Tuesday, September 22, 2026
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सेक्टर 105 और 108 में सुरक्षा व्यवस्था पर RWA का बड़ा सवाल: अवैध अतिक्रमण, खुली दुकानें और पुलिस सत्यापन की मांग, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की अपील

“निर्माण स्थलों पर सड़कों और नालियों पर कब्जे का आरोप, बाहरी लोगों के सत्यापन को लेकर चिंता; RWA अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने शासन-प्रशासन के समक्ष उठाईं जनहित की कई गंभीर समस्याएं”

नोएडा, 22 सितंबर 2026: नोएडा के सेक्टर 105 और 108 में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा, साफ-सफाई, अवैध अतिक्रमण और जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आरडब्ल्यूए ने शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। सेक्टर 105 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दोनों सेक्टरों की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने संबंधित विभागों और पुलिस प्रशासन से जनहित में तत्काल प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष के अनुसार, सेक्टरों के मुख्य प्रवेश द्वारों के बाहर अवैध ठेले, रेहड़ी-पटरी और दुकानों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सुबह से देर रात तक कमर्शियल वाहनों, ऑटो और ई-रिक्शों का जमावड़ा बना रहता है। उनका कहना है कि इस स्थिति के चलते स्थानीय निवासियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है और सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं। विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की गई है।

मुख्य प्रवेश द्वारों पर अतिक्रमण, यातायात और सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने बताया कि सेक्टर 105 और 108 के मुख्य प्रवेश द्वारों के आसपास लंबे समय से अवैध ठेलों, रेहड़ी-पटरी और दुकानों की समस्या बनी हुई है। उनके अनुसार, इन स्थानों पर सुबह से लेकर देर रात तक बड़ी संख्या में वाहन खड़े रहते हैं, जिससे प्रवेश और निकास मार्गों पर भीड़ की स्थिति बन जाती है।

उन्होंने कहा कि किसी भी आवासीय सेक्टर के मुख्य प्रवेश द्वार उसकी सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। यदि वहां अनियंत्रित रूप से दुकानें, वाहन और बाहरी लोगों की आवाजाही बनी रहे, तो निवासियों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्रवेश द्वारों के आसपास होने वाले अतिक्रमण की जांच की जाए और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।

आरडब्ल्यूए ने यह भी चिंता जताई कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों का कोई व्यवस्थित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में सुरक्षा निगरानी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। हालांकि, किसी व्यक्ति को केवल बाहरी होने के आधार पर संदिग्ध नहीं माना जाना चाहिए, लेकिन नियमों के अनुरूप सत्यापन और सार्वजनिक स्थानों की निगरानी सुनिश्चित करना जरूरी है।

सेक्टर 108 की RWA भी उठा रही समान समस्याएं

प्रेस विज्ञप्ति में सेक्टर 108 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिगंबर चौधरी का भी उल्लेख किया गया है। दिव्य कृष्णात्रेय के अनुसार, सेक्टर 108 के निवासी भी अतिक्रमण, सुरक्षा और अन्य जनसमस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दिगंबर चौधरी पिछले दो महीनों से फोनरवा ग्रुप में लगातार अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं।

दोनों सेक्टरों की समान समस्याओं का उल्लेख करते हुए आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने संकेत दिया कि स्थानीय स्तर पर शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। नागरिकों की समस्याओं पर केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित न रहकर मौके पर निरीक्षण और समयबद्ध कार्रवाई की व्यवस्था विकसित करने की मांग की गई है।

निर्माण स्थलों पर सड़कों और नालियों के इस्तेमाल को लेकर शिकायतें

सेक्टर 105 और 108 के भीतर चल रहे भवन निर्माण कार्यों को लेकर भी आरडब्ल्यूए ने गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, कई निर्माणकर्ताओं पर सड़कों और नालियों पर अवैध रूप से निर्माण सामग्री फैलाने का आरोप लगाया गया है।

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने बताया कि कुछ निर्माण स्थलों पर रोड़ी, बजरी, सीमेंट और सरिया सड़क के बड़े हिस्से में रखे हुए हैं। उनके अनुसार, कई जगहों पर निर्माण सामग्री के कारण सड़क का उपयोग करने वाले निवासियों को परेशानी हो रही है। उन्होंने संबंधित विभाग से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि निर्माण कार्य के दौरान सार्वजनिक मार्गों और नालियों पर अनधिकृत कब्जा न हो।

निर्माण सामग्री के बेतरतीब ढंग से रखे जाने से पैदल चलने वालों, दोपहिया वाहन चालकों और अन्य स्थानीय नागरिकों को असुविधा हो सकती है। इसके अतिरिक्त, यदि सड़क का एक बड़ा हिस्सा अवरुद्ध हो जाए, तो आपातकालीन वाहनों के आवागमन में भी बाधा उत्पन्न होने की आशंका रहती है। ऐसे मामलों में प्रशासनिक निरीक्षण और निर्धारित नियमों का पालन महत्वपूर्ण है।

