तमिलनाडु की राजनीति में वह दिन आ गया जिसकी चर्चा चुनाव प्रचार के दौरान केवल एक संभावना मानी जा रही थी, लेकिन अब वह हकीकत के दरवाजे पर दस्तक दे रहा है। फिल्मों के सुपरस्टार से सियासत के सबसे बड़े खिलाड़ी बनकर उभरे Vijay ने अपनी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) की ऐतिहासिक चुनावी सफलता के बाद राज्य में सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश कर दिया है। बुधवार को विजय ने चेन्नई स्थित राजभवन पहुंचकर कार्यवाहक राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar से मुलाकात की और तमिलनाडु में नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी।
तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है, जबकि विजय की TVK ने अपने पहले ही बड़े चुनाव में 108 सीटें जीतकर राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया। TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत से अभी भी 10 सीट दूर है। यही वजह है कि अब चेन्नई से दिल्ली तक गठबंधन, समर्थन और सत्ता समीकरणों की तेज राजनीतिक बिसात बिछ चुकी है।
राजभवन पहुंचते ही बढ़ी सियासी धड़कनें, विजय ने कहा—जनादेश बदलाव का है
सूत्रों के मुताबिक विजय ने राज्यपाल के समक्ष यह दलील रखी कि जनता ने दशकों पुराने DMK-AIADMK राजनीतिक ढांचे से बाहर निकलकर TVK को सबसे बड़ी ताकत बनाया है, इसलिए संवैधानिक परंपरा के तहत सबसे बड़े दल को सरकार बनाने का अवसर मिलना चाहिए। विजय ने दावा किया है कि वे जल्द ही सदन में बहुमत साबित कर देंगे। बताया जा रहा है कि राज्यपाल ने भी TVK को बहुमत साबित करने के लिए सीमित समय देने का संकेत दिया है।
राजभवन की इस मुलाकात के बाद तमिलनाडु की राजनीति में एक बात साफ हो गई—अब लड़ाई चुनाव जीतने की नहीं, सरकार टिकाने की है।
कांग्रेस ने बढ़ाया हाथ, DMK को सबसे बड़ा झटका
तमिलनाडु की राजनीति में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब Indian National Congress ने TVK को समर्थन देने का फैसला किया। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस विधायक दल ने TVK प्रमुख विजय से मुलाकात कर सरकार गठन में सहयोग का संकेत दिया है। यह फैसला इसलिए भी बड़ा है क्योंकि कांग्रेस लंबे समय से DMK की सहयोगी रही है। अब कांग्रेस का यह रुख सीधे-सीधे DMK के लिए राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
कांग्रेस के 5 विधायक TVK के साथ आते हैं तो विजय का आंकड़ा 113 तक पहुंचता है—यानी बहुमत से सिर्फ 5 कदम दूर।
वाम दल, छोटे दल और निर्दलीय बने ‘किंगमेकर’
अब सबकी नजर CPI, CPI(M), IUML, VCK, PMK और कुछ निर्दलीय विधायकों पर टिकी है। अंदरखाने चर्चा है कि अगर कांग्रेस खुलकर साथ आ चुकी है तो वाम दलों पर भी TVK के समर्थन का दबाव बढ़ेगा। राजनीतिक गलियारों में यह भी कहा जा रहा है कि तमिलनाडु में BJP को रोकने के नाम पर कई छोटे दल विजय को बाहर से समर्थन दे सकते हैं।
ऑनलाइन राजनीतिक चर्चाओं और क्षेत्रीय विश्लेषणों में भी यही माना जा रहा है कि विजय के पास सरकार बनाने का रास्ता खुल चुका है, बस उसे स्थिर बहुमत की मुहर चाहिए।
चेन्नई के इंडोर स्टेडियम में शपथ की तैयारी, ‘CM विजय’ लगभग तय?
चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पार्टी सूत्रों का दावा है कि समर्थन पत्रों की स्थिति स्पष्ट होते ही विजय को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। कई रिपोर्ट्स में यह भी संकेत है कि शपथ ग्रहण 24 से 48 घंटे के भीतर हो सकता है।
#WATCH | Chennai: TVK chief Vijay meets Tamil Nadu Governor Rajendra Arlekar at the Lok Bhavan and stakes claim to form the Government in the State.
(Video: Lok Bhavan, Tamil Nadu) pic.twitter.com/wCwfKQDhzM
— ANI (@ANI) May 6, 2026
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी गर्म है कि अगर अंतिम समर्थन सूची तय हो जाती है तो राष्ट्रीय स्तर के कई बड़े विपक्षी चेहरे इस समारोह में शामिल हो सकते हैं।
फिल्मी स्टार से सत्ता के सुपरस्टार—विजय ने बदल दिया तमिलनाडु का पूरा गणित
कुछ साल पहले तक सिल्वर स्क्रीन पर ‘थलापति’ कहे जाने वाले विजय ने राजनीति में कदम रखते ही तमिलनाडु के दशकों पुराने DMK बनाम AIADMK समीकरण को तोड़ दिया। TVK की 108 सीटों की जीत केवल चुनावी सफलता नहीं बल्कि राज्य के मतदाताओं, खासकर युवाओं और मध्यम वर्ग की बदलाव की तीव्र इच्छा का संकेत मानी जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि विजय ने एंटी-इन्कम्बेंसी, युवा ऊर्जा, साफ छवि और स्टार करिश्मे को एक साथ भुनाकर यह करिश्मा किया है।
तमिलनाडु में अब इतिहास लिखने से बस कुछ कदम दूर विजय
राजभवन में दावा पेश हो चुका है। कांग्रेस का समर्थन लगभग तय है। छोटे दलों से बातचीत जारी है। चेन्नई में शपथ मंच सज रहा है। और जनता के बीच सिर्फ एक सवाल घूम रहा है—
क्या तमिलनाडु पहली बार किसी फिल्मी सुपरस्टार को सीधे सत्ता के सिंहासन पर बैठते देखने जा रहा है?
अगर अगले 48 घंटों में विजय बहुमत का जादुई आंकड़ा छू लेते हैं, तो यह सिर्फ सरकार गठन नहीं होगा—
यह तमिलनाडु की राजनीति में DMK-AIADMK के 50 साल पुराने युग के अंत की औपचारिक शुरुआत होगी।














