज और ड्रग्स-कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द ले जाना चाहती है। पार्टी जहां अपने ऐतिहासिक योगदान को जनता के सामने रखेगी, वहीं मौजूदा सरकार पर सीधे हमले भी करेगी।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के पंजाब दौरे, पायलट की जमीनी सक्रियता और स्थानीय नेताओं को एक मंच पर लाने की रणनीति कांग्रेस के अभियान को और धार दे सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पायलट के ‘सौ फीसदी सरकार बनाने’ के दावे को पंजाब की जनता कितना समर्थन देती है और चुनावी मैदान में कांग्रेस इस दावे को वोट में कितना बदल पाती है।














