Thursday, September 24, 2026
Your Dream Technologies
HomeNCR Newsनोएडा की रिकॉर्ड कमाई के बीच किसान और मध्यम वर्ग की चिंता

नोएडा की रिकॉर्ड कमाई के बीच किसान और मध्यम वर्ग की चिंता

“ई-ऑक्शन में ₹147 करोड़ प्रति एकड़ तक पहुंची जमीन की बोली, वहीं किसान मुआवजे और पुनर्वास के लिए परेशान; मध्यम वर्ग को एक दशक से किफायती आवासीय योजना का इंतजार”

नोएडा: नोएडा आज देश के प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक निवेश केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। नोएडा प्राधिकरण की ओर से आयोजित मेगा ई-ऑक्शन में देश के बड़े डेवलपर्स के बीच लगी करोड़ों-अरबों रुपये की बोलियों ने शहर की जमीन की बढ़ती आर्थिक कीमत और निवेश क्षमता को एक बार फिर उजागर किया है। सेक्टर-108 में 12.5 एकड़ के भूखंड के लिए 1,839 करोड़ रुपये, यानी करीब 147 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की रिकॉर्ड बोली लगना इस तेजी का बड़ा उदाहरण है। वहीं सेक्टर-98 के एक भूखंड का 414 करोड़ रुपये में आवंटन हुआ, जबकि 19 औद्योगिक भूखंडों से प्राधिकरण को करीब 152 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ।

लेकिन विकास और निवेश की इस चमक के बीच अब यह सवाल भी उठ रहा है कि नोएडा की इस आर्थिक प्रगति का लाभ उन वर्गों तक कितना पहुंच रहा है, जिन्होंने इस शहर के निर्माण और विकास में अपनी जमीन, श्रम और सामाजिक योगदान दिया है।

आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने नोएडा प्राधिकरण, सरकार और जनप्रतिनिधियों से किसानों तथा मध्यम वर्ग की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।

रिकॉर्ड बोली और किसानों के मुआवजे के बीच बड़ा अंतर

नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक में आपसी सहमति के आधार पर किसानों के मुआवजे की दर बढ़ाकर 6,459 रुपये प्रति वर्ग मीटर किए जाने का फैसला लिया गया है। हालांकि, दिव्य कृष्णात्रेय का कहना है कि मौजूदा बाजार परिस्थितियों और क्षेत्र के सर्किल रेट की तुलना में यह राशि अभी भी किसानों की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त प्रतीत होती है।

उनका कहना है कि एक तरफ प्राधिकरण की जमीन खुले बाजार आधारित ई-ऑक्शन में 147 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक के मूल्य पर बिक रही है, वहीं दूसरी ओर अपनी पुश्तैनी जमीन विकास परियोजनाओं के लिए देने वाले किसानों के सामने भविष्य के पुनर्वास और परिवार के लिए नया आशियाना तैयार करने की चुनौती बनी हुई है।

किसानों की चिंता केवल मुआवजे तक सीमित नहीं है। जमीन अधिग्रहण या विकास के बाद उनके परिवारों के लिए आवास, रोजगार, शिक्षा और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा है।

“विकास की नींव रखने वालों को भी मिले उसका उचित हिस्सा”

दिव्य कृष्णात्रेय के अनुसार, नोएडा की आर्थिक सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है, लेकिन विकास तभी सार्थक माना जाएगा जब उसका लाभ समाज के विभिन्न वर्गों तक संतुलित रूप से पहुंचे।

उनका कहना है कि जिन किसानों की जमीन पर नोएडा का विस्तार हुआ, उन्हें ऐसा मुआवजा और पुनर्वास व्यवस्था मिलनी चाहिए जिससे वे अपने परिवार और आने वाली पीढ़ियों के लिए सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित कर सकें।

10 प्रतिशत आबादी के भूखंड समेत कई मांगें अब भी लंबित

नोएडा के ग्रामीण इलाकों और किसान संगठनों की कई पुरानी मांगें अभी भी समाधान की प्रतीक्षा में हैं। इनमें 10 प्रतिशत आबादी के भूखंडों का आवंटन, किसानों के परिवारों के लिए रोजगार और शिक्षा के अवसर तथा सम्मानजनक पुनर्वास व्यवस्था जैसी मांगें प्रमुख हैं।

कृष्णात्रेय का कहना है कि इन मांगों का स्थायी और व्यावहारिक समाधान विकास प्रक्रिया में ग्रामीण आबादी का विश्वास और मजबूत कर सकता है।

