Saturday, May 30, 2026
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“नोएडा ने मांगा 9 साल का हिसाब!” विधायक पंकज सिंह से 5 तीखे सवाल, पोस्टर ने बढ़ाई सियासी गर्मी

‘विकास के दावे बहुत हुए, अब रिपोर्ट कार्ड दिखाइए’ — पोस्टर के जरिए जनता ने पूछा सीधा सवाल”

नोएडा। चुनावी मौसम भले अभी दूर हो, लेकिन नोएडा की राजनीति में एक पोस्टर ने ऐसा भूचाल ला दिया है जिसकी चर्चा चौराहों से लेकर सोशल मीडिया तक हो रही है। शहर में लगे “पूछता है NOIDA?” पोस्टर ने सीधे नोएडा के विधायक पंकज सिंह को निशाने पर लेते हुए उनके नौ साल के कार्यकाल का हिसाब मांग लिया है।

पोस्टर जारी करने वाले नोएडा सिटीजन फोरम (NCF) ने दावा किया है कि अब जनता सिर्फ दावे नहीं, बल्कि जवाब चाहती है। यही वजह है कि पोस्टर में विकास के विज्ञापन नहीं, बल्कि पांच ऐसे सवाल लिखे गए हैं जो इन दिनों शहर में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन चुके हैं।


‘9 साल में 9 बड़े काम बताइए’— पहला सवाल ही बना चर्चा का केंद्र

पोस्टर में सबसे पहला सवाल यही है कि आखिर पिछले 9 वर्षों में ऐसे कौन से 9 बड़े काम हुए, जिनसे नोएडा की जनता को सीधा और स्थायी लाभ मिला?

सवाल छोटा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसकी गूंज सबसे ज्यादा सुनाई दे रही है। लोगों का कहना है कि यदि विकास के दावे इतने बड़े हैं तो उपलब्धियों की सूची सार्वजनिक करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।


भ्रष्टाचार, किसान और अफसरशाही पर भी उठे सवाल

पोस्टर में सिर्फ विकास ही नहीं, बल्कि नोएडा प्राधिकरण में कथित भ्रष्टाचार, किसानों की समस्याओं और अफसरशाही को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

फोरम ने पूछा है कि:

नोएडा प्राधिकरण में भ्रष्टाचार रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए?

किसानों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए क्या पहल हुई?

आरडब्ल्यूए और एओए बैठकों में दिए गए निर्देशों का पालन न करने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई?

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ विधायक स्तर पर क्या ठोस कदम उठाए गए?


“होर्डिंग पर उपलब्धियां, पोस्टर पर सवाल”

शहर में इस पोस्टर को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि जहां आमतौर पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स पर उपलब्धियां दिखाई जाती हैं, वहीं इस बार नागरिकों ने उपलब्धियों की जगह सवालों की सूची टांग दी है।

राजनीतिक जानकार इसे जनता की बढ़ती जवाबदेही की मांग बता रहे हैं। उनका कहना है कि अब सिर्फ घोषणाएं और शिलान्यास नहीं, बल्कि काम का सार्वजनिक लेखा-जोखा भी लोगों की प्राथमिकता बनता जा रहा है।

सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस

“पूछता है नोएडा” पोस्टर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर की जा रही हैं। कई लोग इसे लोकतंत्र में जवाबदेही की मांग बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।

लेकिन एक बात पर लगभग सभी सहमत हैं—इन सवालों ने चर्चा जरूर छेड़ दी है।


सबसे बड़ा सवाल: जवाब कब आएगा?

अब पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इन सवालों का जवाब सार्वजनिक रूप से दिया जाएगा?

यदि जवाब आते हैं तो यह लोकतांत्रिक पारदर्शिता की मिसाल बन सकता है। लेकिन यदि सवाल अनुत्तरित रहते हैं, तो यह पोस्टर आने वाले दिनों में नोएडा की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है।

फिलहाल शहर की दीवारों से लेकर सोशल मीडिया तक सिर्फ एक ही आवाज गूंज रही है—

“दावे बहुत सुन लिए… अब हिसाब भी सुनना है!”

“पूछता है नोएडा… जवाब कब मिलेगा?”

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VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
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