Sunday, August 16, 2026
Your Dream Technologies
HomeDelhi NCR100 अटल कैंटीन का संकल्प पूरा, 5 रुपये में मिलेगा पौष्टिक भोजन;...

100 अटल कैंटीन का संकल्प पूरा, 5 रुपये में मिलेगा पौष्टिक भोजन; दिल्ली में रोज 1 लाख लोगों का पेट भरेगी ‘अटल रसोई’

“आठ महीने में दिल्ली सरकार ने पूरा किया 100 अटल कैंटीन शुरू करने का वादा, 25 नई कैंटीनों का शुभारंभ; अब तक करीब 95 लाख सब्सिडी वाले भोजन बांटे गए”

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जनसेवा, अंत्योदय और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने की भावना को समर्पित ‘अटल कैंटीन’ योजना ने रविवार को एक अहम पड़ाव हासिल कर लिया। दिल्ली सरकार ने महज आठ महीने में 100 अटल कैंटीन शुरू करने का अपना संकल्प पूरा कर लिया है। 16 अगस्त को अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद मनोज तिवारी और दिल्ली सरकार के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद की मौजूदगी में विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के पास 25 नई अटल कैंटीनों का शुभारंभ किया।

इन कैंटीनों के शुरू होने के साथ ही राजधानी में 100 अटल कैंटीन अब जनता की सेवा के लिए उपलब्ध हो गई हैं। सरकार के मुताबिक इन कैंटीनों में महज 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका लाभ गरीबों, श्रमिकों, झुग्गी बस्तियों में रहने वाले परिवारों के साथ-साथ जरूरतमंद विद्यार्थियों और दिल्ली में रोजगार की तलाश में आने वाले लोगों को भी मिलेगा।

आठ महीने में पूरा हुआ 100 कैंटीन का लक्ष्य

दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) ने 25 दिसंबर 2025 को अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर इस योजना की शुरुआत की थी। सरकार ने 100 कैंटीन स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग इलाकों में कैंटीन शुरू की गईं और निर्धारित समयसीमा में यह लक्ष्य पूरा कर लिया गया।

रविवार को 25 नई कैंटीनों के उद्घाटन के साथ दिल्ली में अटल कैंटीनों की संख्या 100 हो गई। सरकार का दावा है कि योजना के तहत अब तक करीब 95 लाख सब्सिडी वाले भोजन लोगों को उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

यह योजना दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए उस वादे को पूरा करने की दिशा में भी अहम कदम है, जिसमें दिल्लीवासियों से 100 अटल कैंटीन स्थापित करने का संकल्प लिया गया था।

रोज एक लाख लोगों को मिलेगा भोजन

100 अटल कैंटीनों के पूरी तरह संचालित होने के बाद प्रतिदिन करीब एक लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराने की क्षमता विकसित हो गई है। कैंटीनों में सालभर बिना किसी अवकाश के जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

सरकार के अनुसार सभी 100 कैंटीन मिलकर एक वर्ष में करीब 3.65 करोड़ भोजन की थालियां उपलब्ध कराने की क्षमता रखती हैं। यानी यह योजना सिर्फ एक कल्याणकारी पहल नहीं, बल्कि राजधानी में बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों के लिए नियमित और सस्ते भोजन का माध्यम बनने जा रही है।

विश्वविद्यालय के छात्रों को भी मिलेगा लाभ

इस योजना का विस्तार अब दिल्ली विश्वविद्यालय के आसपास रहने वाले विद्यार्थियों तक भी किया गया है। विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के पास शुरू की गई नई अटल कैंटीन से हॉस्टल और पीजी में रहने वाले जरूरतमंद छात्रों को सस्ता और पौष्टिक भोजन मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय क्षेत्र में बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपने परिवार से दूर रहकर पढ़ाई करते हैं। कई छात्रों के लिए रोजाना बाहर खाना आर्थिक रूप से मुश्किल होता है। ऐसे में अटल कैंटीन उनके लिए राहत का माध्यम बनेगी।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है और अटल कैंटीन उनके लिए सस्ता भोजन उपलब्ध कराने का काम करेगी।

‘अटल कैंटीन सेवा-भाव का उदाहरण’

पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने 100 अटल कैंटीनों के शुभारंभ को सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि इन कैंटीनों का उद्देश्य समाज के उन वर्गों तक सस्ता और पौष्टिक भोजन पहुंचाना है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।

उन्होंने गरीबों, झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों, श्रमिकों और देश के अलग-अलग हिस्सों से रोजगार की तलाश में दिल्ली आने वाले लोगों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना केवल भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा-भाव को दर्शाती है।

वेंकैया नायडू के मुताबिक, अटल कैंटीन जैसी पहल समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की सोच को मजबूत करती है।

