गाजीपुर – जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट कक्ष में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेस प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में 12 मई 2026 तक राजस्व विभाग से जुड़े मामलों तथा राजस्व न्यायालयों द्वारा दिए गए आदेशों का जमीन स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन कराया जा रहा है।
700 से अधिक मामलों का हुआ निस्तारण
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 8 से 9 दिनों के भीतर 700 से अधिक प्रकरणों का निस्तारण कराया गया है। इस दौरान लगभग 140 हेक्टेयर भूमि को कब्जामुक्त कराया गया। इस कार्रवाई में विभिन्न तहसीलों, राजस्व विभाग, पुलिस तथा ब्लॉक स्तर की टीमों को लगाया गया था।
धारा 24, 116 और 67 के मामलों पर कार्रवाई
डीएम ने बताया कि धारा 24 के अंतर्गत पैमाइश, धारा 116 के तहत बंटवारे तथा धारा 67 के अंतर्गत सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे से जुड़े मामलों का भी निस्तारण किया गया है।
उन्होंने कहा कि जब राजस्व कर्मचारी फील्ड में जाते हैं तो वे न्यायालय अथवा प्रशासनिक आदेश के क्रम में कार्य करते हैं। यदि किसी व्यक्ति को शिकायत है तो वह संबंधित उच्च अधिकारी से संपर्क कर सकता है अथवा न्यायालय में अपील दायर कर सकता है।
न्यायालय से स्टे लेने का भी अधिकार
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी मामले में अपील लंबित है तो संबंधित पक्ष न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) भी प्राप्त कर सकता है। यह उनका वैधानिक अधिकार है।
राजस्व अधिकारियों से अभद्रता अपराध
डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि मौके पर राजस्व कर्मचारियों को कार्य न करने देना या राजस्व अधिकारियों के साथ गुंडागर्दी करना अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
एनएसए, गुंडा एक्ट और गैंगस्टर की चेतावनी
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अराजक गतिविधि में शामिल न हों। यदि सरकारी कार्य में बाधा डालने की शिकायत मिलती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एनएसए, गुंडा एक्ट अथवा गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।
लोगों को गुमराह करने वालों से सतर्क रहने की अपील
उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने निजी लाभ के लिए आम जनता को गुमराह करने का प्रयास करते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने जनता से न्यायालय की प्रक्रिया का सम्मान करने और सही का साथ देने की अपील की।
जनता दर्शन में सुनवाई जारी
डीएम ने कहा कि जनता दर्शन कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिदिन पीड़ितों की शिकायतें सुनी जा रही हैं और उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।














