“श्री कल्याण सुंदरम शिव मंदिर में आरडब्ल्यूए ने धूमधाम से मनाई श्री राधा अष्टमी, महापूजा-आरती के बाद श्रद्धालुओं को बांटा चरणामृत और फलाहारी महाप्रसाद”
नोएडा, 20 सितंबर: सेक्टर-105 स्थित प्रसिद्ध श्री कल्याण सुंदरम शिव मंदिर रविवार को आस्था, भक्ति और उल्लास के रंग में सराबोर नजर आया। अवसर था श्री राधा अष्टमी के पावन पर्व का, जिसे सेक्टर-105 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और सेक्टरवासियों ने मिलकर बेहद भव्य एवं श्रद्धापूर्ण तरीके से मनाया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया और देखते ही देखते पूरा मंदिर परिसर भक्तों की भीड़ से भर गया।
श्री राधा रानी के दिव्य एवं मनमोहक श्रृंगार, विशेष महापूजा और संगीतमय आरती के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। मंदिर परिसर में लगातार गूंजते ‘राधे-राधे’ और ‘किशोरी जी’ के जयकारों ने माहौल को और भी आध्यात्मिक बना दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया और भक्ति गीतों पर झूमते हुए श्री राधा रानी के चरणों में शीश नवाया।
सुबह से ही मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
राधा अष्टमी के अवसर पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया था। श्री राधा रानी का आकर्षक श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। प्रातःकाल से ही महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे मंदिर पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की।
विशेष महापूजा के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। संगीतमय आरती के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ आरती में शामिल हुए। घंटियों और जयकारों के बीच पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
भक्तों ने भजनों पर झूमते हुए ‘राधे-राधे’ का संकीर्तन किया। इस दौरान मंदिर परिसर ही नहीं, बल्कि आसपास का क्षेत्र भी धार्मिक वातावरण से गूंज उठा।
महापूजा के बाद हुआ चरणामृत और महाप्रसाद वितरण
विशेष पूजा और आरती के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच पावन चरणामृत एवं फलाहारी महाप्रसाद का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में शामिल महिलाओं और बच्चों में भी विशेष उत्साह देखने को मिला।
आरडब्ल्यूए और सेक्टरवासियों की ओर से किए गए इस आयोजन में व्यवस्था को लेकर भी विशेष ध्यान रखा गया, जिससे श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और प्रसाद ग्रहण करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
श्री राधा अष्टमी के इस गरिमामयी आयोजन का नेतृत्व सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष श्री दिव्य कृष्णात्रेय ने किया। उनके साथ महासचिव श्री राजीव दुबलिश, उपाध्यक्ष श्रीमती रानी गौतम, कोषाध्यक्ष श्री सुरेश बंसल, संयुक्त सचिव श्री अनिल भदौरिया, श्री उमेश माथुर, श्री नवीन पालीवाल तथा श्री महेश चौहान सहित आरडब्ल्यूए के अन्य पदाधिकारियों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों और सेक्टरवासियों के सामूहिक प्रयास से मंदिर परिसर में पूरे दिन धार्मिक एवं उत्सवी वातावरण बना रहा। आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
‘धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का माध्यम’ : दिव्य कृष्णात्रेय
इस अवसर पर आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने सभी सेक्टरवासियों को श्री राधा अष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज को एक-दूसरे के करीब लाने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का भी माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है। सामूहिक रूप से मनाए जाने वाले पर्व समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।
मातृशक्ति और बच्चों की भी रही विशेष भागीदारी
श्री राधा अष्टमी समारोह में सेक्टर की मातृशक्ति की विशेष भागीदारी देखने को मिली। बड़ी संख्या में महिलाओं ने पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और आरती में हिस्सा लिया। बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण का आनंद लिया।
समारोह में सेक्टर के गणमान्य नागरिकों की भी उपस्थिति रही। विशेष रूप से श्री मनमोहन शर्मा, श्री ब्रह्म सिंह, श्री शिव कुमार शर्मा, श्रीमती रानी भदौरिया और श्रीमती रश्मी सिंह सहित बड़ी संख्या में सेक्टरवासी कार्यक्रम में शामिल हुए।
श्रद्धालुओं की मौजूदगी से मंदिर परिसर पूरे दिन जीवंत बना रहा। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने पूजा-अर्चना के साथ प्रसाद ग्रहण किया और श्री राधा रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
भजन और जयकारों से गूंजता रहा मंदिर परिसर
समारोह के दौरान भक्ति भजनों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती गई। भजनों के बीच श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए। ‘राधे-राधे’ और ‘किशोरी जी’ के जयकारों से मंदिर परिसर लगातार गूंजता रहा।
श्री राधा रानी के विशेष श्रृंगार ने भी श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। भक्तों ने दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार के लिए सुख, शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की।
सामूहिक सहभागिता ने बनाया आयोजन को यादगार
इस पूरे आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें केवल आरडब्ल्यूए पदाधिकारी ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में सेक्टरवासियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। सामूहिक प्रयास और सहभागिता ने समारोह को एक पारिवारिक एवं सामाजिक उत्सव का रूप दे दिया।
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने आयोजन के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखा। पूजा, आरती और प्रसाद वितरण के दौरान लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया।
श्री राधा अष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर में उमड़ी भीड़ ने यह भी दिखाया कि आधुनिक शहरी जीवन के बीच भी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति लोगों की आस्था और जुड़ाव कायम है।
महासचिव ने जताया सभी का आभार
कार्यक्रम के समापन पर आरडब्ल्यूए महासचिव श्री राजीव दुबलिश ने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों, सेक्टरवासियों, महिलाओं, बच्चों और गणमान्य नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि श्री राधा अष्टमी समारोह को सफल बनाने में सभी का सहयोग महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि सेक्टरवासियों की सामूहिक सहभागिता ने इस धार्मिक आयोजन को यादगार बना दिया।
भक्ति के साथ सामाजिक एकता का संदेश
श्री कल्याण सुंदरम शिव मंदिर में आयोजित श्री राधा अष्टमी समारोह ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और सामुदायिक सहभागिता का संदेश भी दिया। पूरे आयोजन में सेक्टरवासियों ने एक परिवार की तरह मिलकर पर्व मनाया।
पूजा-अर्चना, भजन, आरती, जयकारों और प्रसाद वितरण के बीच पूरा सेक्टर भक्तिमय नजर आया। आयोजन के समापन के बाद भी श्रद्धालुओं में पर्व को लेकर उत्साह बना रहा।
सेक्टर-105 में आयोजित यह श्री राधा अष्टमी समारोह न केवल श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव लेकर आया, बल्कि स्थानीय समुदाय के बीच आपसी प्रेम, भाईचारे और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत करने वाला अवसर बन गया। मंदिर परिसर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और लोगों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया।















