नई दिल्ली। राजधानी स्थित भारत मंडपम में हुए हंगामे के मामले में दिल्ली पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चिब को पूरे घटनाक्रम का ‘मास्टरमाइंड’ बताया है। अदालत ने उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस का दावा: निर्देश पर हुई एंट्री, माहौल बिगाड़ने की साजिश
दिल्ली पुलिस के अनुसार, कार्यकर्ताओं ने मंडपम में जो एंट्री की, वह उदय भानु चिब के निर्देश पर की गई थी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को पहले से पूरे मामले की जानकारी थी। अंदर प्रवेश करने के बाद नारेबाजी की गई और रोकने पर पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की और मारपीट की गई।
पुलिस ने अदालत में कहा कि अन्य आरोपी हिमाचल, जम्मू और अमेठी में हैं, जिन्हें गिरफ्तार किया जाना है। जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि घटना का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाना था।
टी-शर्ट बना जांच का अहम बिंदु
दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों से सात-आठ टी-शर्ट बरामद की गई हैं, जिन्हें जांच का महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जब साजिश के संबंध में उदय भानु चिब से पूछताछ की गई तो उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
बचाव पक्ष का तर्क: प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार
वहीं, उदय भानु चिब के वकील ने अदालत में कहा कि लोकतंत्र में प्रदर्शन करना अधिकार है और इसे अपराध की तरह पेश करना गलत है। उन्होंने सवाल उठाया कि टी-शर्ट मिलना कोई अपराध कैसे हो सकता है?
वकील ने दलील दी कि दिल्ली में गंभीर अपराध हो रहे हैं, लेकिन पुलिस टी-शर्ट की जांच में लगी है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले को जबरन बड़ा बना रही है और उनके मुवक्किल जांच में सहयोग कर रहे हैं, फिर भी गिरफ्तारी की गई।
बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि यदि पुलिस कस्टडी दी गई तो रोज किसी पदाधिकारी को गिरफ्तार कर पेश किया जाएगा। इसलिए न्यायालय से कस्टडी न देने की अपील की गई।
कोर्ट में तीखी बहस
अदालत में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। पुलिस ने दोहराया कि चिब की भूमिका केंद्रीय है और आगे की गिरफ्तारी व साजिश के पहलुओं की जांच के लिए रिमांड आवश्यक है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। आने वाले दिनों में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।














