गाजीपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने जनगणना कार्य में कथित रूप से बाधा उत्पन्न करने और विभागीय आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में एक सहायक अध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित शिक्षक की पहचान उषाकान्त राम, सहायक अध्यापक, कंपोजिट विद्यालय कल्याणपुर, शिक्षा क्षेत्र रेवतीपुर के रूप में हुई है।बीएसए के अनुसार, 25 मई 2026 को शिक्षक को नोटिस जारी कर आरोपों पर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के तहत कार्रवाई की गई।शिक्षक पर जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में अवरोध उत्पन्न करने, जनगणना संबंधी प्रावधानों के विपरीत कार्य करने, उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने, सोशल मीडिया पर कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 के विपरीत गतिविधियां करने तथा अन्य शिक्षकों को जनगणना कार्य के विरुद्ध भड़काने जैसे आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा स्पष्टीकरण नोटिस का उत्तर न देना भी कार्रवाई का आधार बना।निलंबन अवधि के दौरान उषाकान्त राम को बीआरसी भदौरा से संबद्ध किया गया है। मामले की जांच के लिए रेवतीपुर के खंड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार गौतम को जांच अधिकारी नामित किया गया है। वे आरोप-पत्र उपलब्ध कराकर निर्धारित समय सीमा में जांच प्रक्रिया पूरी करेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमानुसार आवश्यक प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर निलंबित शिक्षक को जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।














