Sunday, May 10, 2026
Your Dream Technologies
HomeUncategorized#NoidaAuthority: गोवा दौरे से होटल वीडियो तक… नोएडा प्राधिकरण के ‘वेस्ट टू...

#NoidaAuthority: गोवा दौरे से होटल वीडियो तक… नोएडा प्राधिकरण के ‘वेस्ट टू एनर्जी’ प्रोजेक्ट पर उठे करोड़ों के खेल के सवाल!

नोएडा प्राधिकरण एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में है। इस बार मामला “वेस्ट टू एनर्जी प्लांट” परियोजना से जुड़ा है, जहां अधिकारियों पर कथित कमीशनखोरी, अंदरूनी सेटिंग और जांच को प्रभावित करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। गोवा दौरे, होटल में रिकॉर्ड हुए कथित वीडियो और शासन स्तर तक पहुंची शिकायतों ने पूरे प्रकरण को हाई-प्रोफाइल बना दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2025 में नोएडा प्राधिकरण के जन स्वास्थ्य विभाग की एक टीम गोवा भेजी गई थी। आधिकारिक कारण बताया गया कि टीम वहां संचालित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की तकनीक और संचालन प्रणाली का अध्ययन करेगी, ताकि उसी मॉडल को नोएडा में लागू किया जा सके। लेकिन अब आरोप लग रहे हैं कि तकनीकी अध्ययन के नाम पर “प्रतिशत और सेटिंग” का खेल चल रहा था।

गोवा होटल का वीडियो बना सबसे बड़ा विस्फोट

पूरा मामला उस कथित वीडियो के सामने आने के बाद अचानक गंभीर हो गया, जो गोवा दौरे के दौरान एक होटल में रिकॉर्ड होने की बात कही जा रही है। सूत्रों का दावा है कि वीडियो में प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी से जुड़ी बातचीत और गतिविधियां कैद हैं।

बताया जा रहा है कि शुरुआत में मामले को दबाने की कोशिश हुई, लेकिन जब वीडियो और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य शासन तक पहुंचे तो प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई। शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर वीडियो सहित कई सबूत उपलब्ध कराए, जिसके बाद मामला सीधे शासन स्तर तक पहुंच गया।

CM ऑफिस तक पहुंची फाइलें

सूत्रों के अनुसार, मामले में अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास, मुख्यमंत्री कार्यालय और संयुक्त सचिव स्तर तक पत्राचार हुआ। कई बार नोएडा प्राधिकरण से रिपोर्ट मांगी गई और जांच की स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया।

शासन स्तर से संकेत भी दिए गए कि मामले को हल्के में नहीं लिया जाए, लेकिन इसके बावजूद जांच की गति और दिशा दोनों पर सवाल उठ रहे हैं।

सरकारी लैब नहीं, निजी लैब में जांच क्यों?

सबसे बड़ा विवाद वीडियो की फॉरेंसिक जांच को लेकर खड़ा हुआ। वीडियो को सत्यापित करने के लिए दो निजी लैब में भेजा गया।

अब सवाल उठ रहा है कि जब मामला करोड़ों की परियोजना और वरिष्ठ अधिकारियों पर लगे आरोपों से जुड़ा है, तो शुरुआत से ही सरकारी फॉरेंसिक एजेंसी या किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी को क्यों नहीं जोड़ा गया?

नोएडा प्राधिकरण के CEO कृष्ण कुमार ने भी स्वीकार किया कि वीडियो की जांच निजी लैब में कराई जा रही है और रिपोर्ट अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकारी लैब से जांच कराई जा सकती है।

यानी प्राधिकरण अभी खुद भी वीडियो को पूरी तरह फर्जी या पूरी तरह असली घोषित करने की स्थिति में नहीं दिख रहा।

“AI से बना वीडियो” वाली दलील पर भी सवाल

पूरे विवाद में नया मोड़ तब आया जब कुछ अधिकारियों की ओर से यह कहा गया कि वीडियो संभवतः आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया हो सकता है।

लेकिन यहीं सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है—अगर वीडियो पूरी तरह फर्जी था तो फिर दो-दो लैब में जांच की जरूरत क्यों पड़ी? और यदि जांच जरूरी थी, तो क्या इसका मतलब यह नहीं कि मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है?

जांच पर भी उठ रहे निष्पक्षता के सवाल

शिकायत मिलने के बाद शिकायतकर्ता को बुलाकर बयान और साक्ष्य दर्ज किए गए। इसके बाद प्राधिकरण ने अपने स्तर पर जांच अधिकारी नियुक्त किए।

लेकिन अब सबसे बड़ी बहस यही है कि क्या जांच वास्तव में निष्पक्ष होगी?

क्योंकि नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में पहले भी बड़े प्रोजेक्ट्स, ठेकों, सफाई व्यवस्था, निर्माण कार्यों और जमीन आवंटन को लेकर अंदरूनी सांठगांठ और कमीशनखोरी के आरोप लगते रहे हैं। कई मामलों में जांच वर्षों तक चली, लेकिन नतीजा कभी सार्वजनिक नहीं हुआ।

“स्थायी नेटवर्क” की चर्चा फिर तेज

अंदरखाने यह चर्चा भी तेज है कि प्राधिकरण के भीतर वर्षों से एक ऐसा नेटवर्क सक्रिय है, जहां प्रोजेक्ट बदलते रहते हैं लेकिन सिस्टम वही रहता है। यही वजह है कि हर नए विवाद के बाद लोगों की प्रतिक्रिया अब “फिर वही खेल” जैसी दिखाई देती है।

अब सबसे बड़ा सवाल — जवाबदेही तय होगी या मामला दब जाएगा?

वेस्ट टू एनर्जी प्लांट से जुड़ा यह विवाद अब सिर्फ एक कथित वीडियो या कमीशनखोरी तक सीमित नहीं रह गया है। यह पूरे प्रशासनिक सिस्टम की कार्यशैली, पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर रहा है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या इस मामले में वास्तव में निष्पक्ष जांच होगी, या यह विवाद भी फाइलों और आंतरिक जांचों के बीच दबकर रह जाएगा।

- Advertisement -
Your Dream Technologies
VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Call Now Button