दिल्ली के दक्षिण-पश्चिमी इलाके वसंत एन्क्लेव में कार में शराब पीने को लेकर हुए विवाद का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना में कथित तौर पर भारतीय सेना के एक सेवारत ब्रिगेडियर, उनके IIT दिल्ली से ग्रेजुएट बेटे और पत्नी के साथ बदसलूकी व मारपीट की बात सामने आई है। अब इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने भी घटना पर गहरी चिंता जताई है।
उपराज्यपाल संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह वसंत एन्क्लेव में हुई इस घटना से बेहद चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं ब्रिगेडियर पी.एस. अरोड़ा से बात कर घटना की जानकारी ली और उनका हालचाल जाना। संधू ने कहा कि उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से भी बात की है और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मामले की पूरी और तेज जांच की जाए, ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तुरंत और उचित कार्रवाई हो सके।
उपराज्यपाल ने यह भी कहा कि पीड़ित अधिकारी और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि संबंधित परिवार को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाए। संधू ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और कानून के शासन को बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना पिछले सप्ताह शनिवार की है। बताया जाता है कि ब्रिगेडियर ने अपने घर के पास खड़ी एक लग्जरी कार में दो लोगों को शराब पीते देखा, जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो बाद में मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि मौके पर मौजूद लोगों के समूह ने ब्रिगेडियर और उनके बेटे पर हमला किया और उनकी पत्नी को भी धमकाया।
Appreciate the much needed swift action by @DelhiPolice in the Vasant Enclave case. With two key accused now apprehended and the vehicle seized, the investigation must be fast-tracked to ensure all accomplices are brought to justice.
We remain committed to ensuring the safety of… https://t.co/QSUaBbgTdN
— LG Delhi (@LtGovDelhi) April 14, 2026
शुरुआत में पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी, लेकिन मामला सोशल मीडिया पर सामने आने और बढ़ते दबाव के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, गलत तरीके से रोकना, आपराधिक धमकी, महिला की गरिमा से जुड़ा अपराध, दंगा और गैरकानूनी सभा से संबंधित धाराएं शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। साथ ही शुरुआती जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित निरीक्षक या जांच अधिकारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
भारतीय सेना ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया है। सेना की ओर से कहा गया कि मामले का संज्ञान लिया गया है और सेना पुलिस की एक टीम अधिकारी की सहायता के लिए भेजी गई है। इस घटनाक्रम के बाद मामला अब केवल स्थानीय विवाद न रहकर सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही के बड़े सवालों से भी जुड़ गया है।
यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें एक सेवारत सैन्य अधिकारी और उनके परिवार के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। अब सबकी नजर पुलिस जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।