नालियां अवरुद्ध, जलभराव और आवागमन में परेशानी का दावा

आरडब्ल्यूए की ओर से जारी विज्ञप्ति में निर्माण स्थलों के आसपास अवैध झुग्गी-झोपड़ियों के निर्माण और नालियों के अवरुद्ध होने की समस्या भी उठाई गई है। अध्यक्ष के अनुसार, नालियों में रुकावट के कारण पानी जमा होने की स्थिति बन रही है।

जलभराव की समस्या केवल आवागमन को प्रभावित नहीं करती, बल्कि लंबे समय तक पानी जमा रहने से स्वच्छता और मच्छरों से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। इसलिए आरडब्ल्यूए ने संबंधित विभाग से नालियों का निरीक्षण, अवरोध हटाने और नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य करने वालों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, ताकि सार्वजनिक संपत्ति, सड़क और जलनिकासी व्यवस्था को नुकसान न पहुंचे। आरडब्ल्यूए को निवासियों से लगातार शिकायतें प्राप्त होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने प्रशासन से शिकायतों की जांच कर आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।

कमर्शियल मार्केट की अनआवंटित दुकानों के खुले शटर पर सवाल

सेक्टर 105 में नोएडा प्राधिकरण द्वारा निर्मित कमर्शियल मार्केट को लेकर भी आरडब्ल्यूए ने सुरक्षा संबंधी चिंता जताई है। प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि मार्केट की अधिकांश गैर-आवंटित दुकानों के शटर खुले रहते हैं और वहां सुबह से शाम तक अज्ञात लोगों की आवाजाही बनी रहती है।

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष के अनुसार, इन दुकानों में कौन आ रहा है और कौन जा रहा है, इसका कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति को लेकर सेक्टरवासियों में चिंता है और वे नोएडा प्राधिकरण तथा पुलिस प्रशासन के समक्ष शिकायत दर्ज कराने के लिए आरडब्ल्यूए पर लगातार दबाव बना रहे हैं।

अनआवंटित दुकानों पर तत्काल ताले लगाने की मांग

आरडब्ल्यूए ने प्राधिकरण अधिकारियों से जनहित में अनआवंटित दुकानों की स्थिति की जांच कराने और यदि नियमों के विरुद्ध शटर खुले पाए जाते हैं, तो नियमानुसार उन्हें बंद कराने या सील करने की कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

इस मामले में यह स्पष्ट करना जरूरी होगा कि दुकानों के उपयोग, आवंटन और संचालन से संबंधित वास्तविक स्थिति का सत्यापन संबंधित प्राधिकरण द्वारा किया जाए। किसी भी कार्रवाई से पहले नियमों, संपत्ति की स्थिति और संबंधित पक्षों के अधिकारों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

बाहरी श्रमिकों और किरायेदारों के पुलिस सत्यापन की मांग

सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में आरडब्ल्यूए ने सेक्टरों के भीतर स्थित जर्जर दो-कमरों वाले कंप्लीशन हाउसों और विभिन्न निर्माण स्थलों पर रहने वाले बाहरी श्रमिकों तथा अन्य निवासियों के सत्यापन का विषय उठाया है।

दिव्य कृष्णात्रेय के अनुसार, इन स्थानों पर बड़ी संख्या में बाहरी श्रमिक और कुछ संदिग्ध बताए जा रहे व्यक्तियों के निवास की जानकारी सामने आई है, लेकिन इनका रिकॉर्ड आरडब्ल्यूए के पास उपलब्ध नहीं है। उन्होंने भविष्य में किसी आपराधिक या अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस सत्यापन की मांग की है।

यहां यह महत्वपूर्ण है कि पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया कानून और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार हो। किसी भी श्रमिक, किरायेदार या अन्य व्यक्ति के प्रति केवल उसके बाहरी क्षेत्र से आने के आधार पर पूर्वाग्रह नहीं होना चाहिए। सत्यापन का उद्देश्य पहचान, निवास और सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी को व्यवस्थित करना तथा कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाना होना चाहिए।

शत-प्रतिशत सत्यापन की मांग, प्रशासन से व्यवस्था बनाने का आग्रह

आरडब्ल्यूए ने मांग की है कि दोनों सेक्टरों में रहने वाले किरायेदारों, निर्माण श्रमिकों और अन्य संबंधित व्यक्तियों का नियमानुसार पुलिस सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, निर्माण स्थलों पर काम करने वाले ठेकेदारों और भवन निर्माणकर्ताओं की भी जिम्मेदारी तय करने की अपील की गई है।

अध्यक्ष ने कहा कि यदि सत्यापन प्रक्रिया नियमित और व्यवस्थित तरीके से लागू की जाए, तो निवासियों को सुरक्षा संबंधी जानकारी प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने प्रशासन से आरडब्ल्यूए के साथ समन्वय कर सत्यापन अभियान चलाने की मांग की है।

