नई दिल्ली: कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार की ‘वन स्टॉप सेंटर’ (OSC) योजना को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में हिंसा से पीड़ित महिलाओं को इन केंद्रों से पर्याप्त सहायता नहीं मिल रही है। राहुल गांधी ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल एक योजना नहीं बल्कि सरकार की बुनियादी जिम्मेदारी है, लेकिन सरकार इस जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं निभा रही है।
रविवार को अपने व्हाट्सऐप चैनल पर साझा किए गए संदेश में राहुल गांधी ने कहा कि देश के कई ‘वन स्टॉप सेंटर’ या तो ठीक से काम नहीं कर रहे हैं या फिर वहां पर्याप्त स्टाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि जब कोई महिला हिंसा से बचकर इन केंद्रों तक पहुंचती है तो उसे मदद मिलने के बजाय बंद दरवाजे मिलते हैं। राहुल ने सवाल किया कि यदि सब कुछ ठीक चल रहा है, जैसा कि सरकार दावा कर रही है, तो फिर देश के अलग-अलग हिस्सों से इन केंद्रों की समस्याओं की शिकायतें क्यों सामने आ रही हैं।
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के बजट में से ‘वन स्टॉप सेंटर’ पर बहुत कम खर्च किया जा रहा है। उनके मुताबिक मंत्रालय को आवंटित हर 100 रुपये में से केवल 60 पैसे ही इन केंद्रों पर खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर महिला सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है तो हर पांच में से तीन महिलाओं तक मदद अभी भी क्यों नहीं पहुंच पा रही है।
संसद में भी उठाया था मुद्दा
कांग्रेस नेता ने बताया कि उन्होंने 27 मार्च को Lok Sabha में इस विषय पर सवाल उठाया था। उन्होंने पूछा था कि देश में कितने ‘वन स्टॉप सेंटर’ बंद पड़े हैं या सही तरीके से संचालित नहीं हो रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने पिछले पांच वर्षों में इन केंद्रों में सहायता और आश्रय मांगने वाली महिलाओं की संख्या तथा महिलाओं के खिलाफ दर्ज अपराधों का राज्यवार और वर्षवार ब्योरा भी मांगा था।
राहुल गांधी ने यह भी जानना चाहा था कि पिछले पांच सालों में कितने नए OSC खोले गए और कितने पहले से चल रहे हैं। उन्होंने केंद्रों के लिए जारी किए गए फंड, उसके उपयोग और अधूरे खर्च के कारणों की जानकारी भी मांगी। इसके अलावा उन्होंने इन केंद्रों में स्वीकृत और भरी गई पदों—जैसे प्रशासक, केस वर्कर, काउंसलर, मेडिकल ऑफिसर और पुलिस कर्मियों—का राज्यवार विवरण भी मांगा था। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या मंत्रालय को कुप्रबंधन या दिशानिर्देशों के उल्लंघन की शिकायतें मिली हैं और उन पर क्या कार्रवाई की गई।
सरकार का जवाब: कामकाज संतोषजनक
इस प्रश्न के लिखित उत्तर में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री Savitri Thakur ने बताया कि ‘वन स्टॉप सेंटर’ योजना Mission Shakti के ‘संबल’ वर्टिकल का हिस्सा है। इसका उद्देश्य हिंसा से प्रभावित और संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही स्थान पर तुरंत और समन्वित सहायता उपलब्ध कराना है।
मंत्री के अनुसार इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को चिकित्सा सहायता, कानूनी मदद, पुलिस सहायता, अस्थायी आश्रय और मनो-सामाजिक परामर्श जैसी सेवाएं प्रदान की जाती हैं। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2015 से 31 दिसंबर 2025 तक देशभर में 13.37 लाख से अधिक महिलाओं को इन केंद्रों के माध्यम से सहायता दी जा चुकी है।
सावित्री ठाकुर ने यह भी स्पष्ट किया कि OSC योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन पर होती है। उन्होंने बताया कि योजना का दो बार तीसरे पक्ष से मूल्यांकन कराया गया है, जो NITI Aayog के माध्यम से 2020 और 2025 में किया गया था। इन अध्ययनों में योजना की प्रासंगिकता, प्रभावशीलता और स्थायित्व को संतोषजनक पाया गया है।
राजनीतिक बहस तेज
राहुल गांधी के आरोपों और सरकार के जवाब के बाद ‘वन स्टॉप सेंटर’ की स्थिति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इन केंद्रों को बेहतर संसाधन और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराना जरूरी है, जबकि सरकार का दावा है कि योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं को सहायता मिल चुकी है और इसका संचालन संतोषजनक तरीके से हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के मद्देनजर ‘वन स्टॉप सेंटर’ जैसी योजनाओं का प्रभावी संचालन बेहद जरूरी है, ताकि संकट में फंसी महिलाओं को तुरंत सहायता और सुरक्षित माहौल मिल सके।














