लंदन: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद देश की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। सत्ता की इस नई लड़ाई में एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है—एंडी बर्नहैम। लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता और ग्रेटर मैनचेस्टर के लोकप्रिय मेयर रहे बर्नहैम को अब ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री बनने का मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि स्टार्मर के बाद पार्टी को एक ऐसे चेहरे की जरूरत है जो जनता के बीच लोकप्रिय हो और पार्टी को नए सिरे से मजबूत कर सके। ऐसे में एंडी बर्नहैम का नाम तेजी से उभरकर सामने आया है।
कौन हैं एंडी बर्नहैम?
एंडी बर्नहैम का जन्म 7 जनवरी 1970 को इंग्लैंड के मर्सीसाइड में हुआ था। उन्होंने लिवरपूल यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त की और इसके बाद राजनीति में कदम रखा। वर्ष 2001 में पहली बार सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और गॉर्डन ब्राउन की सरकारों में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। स्वास्थ्य, संस्कृति और सामाजिक मामलों से जुड़े विभागों में उनके काम को काफी सराहा गया।
‘किंग ऑफ द नॉर्थ’ क्यों कहलाते हैं?
एंडी बर्नहैम की सबसे बड़ी ताकत उनकी जमीनी राजनीति मानी जाती है। ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर के रूप में उन्होंने उत्तरी इंग्लैंड के विकास, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय अधिकारों के मुद्दों को मजबूती से उठाया।
कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की कई नीतियों का खुलकर विरोध किया था। इसी वजह से उत्तरी इंग्लैंड में उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और उन्हें ‘किंग ऑफ द नॉर्थ’ का उपनाम मिला।
प्रधानमंत्री की दौड़ में कैसे पहुंचे?
कुछ समय पहले तक बर्नहैम संसद का हिस्सा नहीं थे, जिससे प्रधानमंत्री पद की दौड़ में उनकी संभावनाएं सीमित मानी जा रही थीं। लेकिन हाल ही में मेकरफील्ड उपचुनाव जीतकर उन्होंने संसद में वापसी की और राजनीतिक समीकरण बदल गए।
संसद में वापसी के बाद लेबर पार्टी के भीतर उनका समर्थन लगातार बढ़ा है। कई वरिष्ठ नेता और सांसद खुलकर उनके पक्ष में दिखाई दे रहे हैं।
क्या स्टार्मर से अलग है बर्नहैम की राजनीति?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एंडी बर्नहैम खुद को एक ऐसे नेता के रूप में पेश करते हैं जो आम लोगों के मुद्दों को प्राथमिकता देता है। वे क्षेत्रीय विकास, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक कल्याण पर ज्यादा जोर देते हैं।
यही कारण है कि पार्टी के भीतर उन्हें स्टार्मर के मुकाबले ज्यादा जनाधार वाला नेता माना जाता है।
क्या बन सकते हैं ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री?
कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद लेबर पार्टी में नए नेतृत्व की तलाश शुरू हो चुकी है। एंडी बर्नहैम को इस दौड़ का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी की नेतृत्व चयन प्रक्रिया और सांसदों के समर्थन पर निर्भर करेगा।
फिलहाल ब्रिटेन की राजनीति की नजरें लेबर पार्टी पर टिकी हैं। यदि बर्नहैम पार्टी नेतृत्व हासिल करने में सफल रहते हैं, तो वह ब्रिटेन की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत कर सकते हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह चुनाव?
ब्रिटेन इस समय आर्थिक चुनौतियों, महंगाई, स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलते राजनीतिक समीकरणों का सामना कर रहा है। ऐसे में नया प्रधानमंत्री सिर्फ सरकार का चेहरा नहीं होगा, बल्कि देश की भविष्य की दिशा भी तय करेगा।
इसी वजह से एंडी बर्नहैम का उभार सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि ब्रिटेन की राजनीति में संभावित बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।














