गाजीपुर – अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) वेद सिंह चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में अभियोजन समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में बताया गया कि सत्र न्यायालय में कुल 53 वादों का निस्तारण हुआ, जिनमें 10 मामलों में सजा सुनाई गई जबकि 38 मामलों में अभियुक्त रिहा हुए। इनमें 33 मामलों में गवाहों के पक्षद्रोही होने तथा 5 मामलों में गुण-दोष के आधार पर अभियुक्तों को राहत मिली। एक मामले में अपील प्रस्तावित की गई। अन्य अधिनियमों के अंतर्गत निस्तारित 5 मामलों में सभी अभियुक्तों को सजा हुई।
कोतवाली थाना क्षेत्र के एक पुराने मामले में न्यायालय ने अभियुक्त हीरालाल को दोषसिद्ध मानते हुए परिवीक्षा का लाभ दिया। वहीं दुल्लहपुर थाना के चोरी से जुड़े चार मामलों में अभियुक्त भुंवर खरवार को एडीजे प्रथम न्यायालय द्वारा 2 वर्ष 6 माह के कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
सादात थाना क्षेत्र के पाक्सो मामले में अभियुक्त अरमान उर्फ भोला को पाक्सो न्यायालय ने 25 वर्ष के कठोर कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया। बैठक में बताया गया कि अभियोजन संवर्ग में कुल 438 वारंट जारी हुए, जिनमें 243 तामील कराए गए। गवाहों की अनुपस्थिति, पीठासीन अधिकारियों के अवकाश एवं अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण कई मामलों की सुनवाई प्रभावित रही।
अपर जिलाधिकारी ने अभियोजकों को निर्देश दिए कि जिन मामलों में गवाह पक्षद्रोही हो रहे हैं, उनकी गंभीर समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।














