Tuesday, April 28, 2026
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दिल्ली BJP में नए अध्यक्ष को लेकर हलचल तेज, वीरेंद्र सचदेवा का कार्यकाल पूरा; कुलजीत चहल और हर्ष मल्होत्रा रेस में सबसे आगे

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के साथ ही अब भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व संगठनात्मक फेरबदल की तरफ बढ़ रहा है, और इसकी सबसे बड़ी गूंज दिल्ली BJP में सुनाई दे रही है। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है, ऐसे में राजधानी इकाई को नया अध्यक्ष मिलेगा या उन्हें ही दूसरी पारी सौंपी जाएगी—इसी सवाल पर पार्टी के भीतर मंथन तेज हो गया है। पार्टी के संविधान के अनुसार किसी भी प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल तीन वर्ष का होता है और उसे अधिकतम दो लगातार कार्यकाल दिए जा सकते हैं।

दिल्ली BJP के भीतर इस समय अध्यक्ष पद को लेकर लॉबिंग अपने चरम पर है और सूत्रों के मुताबिक दो नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आए हैं—NDMC के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा। हालांकि पार्टी का एक प्रभावशाली वर्ग अब भी चाहता है कि मौजूदा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को ही ऐतिहासिक चुनावी जीत का इनाम देते हुए दूसरा मौका दिया जाए।


27 साल बाद दिल्ली फतह… क्या जीत का इनाम सचदेवा को मिलेगा?

वीरेंद्र सचदेवा को दिसंबर 2022 में दिल्ली BJP का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था और मार्च 2023 में उन्हें पूर्णकालिक अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। उनके नेतृत्व में पार्टी ने पहले 2024 लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी 7 सीटें बरकरार रखीं और फिर फरवरी 2026 विधानसभा चुनाव में 70 में से 48 सीटें जीतकर 27 साल बाद राजधानी की सत्ता में वापसी कर इतिहास रच दिया।

यही वजह है कि पार्टी के एक बड़े धड़े का मानना है कि जिस अध्यक्ष के नेतृत्व में संगठन ने दिल्ली में दो बड़ी चुनावी सफलताएं हासिल की हों, उसे बदलना राजनीतिक रूप से गलत संदेश दे सकता है।

लेकिन BJP की अंदरूनी राजनीति सिर्फ प्रदर्शन से नहीं चलती—यहां सामाजिक समीकरण, संगठन-सरकार संतुलन और केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति भी उतनी ही अहम होती है।


रेस में कुलजीत चहल क्यों? जाट चेहरे से ग्रामीण-आउटर दिल्ली साधने की कोशिश

अध्यक्ष पद की दौड़ में NDMC उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल का नाम तेजी से उभरा है। चहल जाट समुदाय से आते हैं और उन्हें राष्ट्रीय नेतृत्व के करीबी नेताओं में गिना जाता है। वह NaMo App के राष्ट्रीय संयोजक भी हैं, जिससे संगठनात्मक टेक्नोलॉजी नेटवर्क में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

दिल्ली BJP के रणनीतिकार मानते हैं कि विधानसभा चुनाव में सत्ता में आने के बाद अब पार्टी को शहरी पंजाबी-बनिया वोट से आगे बढ़कर outer Delhi, ग्रामीण बेल्ट और जाट मतदाताओं में संगठनात्मक विस्तार करना है। ऐसे में चहल का नाम इस सामाजिक समीकरण में फिट बैठता है।


हर्ष मल्होत्रा भी मजबूत दावेदार, RSS की पसंद बताए जा रहे

दूसरे बड़े दावेदार हैं केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा। पूर्वी दिल्ली से सांसद और केंद्र सरकार में मंत्री मल्होत्रा लंबे समय से संगठन और नगर निगम राजनीति का मजबूत चेहरा रहे हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक उन्हें RSS का करीबी माना जाता है और दिल्ली BJP में पंजाबी चेहरे के रूप में उनकी स्वीकार्यता भी मजबूत है।

अगर BJP संगठन और सरकार के बीच तालमेल के लिए किसी अनुभवी प्रशासनिक-राजनीतिक चेहरे को चुनना चाहती है, तो मल्होत्रा का दावा बेहद मजबूत हो सकता है।


सिर्फ नाम नहीं, जातीय संतुलन का भी बड़ा खेल

दिल्ली BJP के अगले अध्यक्ष का फैसला केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि समुदाय के हिसाब से भी होगा। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने साफ संकेत दिया है कि राष्ट्रीय नेतृत्व यह देखेगा कि राजधानी इकाई की कमान किस सामाजिक वर्ग को देकर अधिकतम राजनीतिक लाभ लिया जा सकता है।

अभी तस्वीर कुछ ऐसी है:

वीरेंद्र सचदेवा — पंजाबी

हर्ष मल्होत्रा — पंजाबी

कुलजीत चहल — जाट

जय प्रकाश जैसे नाम — गुर्जर

यानी BJP के सामने सवाल है कि क्या वह सत्ता में वापसी के बाद पंजाबी नेतृत्व बनाए रखे या फिर जाट/गुर्जर जैसे प्रभावशाली समुदायों को संगठन की कमान देकर अगले नगर निगम और लोकसभा समीकरण मजबूत करे।


बंगाल चुनाव खत्म होते ही दिल्ली BJP पर फैसला संभव

पार्टी सूत्रों का कहना है कि पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे 4 मई को आने के बाद राष्ट्रीय नेतृत्व संगठनात्मक बदलावों पर तेजी से निर्णय लेगा। दिल्ली BJP का अध्यक्ष कौन होगा, यह उसी व्यापक reshuffle का हिस्सा माना जा रहा है।

यानी फिलहाल दिल्ली BJP में तीन संभावनाएं खुली हैं:

सचदेवा को दूसरा कार्यकाल

कुलजीत चहल के रूप में नया जाट चेहरा

या हर्ष मल्होत्रा के रूप में संगठन-सरकार लिंक

इनमें से कौन भारी पड़ता है, यह अगले कुछ दिनों में साफ हो जाएगा।


दिल्ली BJP के लिए यह सिर्फ पद नहीं, 2029 की तैयारी है

राजधानी में सरकार बनने के बाद अब BJP का अगला लक्ष्य 2027 MCD और 2029 लोकसभा है। इसलिए प्रदेश अध्यक्ष का चयन केवल औपचारिक नियुक्ति नहीं, बल्कि अगले तीन साल की राजनीतिक दिशा तय करेगा।

जो भी अध्यक्ष बनेगा, वही तय करेगा:

संगठन का विस्तार,

सरकार के साथ तालमेल,

AAP के बचे आधार पर हमला,

और दिल्ली में BJP की स्थायी जड़ें।

यानी दिल्ली BJP का अगला अध्यक्ष सिर्फ संगठन प्रमुख नहीं, राजधानी की अगली सियासी पटकथा का लेखक होगा।

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VIKAS TRIPATHI
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VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
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