“तीन महिलाओं ने बाथरूम और एक पुरुष व 15 वर्षीय किशोर ने कमरे में फांसी लगाई; भारी कर्ज और आर्थिक तंगी की आशंका, पुलिस हर एंगल से कर रही जांच”
श्रीशैलम/नंदयाल। आंध्र प्रदेश के नंदयाल जिले के प्रसिद्ध तीर्थस्थल श्रीशैलम में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक निजी तीर्थयात्री लॉज के कमरे में एक ही परिवार के पांच लोगों के शव फंदे से लटके मिले। मृतकों में तीन महिलाएं, एक पुरुष और 15 वर्षीय किशोर शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही श्रीशैलम पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा खोलकर शवों को बाहर निकाला। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि परिवार ने आर्थिक तंगी और भारी कर्ज से परेशान होकर सामूहिक रूप से यह कदम उठाया होगा। हालांकि, पुलिस ने अभी आत्महत्या की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
तीन दिन तक कमरे से नहीं निकला कोई सदस्य, बदबू आने पर खुला राज
जानकारी के अनुसार, श्री सत्य साईं जिले के बत्तालापल्ली गांव का रहने वाला यह परिवार पिछले महीने की 28 तारीख को ऑटो-रिक्शा से श्रीशैलम पहुंचा था। परिवार ने यहां एक निजी तीर्थयात्रियों के लॉज में कमरा नंबर 11 किराए पर लिया था। शुरुआत में परिवार के सदस्य रोजाना कमरे से बाहर निकलते थे और भोजन करने के बाद वापस लॉज लौट आते थे।
बताया गया कि कुछ समय बाद लगातार तीन दिनों तक कमरे से कोई भी सदस्य बाहर नहीं निकला। लॉज कर्मचारियों को भी कमरे के अंदर से किसी प्रकार की गतिविधि दिखाई नहीं दी। इसी दौरान कमरे से दुर्गंध आने लगी। स्थिति संदिग्ध लगने पर लॉज के प्रबंधक ने खिड़की से अंदर झांककर देखा। अंदर का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए। कमरे में पांचों लोगों के शव फंदे से लटके हुए दिखाई दिए।
प्रबंधक ने बिना देर किए श्रीशैलम पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।
कमरा खोलते ही सामने आया खौफनाक मंजर
पुलिस के अनुसार, डीएसपी रमनजी नाइक की निगरानी में लॉज के कमरे का दरवाजा खोला गया। अंदर जांच करने पर पता चला कि परिवार के पांचों सदस्यों ने अलग-अलग स्थानों पर फांसी लगाई थी।
पुलिस को कमरे के बाथरूम में तीन महिलाओं के शव मिले, जबकि एक पुरुष और 15 वर्षीय बच्चे का शव कमरे में सीलिंग फैन से लटका हुआ मिला। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही जरूरी साक्ष्य जुटाए और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की।
मृतकों की पहचान सुधाकर (36), गोगुला आदिलक्ष्मी (50), मल्लेश्वरी (45), श्रीदेवी (33) और मणिकांठा (15) के रूप में हुई है।
मृतकों में तीन बहनें, पारिवारिक परिस्थितियों की भी जांच
पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मृत तीनों महिलाएं आपस में बहनें थीं। बताया गया है कि इनमें से दो महिलाओं को उनके पतियों ने छोड़ दिया था और वे अपने मायके में रह रही थीं, जबकि एक महिला की शादी नहीं हुई थी। मृतक किशोर इनमें से एक महिला का बेटा बताया जा रहा है।
पुलिस अब परिवार की आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है। जांच अधिकारियों को आशंका है कि परिवार लंबे समय से आर्थिक संकट और कर्ज के दबाव में था। इसी वजह से सभी लोग श्रीशैलम पहुंचे और कथित तौर पर सामूहिक रूप से आत्महत्या का फैसला लिया।
हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि सिर्फ आर्थिक तंगी को आत्महत्या की वजह मानकर जांच बंद नहीं की जाएगी। घटना के पीछे किसी अन्य कारण, दबाव, विवाद या दूसरे पहलू की संभावना को भी ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
लॉज प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
घटना सामने आने के बाद श्रीशैलम देवस्थानम के चेयरमैन पोथुगुंटा रमेश नायडू और एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (EO) श्रीनिवासराव ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने उस कमरे का जायजा लिया जहां पांच लोगों के शव मिले थे।
निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने लॉज प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। सबसे बड़ा सवाल यह उठाया गया कि परिवार को निर्धारित 48 घंटे की समय-सीमा से अधिक समय तक कमरे में रहने की अनुमति कैसे दी गई।
अधिकारियों का कहना है कि तीर्थयात्री लॉज में ठहरने वाले लोगों की नियमित निगरानी और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। यदि परिवार कई दिनों तक कमरे से बाहर नहीं निकला और कमरे से दुर्गंध भी आने लगी, तो प्रबंधन को पहले ही इसकी जानकारी हो जानी चाहिए थी।
लॉज प्रबंधन को नोटिस, दूसरे लॉजों को भी सख्त निर्देश
श्रीशैलम देवस्थानम प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लॉज प्रबंधन को नोटिस जारी करने की बात कही है। साथ ही इलाके में संचालित अन्य तीर्थयात्री लॉज के प्रबंधकों को भी नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि तीर्थस्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और यात्री आते हैं। ऐसे में लॉज संचालकों की जिम्मेदारी है कि वे कमरों में ठहरने वाले यात्रियों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रिकॉर्ड रखें और लंबे समय तक किसी कमरे में गतिविधि नहीं होने पर तुरंत जानकारी लें।
DSP बोले—हर एंगल से हो रही जांच
डीएसपी रमनजी नाइक ने कहा कि प्रारंभिक जांच में आर्थिक तंगी और कर्ज को घटना की संभावित वजह माना जा रहा है, लेकिन अभी जांच पूरी नहीं हुई है। पुलिस इस घटना को हर एंगल से देख रही है।
उन्होंने कहा कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, परिवार की परिस्थितियों और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मौत की परिस्थितियों के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
गांव में पसरा मातम, परिजनों को दी गई सूचना
घटना की जानकारी बत्तालापल्ली गांव में मृतकों के परिवार और रिश्तेदारों को दे दी गई है। एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया। परिवार और परिचितों के बीच शोक का माहौल है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि परिवार श्रीशैलम आने से पहले किन परिस्थितियों से गुजर रहा था, उन पर कितना कर्ज था और क्या किसी व्यक्ति या संस्था से उनका आर्थिक विवाद चल रहा था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि श्रीशैलम पहुंचने के बाद परिवार के सदस्यों ने किसी से संपर्क किया था या नहीं।
आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवारों के लिए बड़ा सवाल
श्रीशैलम की यह घटना सिर्फ पांच लोगों की मौत का मामला नहीं है, बल्कि आर्थिक और पारिवारिक संकट से जूझ रहे लोगों की मानसिक स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। आर्थिक परेशानियां कितनी भी गंभीर क्यों न हों, आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है। ऐसे मामलों में परिवार, रिश्तेदारों और समाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और सभी की नजर इस बात पर है कि पोस्टमार्टम तथा जांच से आगे क्या तथ्य सामने आते हैं। पुलिस यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि पांचों मौतों की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके और यदि घटना में किसी प्रकार की लापरवाही या अन्य भूमिका सामने आती है तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाए।














