नोएडा: नवरात्र के नौ दिनों तक चले व्रत, पूजा और भक्ति के समापन अवसर पर नोएडा में एक विशेष सामाजिक पहल ,देखने को मिली। फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन ने पहली बार ‘माँ की चौकी’ के साथ कंजक सम्मान समारोह का आयोजन किया, जिसमें कन्याओं को श्रद्धा और सम्मान के साथ आमंत्रित कर भोजन कराया गया और उन्हें उपहार व वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि समाज में समानता, समावेश और सम्मान के संदेश को भी मजबूती से प्रस्तुत करता नजर आया। फाउंडेशन के सदस्यों ने इस पहल को एक ऐसे प्रयास के रूप में बताया, जो समाज में व्याप्त भेदभाव को खत्म कर हर व्यक्ति को समान दृष्टि से देखने की प्रेरणा देता है।
श्रद्धा के साथ सेवा और सम्मान
कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार कन्याओं का पूजन किया गया। उन्हें प्रेमपूर्वक भोजन कराया गया और उपहार स्वरूप वस्त्र व अन्य भेंट देकर सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने इसे नारी सम्मान और सामाजिक समरसता का सशक्त प्रतीक बताया।
समाज में समानता का संदेश
फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में यह संदेश देना है कि हर व्यक्ति समान सम्मान और गरिमा का अधिकारी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन लोगों को एकजुट करते हैं और सामाजिक भेदभाव को मिटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रमुख सदस्यों की उपस्थिति
इस अवसर पर कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव, डॉ. महिपाल सिंह, डॉ. सुष्मिता भाटी, डॉ. भावना आनंद, कृष्णा यादव, इलिका रावत, अभिनव प्रताप सिंह और सुरभी जैन शामिल थे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया।
भविष्य में भी जारी रहेगा अभियान
कार्यक्रम के अंत में फाउंडेशन के सदस्यों ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी ऐसे सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समावेशी और भेदभाव-रहित समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।
इस आयोजन ने यह साबित किया कि आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी जब साथ आती हैं, तो वे समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव रख सकती हैं।