सर्विस रोडों पर गंदगी का मुद्दा, स्वास्थ्य विभाग से सफाई की अपील

सेक्टरों के बाहर स्थित मुख्य सर्विस रोडों की सफाई व्यवस्था पर भी आरडब्ल्यूए ने सवाल उठाए हैं। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नियमित सफाई न होने के कारण सर्विस रोडों पर भारी गंदगी जमा है।

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने नोएडा प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग से तत्काल संज्ञान लेने और सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की अपील की है। उनका कहना है कि आवासीय क्षेत्रों के आसपास साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नागरिकों के स्वास्थ्य और सुविधा के लिए आवश्यक है।

उन्होंने नियमित कूड़ा उठाने, सड़क किनारे जमा गंदगी हटाने और सफाई निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। आरडब्ल्यूए के अनुसार, सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी से स्थानीय निवासियों को राहत मिल सकती है और सार्वजनिक स्थानों की स्थिति में सुधार किया जा सकता है।

फोनरवा की बैठक के निर्देशों के बावजूद पुलिस संवाद पर सवाल

प्रेस विज्ञप्ति में फोनरवा द्वारा पुलिस कमिश्नर के साथ आयोजित बैठक का भी संदर्भ दिया गया है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने बताया कि बैठक में डीसीपी और एसीपी अधिकारियों को आरडब्ल्यूए के साथ निरंतर संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए थे।

हालांकि, उनके अनुसार, अभी तक सेक्टर 105 के निवासियों के साथ पुलिस के उच्चाधिकारियों की कोई बैठक आयोजित नहीं हो सकी है। उन्होंने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन से स्थानीय नागरिकों और आरडब्ल्यूए के साथ नियमित संवाद स्थापित करने की अपील की है।

पुलिस अधिकारियों की नियमित बैठक और पैदल गश्त की मांग

आरडब्ल्यूए ने मांग की है कि डीसीपी, एसीपी और संबंधित पुलिस अधिकारी समय-समय पर सेक्टर का दौरा करें। इसके अलावा, महीने में कम से कम एक बार सेक्टर में पैदल गश्त और भ्रमण की व्यवस्था करने का आग्रह किया गया है।

पैदल गश्त के माध्यम से पुलिस को स्थानीय समस्याओं, संवेदनशील स्थानों और निवासियों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को समझने में सहायता मिल सकती है। साथ ही, पुलिस और नागरिकों के बीच संवाद बढ़ने से शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया भी बेहतर हो सकती है।

आरडब्ल्यूए का मानना है कि नियमित पुलिस उपस्थिति से नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत किया जा सकता है। इसके लिए पुलिस अधिकारियों और निवासियों के बीच एक निर्धारित संपर्क व्यवस्था बनाने की जरूरत पर जोर दिया गया है।

प्रशासन के सामने रखीं गईं प्रमुख मांगें

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने शासन-प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से कई मांगों पर तत्काल कार्रवाई की अपील की है। इनमें मुख्य प्रवेश द्वारों से अवैध अतिक्रमण हटाना, खुली अनआवंटित दुकानों की जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई करना, निर्माण सामग्री को सड़कों से हटाना और नालियों को अवरोधमुक्त कराना शामिल है।

इसके अतिरिक्त, बाहरी सर्विस रोडों की सफाई, किरायेदारों और श्रमिकों का पुलिस सत्यापन तथा सेक्टर में नियमित पुलिस गश्त की व्यवस्था करने की मांग की गई है। उन्होंने संबंधित विभागों से इन मुद्दों पर समन्वित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

जनसमस्याओं के समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई जरूरी

सेक्टर 105 और 108 की आरडब्ल्यूए द्वारा उठाए गए मुद्दे आवासीय क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं, सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता व्यवस्था से जुड़े हैं। इन शिकायतों के समाधान के लिए नोएडा प्राधिकरण, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और निर्माण संबंधी अधिकारियों के बीच समन्वय आवश्यक होगा।

प्रेस विज्ञप्ति में आरडब्ल्यूए ने उम्मीद जताई है कि संबंधित विभाग जनहित में इन मांगों पर त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई करेंगे। साथ ही, अध्यक्ष ने निवासियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन से मौके पर निरीक्षण तथा आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग इन शिकायतों की जांच किस प्रकार करते हैं और अतिक्रमण, सफाई, दुकानों के संचालन, निर्माण स्थलों तथा पुलिस सत्यापन से जुड़े मामलों में क्या कार्रवाई की जाती है। स्थानीय निवासियों की समस्याओं के प्रभावी समाधान के लिए पारदर्शी प्रक्रिया, नियमित संवाद और समयबद्ध कार्रवाई की आवश्यकता बनी हुई है।

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VIKAS TRIPATHI
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