बिरनो। सावन के महीने में कांवड़ लेकर जल चढ़ाने मुंबई से अपने गांव आए 40 वर्षीय रमेश राजभर की सियार के काटने के करीब 15 दिन बाद मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं गांव में भी हड़कंप मचा हुआ है।
दिलावल पट्टी निवासी रमेश राजभर मुंबई में एक कंपनी में काम करते थे। वह हर वर्ष सावन में कांवड़ लेकर जल चढ़ाने गांव आते थे। इस वर्ष भी वह सावन में घर आए थे। करीब 15 दिन पहले रात में सोते समय सियार ने उन्हें काट लिया था। परिजनों के अनुसार, उन्होंने रेबीज का इंजेक्शन भी लगवाया था। इसके बावजूद करीब 15 दिन बाद उनमें रेबीज के लक्षण दिखाई देने लगे और हालत बिगड़ती चली गई। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
रमेश परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत से पत्नी सुनीता, पुत्रियां शालू (18), अनु (16) और 12 वर्षीय पुत्र अंश का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
बिरनो थाना प्रभारी सत्येंद्र यादव ने बताया कि घटना की सूचना मिली है। पंचनामा भरकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।














