नोएडा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को नोएडा और यमुना सिटी के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक की औद्योगिक और आधारभूत विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में निवेश को नई गति मिलेगी, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर को मजबूती मिलेगी तथा हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री सबसे पहले यमुना सिटी के सेक्टर-10 स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC-2.0) पहुंचेंगे। यहां करीब 15,023 करोड़ रुपये के निवेश वाली तीन बड़ी विनिर्माण परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी। इनमें इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, सेमीकंडक्टर सर्किट, होम एप्लायंसेज, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर सेल और सोलर मॉड्यूल निर्माण से जुड़े संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से लगभग 10 हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश को मिलेगा पहला सोलर सेल निर्माण संयंत्र
इस दौरे की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि प्रदेश के पहले सोलर सेल निर्माण संयंत्र की शुरुआत होगी। अभी तक उत्तर प्रदेश में केवल सोलर मॉड्यूल का निर्माण होता है, जबकि सोलर सेल अन्य राज्यों अथवा विदेशों से मंगाए जाते हैं। नए संयंत्र के शुरू होने से राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
390 करोड़ के नए नोएडा प्राधिकरण मुख्यालय का उद्घाटन
यमुना सिटी के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री नोएडा के सेक्टर-96 स्थित नोएडा प्राधिकरण के नए प्रशासनिक भवन का उद्घाटन करेंगे। करीब 390 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सात मंजिला यह भवन आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस है। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री यहीं अधिकारियों के साथ विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक भी करेंगे।
2,478 करोड़ की 69 विकास परियोजनाओं को मिलेगी मंजूरी
मुख्यमंत्री नोएडा में 2,478 करोड़ रुपये की 69 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें 1,045 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन तथा 1,434 करोड़ रुपये की नई योजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी।
इन परियोजनाओं में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे नई सीवर लाइन, यमुना तट स्थित रेनीवेल-4 पेयजल योजना, अगाहपुर से एनएसईजेड तक एलिवेटेड रोड, सेक्टर-123 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, विभिन्न सेक्टरों में मल्टीलेवल पार्किंग, डिजिटल लाइब्रेरी, डियर पार्क, लेक व्यू पार्क, नए विद्युत उपकेंद्र और प्रमुख सड़कों का विकास शामिल है। इनके पूरा होने से शहर की यातायात व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और नागरिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
किसानों और उद्यमियों को भी मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान किसानों और उद्यमियों को प्लॉट आवंटन पत्र वितरित करेंगे। साथ ही ‘एक जनपद-एक उत्पाद (ODOP)’ और एमएसएमई प्रदर्शनी का भी अवलोकन करेंगे। इसका उद्देश्य स्थानीय उद्योगों, पारंपरिक उत्पादों और छोटे उद्यमों को बाजार उपलब्ध कराना तथा निवेश को प्रोत्साहित करना है।
एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य से जुड़ी है पहल
विशेषज्ञों के अनुसार नोएडा और यमुना सिटी में हो रहा यह निवेश उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और तेजी से विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा इस क्षेत्र को देश के सबसे बड़े निवेश केंद्रों में बदल सकता है।
हालांकि इन परियोजनाओं की वास्तविक सफलता इनके समयबद्ध क्रियान्वयन, उद्योगों की स्थापना, स्थानीय युवाओं को रोजगार और नागरिक सुविधाओं में वास्तविक सुधार पर निर्भर करेगी। यदि योजनाएं तय समय सीमा में पूरी होती हैं तो नोएडा और यमुना सिटी उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति के सबसे बड़े विकास इंजन के रूप में उभर सकते हैं।














