“25 सेकंड में 18 राउंड फायरिंग कर हरियाणवी सिंगर को बनाया था निशाना; 80 से ज्यादा CCTV कैमरों की पड़ताल के बाद UP पुलिस और STF का बड़ा एक्शन”
शामली: हरियाणवी सिंगर, यूट्यूबर और पूर्व कबड्डी खिलाड़ी अंकित बालियान की सनसनीखेज हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ ने बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के दौरान हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे दो कथित शूटरों को मार गिराया है। मारे गए बदमाशों की पहचान मोहित पुत्र महेश निवासी वाहियापुर, थाना सिटी सोनीपत और सुमित पुत्र धर्मपाल निवासी ऋषिकुंज, सोनीपत, हरियाणा के रूप में बताई गई है।
अंकित बालियान की हत्या के बाद से ही पुलिस और एसटीएफ की टीमें लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। जांच का दायरा शामली से आगे हरियाणा तक बढ़ाया गया। पुलिस ने तकनीकी निगरानी, CCTV फुटेज और आरोपियों की गतिविधियों के रूट को खंगालते हुए उन तक पहुंचने की कोशिश की। अब दो कथित शूटरों के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद हत्याकांड की जांच निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है।
लेकिन इस कार्रवाई के बाद भी सबसे बड़ा सवाल कायम है—अंकित बालियान की हत्या की सुपारी किसने दी थी?
जिम से बाहर निकलते ही बरसने लगीं गोलियां
अंकित बालियान की हत्या 26 अगस्त 2026 की शाम शामली कोतवाली क्षेत्र में जिम के बाहर हुई थी। बताया गया कि अंकित जिम से कसरत करने के बाद बाहर निकले और अपनी स्कॉर्पियो की ओर बढ़ रहे थे।
इसी दौरान पहले से घात लगाए हमलावरों ने अचानक उन पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। हमलावर दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर पहुंचे थे। उन्होंने बेहद कम समय में वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार करीब 25 सेकंड के भीतर 18 राउंड फायरिंग की गई। अचानक हुई इस ताबड़तोड़ गोलीबारी से आसपास का इलाका दहल उठा। अंकित को कई गोलियां लगीं और उनकी मौत हो गई।
वारदात के बाद पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में सनसनी फैल गई। परिवार में मातम छा गया और परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी तथा हत्याकांड में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
80 से ज्यादा CCTV कैमरों ने खोली जांच की राह
हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और एसटीएफ ने जांच को कई स्तरों पर आगे बढ़ाया। घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज के साथ-साथ उन रास्तों की भी पड़ताल की गई, जिनका इस्तेमाल हमलावरों ने वारदात से पहले और बाद में किया था।
जांच टीम ने 80 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के जरिए संदिग्ध मोटरसाइकिलों की आवाजाही और आरोपियों के संभावित रूट को ट्रेस किया गया।
पुलिस जांच में यह जानकारी सामने आने की बात कही गई कि कथित शूटर हरियाणा के करनाल क्षेत्र से शामली पहुंचे थे। वारदात से पहले उन्होंने इलाके की रेकी की और अंकित के जिम से बाहर निकलने का इंतजार किया।
हत्या के बाद आरोपियों के बागपत और सोनीपत की दिशा में भागने की जानकारी भी जांच के दौरान सामने आई। इसके बाद पुलिस और एसटीएफ ने हरियाणा से जुड़े संभावित ठिकानों और संदिग्धों पर निगरानी बढ़ाई।
मोहित और सुमित पर टिकी थी पुलिस की नजर
पुलिस और एसटीएफ की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, दो संदिग्धों की भूमिका सामने आने की बात कही गई। इनकी पहचान मोहित और सुमित के रूप में बताई गई है।
दोनों को अंकित बालियान हत्याकांड से जोड़कर पुलिस और एसटीएफ तलाश कर रही थी। आखिरकार संयुक्त टीम की कार्रवाई के दौरान दोनों कथित बदमाश मुठभेड़ में मारे गए।
पुलिस की ओर से मुठभेड़ और आरोपियों की भूमिका को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी महत्वपूर्ण है। जांच एजेंसियां अब इस बात पर भी फोकस करेंगी कि दोनों कथित शूटर किन लोगों के संपर्क में थे और उनके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा था।
दो शूटर ढेर, लेकिन ‘सुपारी देने वाला’ कौन?
अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में अब सबसे बड़ा सवाल यही बन गया है कि आखिर हत्या की पूरी साजिश किसने रची थी।
अगर दोनों आरोपी वास्तव में शूटर थे तो उन्हें हत्या के लिए किसने तैयार किया?
उन्हें अंकित की गतिविधियों की जानकारी किसने दी?
जिम के बाहर अंकित के पहुंचने और निकलने की जानकारी उन्हें कैसे मिली?
वारदात के लिए हथियार और मोटरसाइकिलों की व्यवस्था किसने की?
और सबसे महत्वपूर्ण—अंकित बालियान को निशाना बनाने के पीछे मकसद क्या था?
