। लखनऊ के ईको गार्डन में 24 अगस्त से धरने पर बैठे पंचायत सहायकों के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पंचायत सहायकों का मानदेय तीन हजार रुपये बढ़ाने की घोषणा की है। अब उन्हें छह हजार रुपये के स्थान पर नौ हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बुधवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद यह निर्णय लिया गया। प्रदेश में 57 हजार से अधिक पंचायत सहायक कार्यरत हैं।ब्रेकिंग
मंत्री ने कहा कि अब ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव अपनी मर्जी से किसी पंचायत सहायक को पद से नहीं हटा सकेंगे। सेवा समाप्त करने से पहले जिलाधिकारी के नेतृत्व में गठित कमेटी मामले की जांच करेगी। जांच के बाद ही सेवा समाप्ति का निर्णय लिया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन के दौरान पंचायत सहायकों के खिलाफ दर्ज मुकदमे भी वापस लिए जाएंगे। साथ ही अब मानदेय सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। पहले राशि ग्राम प्रधान के खाते में आती थी और सचिव व प्रधान के हस्ताक्षर के बाद भुगतान किया जाता था।
गौरतलब है कि पंचायत सहायक मानदेय बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर ईको गार्डन में धरना दे रहे थे। बसपा प्रमुख मायावती ने भी उनकी मांगों पर विचार करने की बात कही थी। अपना दल (कमेरावादी) की पल्लवी पटेल और सांसद चंद्रशेखर धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन जता चुके हैं।
14 सितंबर को पंचायत सहायकों से मुलाकात के दौरान मंत्री ने 20 से 25 हजार रुपये मानदेय की मांग को लेकर कहा था कि इतनी राशि मिलना संभव नहीं है। उन्होंने पंचायत सहायकों से कामकाज में सक्रियता बढ़ाने की भी बात कही थी।














