“प्रभु श्रीराम और बजरंगबली के जयकारों से गूंजा ग्रेटर नोएडा वेस्ट, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रज्ज्वलित हुई यज्ञ की पवित्र अग्नि”
ग्रेटर नोएडा वेस्ट। सेक्टर-2 स्थित ग्राम पतवारी के सुप्रसिद्ध नव दुर्गा मंदिर प्रांगण में बुधवार को 152वें मारुति महायज्ञ का धार्मिक एवं वैदिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य शुभारंभ हुआ। महायज्ञ के शुभारंभ के साथ ही पूरा क्षेत्र प्रभु श्रीराम और भक्त शिरोमणि हनुमान जी के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन की सुगंध और भक्ति संगीत के बीच पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।
यह महायज्ञ काशी के प्रसिद्ध संत, यज्ञ सम्राट पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी श्री जगदीश जी महाराज के दिव्य मार्गदर्शन एवं पावन सानिध्य में आयोजित किया जा रहा है। स्वामी जगदीश जी महाराज पूज्य ब्रह्मर्षि देवरहा बाबा के परम शिष्य बताए जाते हैं। उनके निर्देशन में विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक परंपराओं के अनुरूप यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं।
मंत्रोच्चार के बीच मुख्य अतिथि ने प्रज्ज्वलित की यज्ञ की अग्नि
महायज्ञ के प्रथम दिन गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती दीपिका मिश्रा के साथ मुख्य यजमानों और विद्वान आचार्यों की उपस्थिति में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने यज्ञ की पवित्र अग्नि प्रज्ज्वलित की।
अग्नि देव के आह्वान के साथ ही यज्ञ कुंडों में आहुतियां देने का क्रम शुरू हुआ। वातावरण में गूंजते वैदिक मंत्रों और श्रद्धालुओं द्वारा लगाए जा रहे जयकारों ने आयोजन को और भव्य बना दिया। बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने यज्ञ की परिक्रमा की और धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होकर विश्व कल्याण, शांति और समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर अति विशिष्ट अतिथि के रूप में नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष आलोक द्विवेदी भी पहुंचे। उन्होंने भी विधि-विधान के साथ यज्ञ में आहुति दी और विश्व में शांति, मानव कल्याण तथा समाज की समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
20 सितंबर तक चलेगा धार्मिक अनुष्ठान, पूर्णाहुति के बाद विशाल भंडारा
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक महंत टीकम सिंह जी ने बताया कि 152वां मारुति महायज्ञ 20 सितंबर तक निरंतर चलेगा। महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक मुख्य पूजन, हवन और धार्मिक पाठ का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आयोजन के अंतिम दिन यानी 20 सितंबर को महायज्ञ की पूर्णाहुति विधि-विधान के साथ संपन्न होगी। पूर्णाहुति के बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों की ओर से भंडारे की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में पहुंचकर धार्मिक आयोजन में शामिल होने की अपील की गई है।
महंत टीकम सिंह ने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में धार्मिक आस्था, आपसी सद्भाव और सनातन परंपराओं को मजबूत करने का माध्यम भी है। उन्होंने धर्मप्रेमी बंधुओं से महायज्ञ में शामिल होकर यज्ञ की परिक्रमा करने और आहुति देने का आग्रह किया।
फूलों, ध्वजाओं और विद्युत सजावट से सजा नव दुर्गा मंदिर परिसर
महायज्ञ को लेकर नव दुर्गा मंदिर परिसर की विशेष सजावट की गई है। मंदिर प्रांगण को रंग-बिरंगे फूलों, धार्मिक ध्वजाओं और आकर्षक विद्युत लड़ियों से सजाया गया है। शाम होते ही विद्युत सजावट से पूरा मंदिर परिसर रोशनी से जगमगा उठता है।
महायज्ञ के पहले ही दिन पतवारी गांव के अलावा ग्रेटर नोएडा वेस्ट की आसपास की सोसायटियों और दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए, यज्ञ की परिक्रमा की और हवन में आहुति देकर धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की।
श्रद्धालुओं के पहुंचने से मंदिर परिसर में पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल बना रहा। बुजुर्गों से लेकर युवाओं और महिलाओं तक बड़ी संख्या में लोग आयोजन में शामिल हुए। कई श्रद्धालु परिवार के साथ पहुंचे और यज्ञ में भाग लेकर धार्मिक अनुष्ठान का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में आस्था का बड़ा केंद्र बना आयोजन
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेजी से बढ़ती आबादी के बीच पतवारी स्थित नव दुर्गा मंदिर लंबे समय से धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। 152वें मारुति महायज्ञ के आयोजन ने इस धार्मिक स्थल को एक बार फिर श्रद्धालुओं से जोड़ दिया है।
आयोजन स्थल पर सुबह से ही धार्मिक गतिविधियां शुरू हो जाती हैं। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन और पूजन के अलावा श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक पाठ भी आयोजित किए जा रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि महायज्ञ में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
महायज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मंदिर समिति के स्वयंसेवक व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही, यज्ञ स्थल की व्यवस्था और अन्य आवश्यक इंतजामों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और स्वयंसेवक मुस्तैद
महायज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ मंदिर समिति के स्वयंसेवक भी आयोजन स्थल पर पूरी तरह मुस्तैद हैं।
श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने, मंदिर परिसर में अनुशासन बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए स्वयंसेवकों की टीम सक्रिय है। आयोजन के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधाजनक तरीके से दर्शन और यज्ञ स्थल तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
आयोजकों के अनुसार, महायज्ञ के अंतिम दिन 20 सितंबर को पूर्णाहुति और विशाल भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है।
विश्व कल्याण और शांति की कामना के साथ जारी रहेगा महायज्ञ
मारुति महायज्ञ में यज्ञ और हवन के माध्यम से विश्व कल्याण, शांति, समृद्धि और समाज में सद्भाव की कामना की जा रही है। आयोजकों का कहना है कि यज्ञ भारतीय वैदिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके माध्यम से लोगों को आध्यात्मिक एवं सामाजिक रूप से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
महायज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान का अवसर उपलब्ध रहेगा। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे परिवार सहित मंदिर परिसर में पहुंचें और धार्मिक कार्यक्रम में सहभागिता करें।
महंत टीकम सिंह ने कहा कि सभी धर्मप्रेमी बंधु महायज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें, यज्ञ की परिक्रमा करें और आहुति देकर प्रभु श्रीराम एवं हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि 20 सितंबर को होने वाले पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे में भी श्रद्धालुओं की सहभागिता आयोजन को और भव्य बनाएगी।
20 सितंबर को पूर्णाहुति के साथ होगा समापन
152वें मारुति महायज्ञ को लेकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पतवारी और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक उत्साह बना हुआ है। आगामी दिनों में भी श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चलने वाले पूजन, हवन और धार्मिक पाठ के बाद 20 सितंबर को विधि-विधान से महायज्ञ की पूर्णाहुति होगी।
पूर्णाहुति के बाद आयोजित होने वाला विशाल भंडारा इस धार्मिक आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। आयोजकों ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमी लोगों से इसमें शामिल होने का आह्वान किया है। मंदिर परिसर में जारी धार्मिक अनुष्ठानों के बीच फिलहाल पतवारी से लेकर आसपास के पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल बना हुआ है।














