नोएडा। गुरुवार को लगातार हो रही भारी बारिश के बीच सेक्टर-62 स्थित iForte बिल्डिंग का ऊपरी हिस्सा अचानक ढह गया। तेज धमाके के साथ गिरे मलबे की चपेट में पार्किंग में खड़े कई वाहन आ गए, जिससे उन्हें भारी नुकसान पहुंचा। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और एहतियात के तौर पर आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना में किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, भवन के शेष हिस्से की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने आसपास का क्षेत्र खाली करा दिया है।
लगातार बारिश के बीच हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह से क्षेत्र में लगातार तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान भवन के ऊपरी हिस्से से आवाजें आने लगीं और कुछ ही क्षण बाद उसका एक बड़ा हिस्सा नीचे गिर पड़ा। मलबा सीधे पार्किंग में खड़े वाहनों पर गिरा, जिससे कई कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह घटना कार्यालय समय के व्यस्त दौर में होती, तो बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता था।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र की बैरिकेडिंग कर दी गई और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे भवन के नजदीक न जाएं तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।
कई वाहन मलबे में दबे
भवन से गिरे भारी कंक्रीट और मलबे के कारण पार्किंग में खड़े कई वाहनों की छतें दब गईं, शीशे टूट गए और कई वाहन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। वाहन मालिकों ने नुकसान का आकलन कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
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भवन की तकनीकी जांच होगी
प्रशासन ने भवन की स्थिति का आकलन करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा केवल लगातार बारिश के कारण हुआ या भवन की संरचनात्मक कमजोरी अथवा अन्य तकनीकी कारण भी इसके लिए जिम्मेदार रहे।
निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद व्यावसायिक इमारतों की नियमित संरचनात्मक जांच और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि विशेषकर बारिश के मौसम में पुरानी या क्षतिग्रस्त इमारतों का समय-समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाना आवश्यक है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।
फिलहाल सबसे राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। वहीं, प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।














