तमिलनाडु की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक और बेहद बड़ा बदलाव दर्ज हो गया। अभिनेता से नेता बने थलपति विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की सत्ता संभाल ली। चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में विजय ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जबकि उनके साथ 9 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की।
इस शपथग्रहण के साथ ही तमिलनाडु की राजनीति में 59 वर्षों से चला आ रहा DMK और AIADMK का वर्चस्व टूट गया। 1967 के बाद पहली बार राज्य में किसी तीसरी राजनीतिक शक्ति ने सत्ता पर कब्जा जमाया है।
थलपति से मुख्यमंत्री तक का सफर
कुछ साल पहले तक फिल्मों के जरिए करोड़ों दिलों पर राज करने वाले विजय अब राजनीतिक सत्ता के केंद्र में पहुंच चुके हैं। उनकी पार्टी TVK (तमिलगा वेत्री कझगम) ने 2026 विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए तमिलनाडु की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने का इतिहास रच दिया।
सिर्फ दो साल पुरानी पार्टी ने चुनाव में 108 सीटें जीतकर DMK और AIADMK जैसी दशकों पुरानी पार्टियों को पीछे छोड़ दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय ने युवाओं, पहली बार वोट डालने वालों और शहरी वर्ग में जबरदस्त पकड़ बनाई, जिसका सीधा असर चुनावी नतीजों में दिखाई दिया।
राज्यपाल से मुलाकात, फिर सरकार गठन
शनिवार को विजय ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar से मुलाकात की और 121 विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे।
इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें मुख्यमंत्री नियुक्त करते हुए 13 मई 2026 तक विधानसभा में बहुमत साबित करने का समय दिया।
टीवीके को सरकार बनाने के लिए कई सहयोगी दलों का समर्थन हासिल करना पड़ा। कांग्रेस, CPI, CPM, VCK और IUML ने विजय को समर्थन देकर सरकार गठन का रास्ता साफ किया।
121 विधायकों का मिला समर्थन
तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है, जबकि विजय के पास कुल 121 विधायकों का समर्थन है।
समर्थन का आंकड़ा:
TVK – 108 सीट
कांग्रेस – 5 सीट
CPI – 2 सीट
CPM – 2 सीट
VCK – 2 सीट
IUML – 2 सीट
यानी सहयोगी दलों के साथ विजय ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है।
राहुल गांधी भी रहे मौजूद
चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में हुए इस ऐतिहासिक शपथग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहे। समारोह में फिल्म जगत, उद्योग जगत और राजनीति से जुड़े कई बड़े चेहरे शामिल हुए।
शपथ समारोह के दौरान समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। स्टेडियम के बाहर हजारों की संख्या में विजय समर्थक जमा रहे और “थलपति CM” के नारे लगाते रहे।
DMK और AIADMK का ऐतिहासिक पतन
तमिलनाडु की राजनीति में 1967 से अब तक DMK और AIADMK का ही दबदबा रहा था। 1972 में एमजी रामचंद्रन ने DMK से अलग होकर AIADMK बनाई थी और तब से दोनों दल बारी-बारी से सत्ता में आते रहे।
लेकिन 2026 के चुनाव में पहली बार जनता ने इन दोनों पारंपरिक दलों से हटकर नई राजनीतिक ताकत पर भरोसा जताया।
चुनाव परिणाम:
TVK – 108 सीट
DMK – 59 सीट
AIADMK – 47 सीट
कांग्रेस – 5 सीट
इन नतीजों ने साफ कर दिया कि तमिलनाडु की राजनीति अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है।
अब विजय के सामने असली चुनौती
हालांकि चुनावी जीत और सत्ता तक पहुंचने का सफर ऐतिहासिक रहा, लेकिन अब विजय के सामने असली परीक्षा शासन चलाने की होगी। राज्य में बेरोजगारी, उद्योग निवेश, बाढ़ प्रबंधन, बिजली संकट, शिक्षा और क्षेत्रीय पहचान जैसे कई बड़े मुद्दे मौजूद हैं। इसके अलावा गठबंधन सहयोगियों को साथ लेकर सरकार चलाना भी विजय के लिए आसान नहीं होगा।
फिर भी, जिस तरह फिल्मी दुनिया के “थलपति” ने राजनीति में एंट्री के कुछ ही वर्षों में सत्ता तक पहुंचने का रिकॉर्ड बनाया है, उसने पूरे देश का ध्यान तमिलनाडु की ओर खींच दिया है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या विजय सिर्फ “सुपरस्टार मुख्यमंत्री” बनकर रहेंगे या वास्तव में तमिलनाडु की राजनीति का नया चेहरा साबित होंगे।