इन सवालों के जवाब सामने आने के बाद ही हत्याकांड की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
— Shamli police (@PoliceShamli) August 31, 2026
गैंग कनेक्शन और पुरानी रंजिश का एंगल भी जांच में
पुलिस की शुरुआती जांच में गैंग कनेक्शन और आपसी रंजिश का एंगल सामने आने की बात कही गई है। सोशल मीडिया पर भी हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा करने वाली पोस्ट सामने आने की चर्चा रही है।
हालांकि सोशल मीडिया पर किए गए किसी भी दावे को तब तक अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता, जब तक पुलिस जांच में उसकी पुष्टि न हो।
जांच एजेंसियों के लिए अब सबसे जरूरी यह पता लगाना होगा कि मारे गए दोनों कथित शूटरों के संपर्क किन लोगों से थे। उनके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, डिजिटल संपर्क और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस को आगे की जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद होगी।
यही सुराग कथित मास्टरमाइंड तक पहुंचने का रास्ता खोल सकते हैं।
परिवार को अब पूरी साजिश के पर्दाफाश का इंतजार
अंकित बालियान की हत्या ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। बेटे की हत्या के बाद परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की थी।
अब दो कथित शूटरों के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद परिवार को उम्मीद है कि पुलिस जांच आगे बढ़ेगी और हत्या के पीछे मौजूद पूरी साजिश सामने आएगी।
परिवार के लिए न्याय केवल उन लोगों तक कार्रवाई सीमित रहने से पूरा नहीं होगा जिन्होंने कथित तौर पर गोली चलाई। परिवार यह जानना चाहता है कि उनके बेटे की हत्या का आदेश किसने दिया और इसके पीछे कौन लोग थे।
यही वजह है कि अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
शामली से सोनीपत तक जांच का दायरा
इस हत्याकांड की जांच ने एक बार फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच मौजूद आपराधिक नेटवर्क को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
वारदात शामली में हुई, जबकि जांच में कथित आरोपियों के हरियाणा से जुड़े होने की बात सामने आई। ऐसे में पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि आरोपियों ने वारदात से पहले और बाद में किन लोगों से संपर्क किया था।
जांच एजेंसियां यदि आरोपियों के नेटवर्क की पूरी कड़ी जोड़ने में सफल होती हैं तो हत्याकांड के पीछे मौजूद अन्य संदिग्धों तक पहुंचना संभव हो सकता है।
एनकाउंटर के बाद जांच की अगली चुनौती—मास्टरमाइंड तक पहुंचना
अंकित बालियान हत्याकांड में दो कथित शूटरों का मुठभेड़ में मारा जाना पुलिस और एसटीएफ के लिए एक महत्वपूर्ण कार्रवाई है। लेकिन जांच का असली लक्ष्य अब और बड़ा हो गया है।
अब पुलिस के सामने चुनौती है कि मारे गए आरोपियों के संपर्कों की पड़ताल कर कथित साजिशकर्ताओं तक पहुंचा जाए।
अगर किसी बड़े गैंग या आपराधिक नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो उसकी पूरी कड़ी को उजागर करना जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
शूटर ढेर हो गए, लेकिन साजिश का सिरा अभी बाकी है।
अंकित बालियान हत्याकांड में 26 अगस्त की वह शाम आज भी कई सवाल छोड़ गई है। जिम के बाहर कुछ ही सेकंड में हुई 18 राउंड की फायरिंग ने एक कलाकार, खिलाड़ी और यूट्यूबर की जिंदगी खत्म कर दी। अब दो कथित शूटरों के मारे जाने के बाद सवाल यह है कि इस हत्या की पटकथा लिखने वाला कौन था?
‘पर्दाफाश न्यूज़’ की नजर पूरे मामले पर
अंकित बालियान हत्याकांड में मुठभेड़ के बाद जांच का एक अध्याय जरूर आगे बढ़ा है, लेकिन पूरी कहानी अभी सामने आना बाकी है।
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही हैं—
अंकित बालियान की हत्या क्यों कराई गई?
हत्या की सुपारी किसने दी?
शूटरों को निर्देश किसने दिए?
क्या इसके पीछे कोई बड़ा गैंग या आपराधिक नेटवर्क था?
और सबसे बड़ा सवाल—
क्या पुलिस कथित मास्टरमाइंड तक पहुंच पाएगी?
इन सवालों के जवाब ही इस सनसनीखेज हत्याकांड की असली तस्वीर सामने लाएंगे।
“पर्दाफाश न्यूज़” इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। पुलिस जांच में हत्या की वजह, कथित साजिशकर्ताओं और शूटरों के नेटवर्क को लेकर जैसे-जैसे आधिकारिक जानकारी सामने आएगी, उसे प्रमुखता से पाठकों तक पहुंचाया जाएगा।
फिलहाल मुठभेड़ में दो कथित शूटरों के मारे जाने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर हरियाणा तक निगाहें पुलिस और एसटीएफ की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
क्योंकि दो शूटरों की कहानी खत्म हुई है—लेकिन अंकित बालियान हत्याकांड की पूरी कहानी अभी बाकी है।