मेहनतकश हाथों के सम्मान का संकल्प

दिल्ली सरकार के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने अटल कैंटीन को केवल सस्ता भोजन उपलब्ध कराने वाली योजना मानने के बजाय इसे दिल्ली के मेहनतकश लोगों के सम्मान से जोड़ा।

उन्होंने कहा कि राजधानी की सड़कों, मेट्रो, बाजारों, बड़े भवनों और घरों की रोजमर्रा की व्यवस्था के पीछे लाखों श्रमिकों का योगदान है। ये श्रमिक दिन-रात मेहनत करके दिल्ली को चलाने में अपनी भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके भोजन और सम्मान की चिंता करना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि अटल कैंटीन के जरिए सरकार इसी जिम्मेदारी को जमीन पर उतारने का प्रयास कर रही है।

अटल जी के अंत्योदय के विचार को समर्पित योजना

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 100 कैंटीनों का लक्ष्य पूरा होने को दिल्ली सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अटल कैंटीन योजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अंत्योदय और जनसेवा के आदर्शों को समर्पित है।

अंत्योदय की मूल भावना समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास और सुविधाओं का लाभ पहुंचाने की है। अटल कैंटीन योजना को इसी विचार से जोड़ते हुए सरकार का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति को भोजन जैसी बुनियादी जरूरत के लिए परेशान न होना पड़े।

‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ का भी जिक्र

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकार के ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ संकल्प का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले केवल वर्ष 2015 से पहले अस्तित्व में आई झुग्गियों को मान्यता प्राप्त थी, जबकि अब 1 जनवरी 2025 से पहले बनी झुग्गियों को भी पहचान और आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को केवल तत्काल राहत देना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर जीवन की सुविधाओं से जोड़ना भी है।

अतिथियों ने कैंटीन में किया भोजन

अटल कैंटीनों के उद्घाटन के अवसर पर मौजूद सभी प्रमुख अतिथियों ने कैंटीन में भोजन किया और वहां उपलब्ध कराए जा रहे खाने की गुणवत्ता तथा व्यवस्था का जायजा लिया। कार्यक्रम में विधायक सूर्य प्रकाश खत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और डूसिब के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे।

नई कैंटीनों के संचालन के साथ सरकार के सामने अब इस योजना को लंबे समय तक प्रभावी ढंग से चलाने और भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने की चुनौती भी होगी। हालांकि सरकार का कहना है कि कैंटीनों का उद्देश्य जरूरतमंदों को नियमित रूप से सम्मानजनक, पौष्टिक और किफायती भोजन उपलब्ध कराना है।

5 रुपये की थाली से जुड़ेगी बड़ी आबादी

अटल कैंटीन योजना का सबसे आकर्षक पहलू इसकी कीमत है। महज 5 रुपये में भोजन उपलब्ध होने से कम आय वाले श्रमिकों, गरीब परिवारों और छात्रों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली जैसे महानगर में जहां रोजमर्रा की जरूरतों और भोजन की लागत लगातार बढ़ रही है, वहां बेहद कम कीमत पर भोजन उपलब्ध कराने वाली ऐसी व्यवस्था बड़ी संख्या में लोगों के लिए राहत बन सकती है। सरकार का लक्ष्य केवल कैंटीनों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि इन्हें जरूरतमंद आबादी के करीब पहुंचाना भी है।

100 कैंटीनों के जरिए रोजाना करीब एक लाख लोगों तक भोजन पहुंचाने की क्षमता इस योजना को दिल्ली की बड़ी जनकल्याणकारी पहलों में शामिल करती है।

आठ महीने में वादा पूरा, अब चुनौती संचालन की

25 दिसंबर 2025 को शुरू हुई योजना ने 16 अगस्त 2026 तक 100 कैंटीनों का लक्ष्य हासिल कर लिया। महज आठ महीनों में निर्धारित संख्या पूरी करना सरकार के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

अब निगाह इस बात पर होगी कि इन कैंटीनों में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, समय पर संचालन और वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ की पहुंच को किस तरह लगातार बनाए रखा जाता है। यदि व्यवस्था सुचारू रही तो अटल कैंटीन आने वाले समय में दिल्ली के गरीबों, श्रमिकों और विद्यार्थियों के लिए सस्ती भोजन व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।

एक ओर अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर 25 नई कैंटीनों का उद्घाटन हुआ, तो दूसरी ओर उनकी अंत्योदय की सोच को जमीन पर उतारने के लिए दिल्ली में 100 अटल कैंटीनों का नेटवर्क पूरा हो गया। अब 5 रुपये की थाली के जरिए रोजाना करीब एक लाख लोगों तक भोजन पहुंचाने का लक्ष्य है। सरकार के लिए यह उपलब्धि जितनी बड़ी है, उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी इन कैंटीनों की गुणवत्ता और निरंतर संचालन को बनाए रखने की भी है।

- Advertisement -
Your Dream Technologies
VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Call Now Button