उनके मुताबिक, नोएडा का विस्तार केवल जमीन के व्यावसायिक उपयोग और बड़े निवेश तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसके साथ स्थानीय आबादी के सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास को भी विकास की प्राथमिकताओं में शामिल किया जाना आवश्यक है।

मध्यम वर्ग के सामने भी घर का सपना हुआ महंगा

नोएडा में केवल किसान ही नहीं, बल्कि मध्यम वर्ग भी आवासीय समस्या से जूझ रहा है। पिछले करीब एक दशक से प्राधिकरण की ओर से LIG, MIG और HIG श्रेणी के लिए व्यापक जनकल्याणकारी आवासीय योजनाएं सामने नहीं आई हैं।

वर्तमान में जो आवासीय प्लॉट योजनाएं उपलब्ध हैं, उनमें बड़ी संख्या ई-ऑक्शन के माध्यम से ऊंची कीमतों पर पेश की जा रही है। ऐसे में नौकरीपेशा और सामान्य आय वाले परिवारों के लिए नोएडा में अपना प्लॉट या मकान खरीदना लगातार कठिन होता जा रहा है।

दिव्य कृष्णात्रेय का कहना है कि नोएडा में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों के विस्तार के साथ-साथ किफायती आवास की व्यवस्था भी जरूरी है। यदि शहर में काम करने वाला मध्यम वर्ग यहां अपना घर नहीं खरीद पाता है, तो इससे आवागमन, किराये और पारिवारिक खर्च का दबाव भी बढ़ता है।

किफायती आवासीय योजनाओं की फिर से हो शुरुआत

आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 की ओर से मांग की गई है कि नोएडा प्राधिकरण मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग को ध्यान में रखते हुए LIG, MIG और HIG श्रेणी की आवासीय योजनाओं को फिर से शुरू करने पर विचार करे।

ऐसी योजनाओं के जरिए उन परिवारों को राहत मिल सकती है जो लंबे समय से नोएडा में अपना घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, लेकिन मौजूदा जमीन और आवास की कीमतों के कारण ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।

ई-ऑक्शन के राजस्व का एक हिस्सा जनहित में लगाने की अपील

आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 ने नोएडा प्राधिकरण से यह भी अपील की है कि ई-ऑक्शन से प्राप्त होने वाले बड़े राजस्व का एक हिस्सा किसानों की लंबित मांगों और मध्यम वर्ग के लिए किफायती आवासीय योजनाओं पर खर्च करने की दिशा में इस्तेमाल किया जाए।

दिव्य कृष्णात्रेय के मुताबिक, इससे नोएडा के विकास को अधिक संतुलित स्वरूप दिया जा सकता है। उनका कहना है कि शहर की आर्थिक मजबूती के साथ सामाजिक समावेशन भी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए।

दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा— “विकास का लाभ सभी वर्गों तक पहुंचे”

आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि नोएडा का आर्थिक रूप से मजबूत होना सभी के लिए गर्व की बात है, लेकिन विकास का लाभ केवल कुछ वर्गों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसान आज भी पर्याप्त मुआवजे, पुनर्वास और अपनी पुरानी मांगों के समाधान की उम्मीद कर रहे हैं। दूसरी ओर मध्यम वर्ग पिछले करीब एक दशक से किफायती आवासीय योजनाओं की प्रतीक्षा कर रहा है। महंगे ई-ऑक्शन आधारित प्लॉट आम परिवारों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं।

उन्होंने प्रशासन, सरकार और जनप्रतिनिधियों से किसानों और मध्यम वर्ग की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ समझने तथा इनके स्थायी और व्यावहारिक समाधान की दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया।

संतुलित विकास से बनेगा मजबूत नोएडा

नोएडा में बड़े निवेश, औद्योगिक विस्तार और जमीन की बढ़ती कीमतें शहर की आर्थिक क्षमता को दर्शाती हैं। लेकिन इस विकास के साथ सामाजिक संतुलन बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

किसानों के लिए उचित मुआवजा, लंबित आबादी भूखंडों का समाधान, रोजगार और शिक्षा के अवसर, सम्मानजनक पुनर्वास तथा मध्यम वर्ग के लिए किफायती आवास—ये ऐसे मुद्दे हैं जिनका समाधान शहर के भविष्य को व्यापक रूप से प्रभावित कर सकता है।

आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 की अपील है कि नोएडा के विकास की अगली दिशा ऐसी हो जिसमें निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ किसान, ग्रामीण आबादी और मध्यम वर्ग भी विकास के साझेदार बनें।

यही संतुलन नोएडा के आर्थिक विकास को सामाजिक रूप से भी मजबूत और दीर्घकालिक बना सकता है।

- Advertisement -
Your Dream Technologies
VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Call Now Button