गाजीपुर। रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने वाले बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अब सोलर संयंत्र स्थापित कराने वाले उपभोक्ताओं के यहां फिलहाल स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता नहीं रहेगी। उनकी जगह सामान्य नेट मीटर लगाए जाएंगे। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने इस संबंध में विद्युत विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।गाजीपुर ऑडिटोरियम हाल में हनुमत रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और उपभोक्ताओं को बिजली बिल से राहत दिलाने के उद्देश्य से रूफटॉप सोलर योजना को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में सब्सिडी का लाभ उठाकर अपने घरों में सोलर सिस्टम लगवाने की अपील की।कार्यक्रम में बताया गया कि रूफटॉप सोलर सिस्टम नॉन-हाइब्रिड और हाइब्रिड दो प्रकार के होते हैं। हाइब्रिड सिस्टम में लिथियम बैटरी की सुविधा उपलब्ध होती है, जिससे बिजली कटौती के दौरान भी उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलती है।कंपनी के प्रतिनिधि आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि दो किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम की लागत लगभग 1.30 लाख रुपये है, जिसमें करीब 90 हजार रुपये की सरकारी सब्सिडी उपलब्ध है। शेष उपभोक्ता अंशदान कंपनी द्वारा वहन किया जा रहा है, जिससे 2 किलोवाट का सोलर संयंत्र उपभोक्ताओं के लिए बिना किसी अतिरिक्त खर्च के लगाया जा सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि एकमुश्त भुगतान में असमर्थ उपभोक्ताओं के लिए बैंक ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना, अधिशासी अभियंता गोपाल सिंह सहित विद्युत विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।














