भारत की सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है, जहां अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर और दाऊद इब्राहिम के D-कंपनी नेटवर्क का प्रमुख सदस्य सलीम डोला को तुर्की से भारत प्रत्यर्पित किया गया है। यह ऑपरेशन भारतीय जांच एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से अंजाम दिया गया, जिसे संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक सलीम डोला पिछले लगभग डेढ़ साल से इस्तांबुल (तुर्की) में छिपा हुआ था और उसने खुद को पूरी तरह अंडरग्राउंड कर लिया था। वह बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग खत्म कर चुका था और एक बंद कमरे में रहकर भारतीय एजेंसियों और इंटरपोल से बचने की कोशिश कर रहा था।
फर्जी पहचान और विदेशी पासपोर्ट से रह रहा था छिपकर
जांच एजेंसियों के अनुसार सलीम डोला तुर्की में “हमजा” नाम से रह रहा था और उसने एक बल्गेरियाई पासपोर्ट का इस्तेमाल किया हुआ था। फिलहाल इस बात की जांच की जा रही है कि यह पासपोर्ट असली था या फर्जी।
उसकी पहचान छिपाने की कोशिशें इतनी सख्त थीं कि उसने लंबे समय तक किसी से सीधा संपर्क नहीं रखा और पूरी तरह डिजिटल और भौतिक ट्रैकिंग से बचने की रणनीति अपनाई थी।
छोटी गलती ने खोली पूरी पोल
एजेंसियों के अनुसार डोला की गिरफ्तारी का कारण उसकी एक बड़ी गलती बनी। उसने अपने हाइडआउट पते पर एक कूरियर मंगवा लिया, जिससे उसकी लोकेशन ट्रैक हो गई।
इसके बाद भारतीय एजेंसियों ने इंटरपोल की मदद से तुरंत कार्रवाई की और तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में उसके ठिकाने पर छापा मारा गया।
छापे में मिले तीन पासपोर्ट
छापेमारी के दौरान पुलिस को तीन पासपोर्ट मिले, जिनमें शामिल थे—
एक बल्गेरियाई पासपोर्ट (नाम: हमजा)
दो भारतीय पासपोर्ट
यह भी जांच का विषय है कि ये दस्तावेज असली थे या फर्जी पहचान के लिए बनाए गए थे।
तुर्की से भारत तक ‘ऑपरेशन ग्लोबल हंट’
गिरफ्तारी के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर “ऑपरेशन ग्लोबल हंट” चलाया। तुर्की के साथ प्रत्यक्ष प्रत्यर्पण संधि न होने के बावजूद, कूटनीतिक और कानूनी प्रयासों के जरिए सलीम डोला को भारत लाने में सफलता मिली।
अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का बड़ा खुलासा
जांच में सामने आया है कि सलीम डोला एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क का संचालन कर रहा था, जिसमें MDMA जैसी खतरनाक ड्रग्स की सप्लाई शामिल थी।
सूत्रों के अनुसार तुर्की को वह एक ट्रांजिट हब की तरह इस्तेमाल करता था, क्योंकि यह एशिया, यूरोप और मिडिल ईस्ट के बीच रणनीतिक स्थान पर स्थित है। उसका नेटवर्क कई देशों में फैला हुआ था और इसमें कई अंतरराष्ट्रीय तस्कर शामिल थे।
परिवार भी था नेटवर्क का हिस्सा
जांच एजेंसियों का दावा है कि सलीम डोला का परिवार भी इस ड्रग कारोबार में शामिल था।
इससे पहले उसके बेटे ताहिर डोला को जून 2025 में संयुक्त अरब अमीरात से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। उसके एक अन्य सहयोगी को भी दुबई से भारत लाकर गिरफ्तार किया गया था।
सलीम डोला की गिरफ्तारी और भारत वापसी को सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी रणनीतिक जीत माना जा रहा है। इस कार्रवाई से दाऊद इब्राहिम से जुड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क पर बड़ा प्रहार हुआ है और आने वाले समय में इस सिंडिकेट के और बड़े खुलासे होने की संभावना है।














