ढाका: बांग्लादेश में प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार के छह महीने पूरे होने के बाद सामने आए डॉप्लर ओपिनियन रिसर्च के सर्वे ने सरकार के सामने बड़ी चुनौती की तस्वीर पेश की है। सर्वे में प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत प्रदर्शन को लेकर जनता का भरोसा सरकार के प्रदर्शन की तुलना में कहीं अधिक नजर आया है।
PM पर भरोसा, सरकार के प्रदर्शन पर सवाल
सर्वे के मुताबिक, 66.3% लोगों ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान के कामकाज को अच्छा बताया। हालांकि, पूरी सरकार के प्रदर्शन से संतुष्ट लोगों की संख्या घटकर 54.5% रह गई।
वहीं 21.6% लोगों ने प्रधानमंत्री के प्रदर्शन को खराब बताया, जबकि सरकार के प्रदर्शन से असंतुष्ट लोगों का आंकड़ा 32.9% रहा।
यानी तारिक रहमान की व्यक्तिगत लोकप्रियता फिलहाल उनकी सरकार की नीतियों से आगे दिखाई दे रही है। जनता प्रधानमंत्री के प्रति अपेक्षाकृत सकारात्मक है, लेकिन सरकारी फैसलों और उनके असर को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।
क्या गलत दिशा में जा रहा है बांग्लादेश?
देश की दिशा को लेकर भी तस्वीर पूरी तरह सकारात्मक नहीं है। सर्वे में सिर्फ 48.6% लोगों ने माना कि बांग्लादेश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके विपरीत 35.6% लोगों का मानना है कि देश गलत दिशा में जा रहा है, जबकि 15.8% ने कोई जवाब नहीं दिया।
यह आंकड़ा सरकार के लिए चिंता का संकेत माना जा सकता है, क्योंकि प्रधानमंत्री की लोकप्रियता अभी तक जनता के व्यापक आर्थिक और प्रशासनिक संतोष में पूरी तरह परिवर्तित नहीं हुई है।
बिजली, ईंधन और महंगाई सबसे बड़ी चिंता
बांग्लादेशी जनता की सबसे बड़ी परेशानियां सीधे तौर पर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी हैं।
– 59.5% लोगों ने बिजली और ईंधन को बड़ी समस्या बताया।
– 59.1% ने जरूरी सामान की बढ़ती कीमतों को चिंता का विषय माना।
– 32.6% के लिए कानून-व्यवस्था प्रमुख समस्या रही।
– 30.8% लोगों ने रोजगार को बड़ी चिंता बताया।
सरकार के प्रदर्शन को लेकर भी बिजली और ईंधन के मुद्दे पर असंतोष स्पष्ट दिखा। 89.4% लोगों ने बिजली के मुद्दे से निपटने के सरकार के तरीके को खराब बताया, जबकि 79.6% ने ईंधन और गैस को लेकर सरकार के प्रदर्शन को नकारात्मक माना।
जरूरी सामान की कीमतों को नियंत्रित करने के सरकार के प्रयासों से भी 69.1% लोग असंतुष्ट नजर आए।
परिवारों की आर्थिक स्थिति भी बनी चिंता
सर्वे का एक और अहम आंकड़ा सामने आया। 46.5% लोगों ने कहा कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति एक साल पहले के मुकाबले खराब हुई है।
ऐसे में महंगाई, बिजली, ईंधन और रोजगार जैसे मुद्दे आने वाले समय में सरकार के लिए सबसे बड़ी परीक्षा बन सकते हैं।
शिक्षा में सरकार को मिली राहत
सात प्रमुख नीतिगत क्षेत्रों में शिक्षा ही ऐसा क्षेत्र रहा, जहां स्पष्ट सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। 70.6% लोगों ने माना कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र को अच्छी तरह संभाल रही है।
आगे की चुनौती
सर्वे का सबसे बड़ा संदेश यही है कि तारिक रहमान की व्यक्तिगत लोकप्रियता मजबूत है, लेकिन सरकार की नीतियों को लेकर जनता का भरोसा उतना मजबूत नहीं है।
अगर बिजली, ईंधन और महंगाई का दबाव आम परिवारों पर लगातार बना रहता है, तो प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत लोकप्रियता को सरकार के कमजोर आर्थिक प्रदर्शन से लंबे समय तक अलग रखना मुश्किल हो सकता है।














