“पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना, लेकिन कहा— ‘सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, स्थायी सुरक्षा चाहिए’; आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर सौंपा विस्तृत ज्ञापन”
ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की प्रमुख आवासीय सोसाइटी पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट में 5 जुलाई 2026 की रात हुई दो बड़ी चोरी एवं डकैती की घटनाओं ने हजारों निवासियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर मामले के खुलासे की दिशा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की, लेकिन इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया कि केवल अपराधियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत करना भी उतना ही जरूरी है।
इसी सोच के साथ पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट कम्युनिटी टीम ने सक्रिय पहल करते हुए ग्रेटर नोएडा के पुलिस उपायुक्त (DCP) शैलेन्द्र सिंह तथा अपर जिलाधिकारी (ADM) मंगलेश दूबे से अलग-अलग मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए और भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना लागू करने की मांग की।
यह मुलाकात केवल हालिया घटनाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि प्रशासन, पुलिस और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर आधुनिक सुरक्षा तंत्र विकसित करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
‘अब केवल कार्रवाई नहीं, स्थायी सुरक्षा चाहिए’
प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से कहा कि जिस प्रकार एक ही रात में दो गंभीर घटनाएं हुईं, उसने पूरे परिसर में असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया। ऐसे में आवश्यक है कि सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर उन सभी कमियों को दूर किया जाए, जिनका फायदा अपराधी उठा सकते हैं।
कम्युनिटी टीम ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल दोषियों को सजा दिलाना नहीं, बल्कि प्रत्येक निवासी—चाहे वह बुजुर्ग हो, महिला हो या बच्चा—को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रवेश और निकास व्यवस्था, विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम, सीसीटीवी नेटवर्क, सुरक्षा गार्डों की संख्या, रात्रि गश्त, पुलिस समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
ADM मंगलेश दूबे ने गंभीरता से सुनी समस्याएं, दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
सबसे पहले प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी मंगलेश दूबे से मुलाकात कर सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद व्यावहारिक कमियों की जानकारी दी।
ज्ञापन में कहा गया कि बड़ी आबादी वाली सोसाइटी में आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप निगरानी व्यवस्था विकसित करना समय की मांग है। प्रतिनिधियों ने मांग की कि सुरक्षा प्रणाली की नियमित समीक्षा हो तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।
ADM मंगलेश दूबे ने पूरे मामले को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है तथा आवश्यक सुधारों को लागू करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी सुरक्षा व्यवस्था में कमी पाई जाती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर कराया जाएगा।
DCP शैलेन्द्र सिंह से मुलाकात, पुलिस की कार्रवाई पर जताया आभार
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस उपायुक्त शैलेन्द्र सिंह से मुलाकात कर हालिया घटनाओं के बाद पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया कम्युनिटी टीम ने कहा कि पुलिस ने बेहद कम समय में आरोपियों तक पहुंचकर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की, जिससे कानून व्यवस्था पर लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
बैठक के दौरान पुलिस की कार्रवाई की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस को सुझाव दिया कि सोसाइटी में नियमित पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए, संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा स्थानीय पुलिस और निवासियों के बीच सीधा संवाद तंत्र विकसित किया जाए।
DCP बोले— पुलिस और नागरिकों का सहयोग ही सबसे बड़ी ताकत
बैठक में DCP शैलेन्द्र सिंह ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा रखे गए सभी सुझावों को गंभीरता और धैर्यपूर्वक सुना उन्होंने पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी सोसाइटी की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी अत्यंत महत्वपूर्ण है उन्होंने निवासियों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, सत्यापित घरेलू सहायकों और कर्मचारियों का ही प्रवेश सुनिश्चित करें तथा सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए पुलिस का सहयोग करें।
रिटायर्ड कमांडर उदल सिंह बोले— हर निवासी की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
कम्युनिटी टीम के वरिष्ठ सदस्य एवं रिटायर्ड कमांडर उदल सिंह ने कहा कि यह पूरी पहल किसी एक परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरी सोसाइटी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी प्रशासन और पुलिस विभाग के साथ लगातार संवाद बनाए रखा जाएगा ताकि सुरक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार समय पर लागू हो सकें उनके अनुसार, कम्युनिटी टीम सुरक्षा से जुड़ी प्रत्येक महत्वपूर्ण जानकारी समय-समय पर निवासियों तक पहुंचाती रहेगी ताकि सभी लोग सतर्क और जागरूक रहें।
सुन्दर सिंह बोले— सुरक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार जरूरी
कम्युनिटी टीम के सदस्य सुन्दर सिंह ने कहा कि सुरक्षा एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। बदलते समय और अपराध के नए तरीकों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को भी लगातार अपडेट करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मी और प्रशासन के साथ मजबूत समन्वय ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोक सकता है।
अशोक चौधरी ने कहा— पीड़ितों को न्याय के साथ भविष्य की सुरक्षा भी जरूरी
कम्युनिटी टीम के सदस्य अशोक चौधरी ने कहा कि इस प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य केवल हालिया घटनाओं से प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करना भी है।
उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा ढांचा मजबूत होगा तो अपराधियों के लिए ऐसी घटनाओं को अंजाम देना आसान नहीं रहेगा।
एडवोकेट गौरव शर्मा ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई को सराहा
कम्युनिटी टीम के सदस्य एडवोकेट गौरव शर्मा ने DCP शैलेन्द्र सिंह तथा पूरी पुलिस टीम का विशेष आभार व्यक्त किया उन्होंने कहा कि जिस तेजी और प्रभावशीलता से पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया, उससे लोगों में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ा है उन्होंने बताया कि पुलिस को सौंपे गए ज्ञापन में कई व्यावहारिक सुझाव शामिल किए गए हैं, जिनके लागू होने से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।
निवासियों ने जताई बेहतर भविष्य की उम्मीद
कम्युनिटी टीम की सदस्य राजश्री बिष्ट और इंदु सोनी ने कहा कि प्रशासन, पुलिस और सोसाइटी के निवासियों के संयुक्त प्रयासों से पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाई जा सकती है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि हालिया घटनाओं से सबक लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था को नई तकनीक, बेहतर निगरानी और प्रभावी समन्वय के साथ सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को ऐसी घटनाओं का सामना न करना पड़े।
पीड़ित परिवार भी रहा प्रतिनिधिमंडल के साथ
इस प्रतिनिधिमंडल में हालिया घटना से प्रभावित सी-126 निवासी श्रीमती अपर्णा राय भी शामिल रहीं। उनके साथ राजश्री बिष्ट, इंदु सोनी, रिटायर्ड कमांडर उदल सिंह, सुन्दर सिंह, प्रमोद अग्रवाल, एडवोकेट गौरव शर्मा, संदीप त्यागी और अशोक चौधरी सहित कई प्रमुख निवासी मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से आग्रह किया कि सोसाइटी में सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक, प्रभावी निगरानी प्रणाली, बेहतर विजिटर मैनेजमेंट और नियमित पुलिस समन्वय के साथ मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी निवासी को भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन न बिताना पड़े।














