गाजीपुर। बिजली की बदहाल व्यवस्था, गलत बिलिंग, जले ट्रांसफार्मरों और स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों को लेकर उत्तर प्रदेश किसान सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक राजेन्द्र यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को लालदरवाजा स्थित विद्युत वितरण मंडल कार्यालय पहुंचकर अधीक्षण अभियंता को 16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। किसान सभा ने चेताया कि 15 दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो जिलेभर में आंदोलन तेज किया जाएगा।
राजेन्द्र यादव ने कहा कि विभागीय लापरवाही, अनियमित विद्युत आपूर्ति, गलत बिलिंग और जर्जर व्यवस्था से किसान, मजदूर और आम उपभोक्ता परेशान हैं। ट्रांसफार्मर जलने के बाद समय से नहीं बदले जाते, जबकि जर्जर तार और खंभे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रहे हैं। गलत बिलों से गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और किसानों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
किसान सभा ने गलत बिलों में सुधार, जले ट्रांसफार्मरों को समयसीमा में बदलने, ओवरलोडेड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने तथा जर्जर तार-खंभों को बदलने की मांग की। विजिलेंस टीम की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई गई।
मांग पत्र में देवकटिया गांव की दस माह से बाधित आपूर्ति बहाल करने, धर्मागतपुर में 63 केवीए ट्रांसफार्मर की क्षमता 100 केवीए करने और लहना की कुशवाहा व मुसहर बस्तियों में क्षमता बढ़ाने की मांग शामिल है। हसनपुर मौजे में आपूर्ति शुरू कराने तथा पारा, सुखपुरा और चकिया की समस्याओं के समाधान पर भी जोर दिया गया।
किसान सभा ने सौभाग्य योजना के तहत बिना आपूर्ति और मीटर के जारी कथित मनमाने बिलों की जांच, स्मार्ट मीटर की शिकायतों का निस्तारण और पात्र उपभोक्ताओं को नियमानुसार मीटर विकल्प देने की मांग की। साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली तथा कृषि नलकूप कनेक्शन की प्रक्रिया सरल और सस्ती करने की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल में शशिकांत कुशवाहा, राजदेव यादव, ईश्वरलाल, घुरा यादव, दीना सिंह समेत अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।















