गाजीपुर। जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी बनाने और स्वच्छता अभियान को गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में बुधवार को ऑडिटोरियम सभागार में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के 167 प्रशासकों और ग्राम पंचायत सचिवों ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में घर-घर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जाए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने कहा कि प्रत्येक घर और दुकान पर गीले एवं सूखे कूड़े को अलग-अलग करने की व्यवस्था लागू कराई जाए तथा सचिव आमजन को इसके प्रति जागरूक करें। उन्होंने जिले के सभी आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) को पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश देते हुए दो टूक कहा कि किसी भी सेंटर पर ताला नहीं लगना चाहिए। यदि ऐसा पाया गया तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रधान और सचिव की होगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने आरआरसी सेंटरों पर यूजर चार्ज लागू करने, कबाड़ी वालों का चयन कर उनसे अनुबंध करने तथा कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने गौशालाओं में हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि गौ संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में प्रत्येक विकासखंड के लिए एक नोडल अधिकारी नामित करने का निर्देश दिया गया, जो प्रत्येक बुधवार को गांवों, स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों, गौशालाओं और आरआरसी सेंटरों का निरीक्षण कर स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लेगा।
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने चेतावनी दी कि यदि किसी क्षेत्र में गंदगी, कचरा प्रबंधन में लापरवाही या निर्देशों की अनदेखी मिली तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता जनस्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है और सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का पूरी गंभीरता से निर्वहन करें। साथ ही आगामी दिनों में औचक निरीक्षण कर कार्यों की वास्तविक प्रगति की समीक्षा करने की बात भी कही।














