प्राथमिक रिपोर्ट में आंतरिक अंगों का रंग हरा मिलने से मामला उलझा, मृतक के शरीर में मॉर्फिन के अंश भी पाए गए
मुंबई,: दक्षिण मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब और गंभीर होता जा रहा है। शुरुआत में इसे फूड पॉइजनिंग की घटना माना गया था, लेकिन प्राथमिक फॉरेंसिक जांच में ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे आशंका जताई जा रही है कि मौत के पीछे किसी जहरीले रासायनिक तत्व की भूमिका हो सकती है।
मृतकों की पहचान अब्दुल्ला डोकाडिया (44), उनकी पत्नी नसरीन (35), बेटी आयशा (16) और जैनब (12) के रूप में हुई है। अब्दुल्ला अंधेरी क्षेत्र में मोबाइल एक्सेसरीज का कारोबार करते थे। बताया जा रहा है कि घटना वाली रात परिवार ने भोजन के बाद तरबूज खाया था, जिसके कुछ समय बाद सभी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान चारों की मौत हो गई।
फॉरेंसिक जांच में असामान्य संकेत
प्राथमिक पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि मृतकों के कुछ महत्वपूर्ण आंतरिक अंग, विशेषकर मस्तिष्क, हृदय और आंतों के हिस्सों में हरे रंग का असामान्य परिवर्तन दिखाई दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य फूड पॉइजनिंग के मामलों में इस तरह का परिवर्तन कम ही देखने को मिलता है।
चिकित्सकीय सूत्रों के अनुसार इस प्रकार का रंग परिवर्तन शरीर में किसी अत्यंत विषैले रासायनिक पदार्थ के प्रवेश की ओर संकेत कर सकता है। इसी कारण जांच एजेंसियां अब केवल खाद्य विषाक्तता नहीं, बल्कि संभावित जहरीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध कारणों की भी जांच कर रही हैं।
मृतक के शरीर में मॉर्फिन मिलने से बढ़ी शंका
मामले में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। परिवार के मुखिया अब्दुल्ला डोकाडिया के शरीर में मॉर्फिन के अंश पाए गए हैं। मॉर्फिन एक शक्तिशाली दर्द निवारक दवा है, जिसका उपयोग सामान्यतः चिकित्सकीय निगरानी में किया जाता है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह पदार्थ उनके शरीर में किस माध्यम से पहुंचा। जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि क्या यह किसी दवा का प्रभाव था, या फिर किसी अन्य रासायनिक मिश्रण का हिस्सा।
तरबूज और भोजन के नमूनों की जांच जारी
घटना के बाद घर से तरबूज, चिकन बिरयानी, पानी और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र कर रासायनिक परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। प्रारंभिक स्तर पर डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि केवल तरबूज खाने से इस प्रकार की सामूहिक मृत्यु होना सामान्य वैज्ञानिक निष्कर्षों से मेल नहीं खाता। इसलिए खाद्य सामग्री में किसी बाहरी जहरीले तत्व की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।
पुलिस कई एंगल से कर रही जांच
पायधुनी पुलिस ने मामले की जांच को विस्तृत रूप दे दिया है। पुलिस द्वारा—
मृतकों के मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं,
कॉल रिकॉर्ड और संपर्कों की जांच की जा रही है,
बैंक लेनदेन और कारोबारी गतिविधियों की पड़ताल हो रही है,
परिवार के हालिया व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक संबंधों की जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि मामला महज हादसा है या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश।
अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल मृतकों का विसरा रासायनिक विश्लेषण के लिए फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया है। साथ ही पोस्टमार्टम और हिस्टोपैथोलॉजी की विस्तृत रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर स्पष्ट हो सकेगा कि मौत का वास्तविक कारण फूड पॉइजनिंग था या किसी घातक विषैले तत्व का प्रभाव।
जब तक अंतिम रिपोर्ट सामने नहीं आती, पायधुनी का यह मामला रहस्य और आशंका के घेरे में बना रहेगा।














