“ब्रेस्ट-सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग से लेकर किशोरियों की सेहत तक पहल की प्रशंसा, 10 सितंबर को सेशेल्स में आयोजित होगा विशेष अभियान”
ग्रेटर नोएडा: महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य को लेकर भारत में किए जा रहे सामाजिक एवं स्वास्थ्य जागरूकता प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। सेशेल्स गणराज्य की फर्स्ट लेडी वेरोनिक हर्मिनी ने ग्रेटर नोएडा स्थित शीकैनस्कैन का दौरा कर महिलाओं के स्वास्थ्य, कैंसर की समय रहते पहचान, मासिक धर्म स्वास्थ्य और किशोरियों को यौवनावस्था के लिए तैयार करने से जुड़ी भारतीय पहलों की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं के लिए विकसित किए गए स्वास्थ्य-केंद्रित मॉडल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
दौरे के दौरान हर्मिनी ने ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए अपनाए जा रहे महिला-केंद्रित मॉडल को समझा और इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं ऐसी होनी चाहिए, जहां वे बिना डर, झिझक और असहजता के नियमित जांच करा सकें। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं भी स्क्रीनिंग कराई।
कैंसर की शुरुआती पहचान पर जोर
शीकैनस्कैन के दौरे के दौरान सेशेल्स की फर्स्ट लेडी ने महिलाओं में ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की समय रहते पहचान के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सोशल एंटरप्रेन्योर मदन मोहित भारद्वाज तथा उनकी टीम से यह जाना कि महिलाओं को कैंसर स्क्रीनिंग के लिए किस तरह सुविधाजनक और सहयोगी वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर रहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से मुकाबले में केवल उपचार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नियमित स्वास्थ्य जांच और बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान भी बेहद महत्वपूर्ण है। महिलाओं को नियमित स्क्रीनिंग के लिए प्रोत्साहित करने और स्क्रीनिंग प्रक्रिया से जुड़े डर को कम करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को फर्स्ट लेडी ने महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि महिलाओं की स्वास्थ्य जरूरतों को समझते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सहज, सुलभ और भरोसेमंद बनाना जरूरी है। विशेष रूप से उन महिलाओं तक स्क्रीनिंग सेवाएं पहुंचाना चुनौती है, जो स्वास्थ्य संबंधी जांच को लेकर संकोच या भय महसूस करती हैं।
प्यूबर्टी और मासिक धर्म पर खुलकर बातचीत की जरूरत
दौरे की चर्चा केवल कैंसर स्क्रीनिंग तक सीमित नहीं रही। किशोरियों की सेहत और यौवनावस्था से जुड़े विषय भी बातचीत के प्रमुख केंद्र में रहे। वेरोनिक हर्मिनी ने कहा कि लड़कियों को प्यूबर्टी और मासिक धर्म शुरू होने से पहले ही वैज्ञानिक और सही जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उनका मानना है कि किशोरियों को शरीर में होने वाले बदलावों के बारे में सही जानकारी मिलने से उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ता है और वे यौवनावस्था से जुड़े बदलावों को डर और झिझक के बजाय सहजता से समझ पाती हैं।
इसी सोच को आगे बढ़ाने के लिए मासिक धर्म स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़े उत्पादों तथा जागरूकता सामग्री के माध्यम से किशोरियों तक जरूरी जानकारी पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। शीविंग पर्सनल केयर की ओर से तैयार किए जाने वाले उत्पादों की पैकेजिंग और उनसे जुड़ी जानकारी के जरिए किशोरियों को प्यूबर्टी और मासिक धर्म के दौरान जरूरी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने का प्रयास किया जाता है।
हर्मिनी ने इस पहल की सोच की प्रशंसा की और बाद में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी इस पहल की जानकारी साझा की।
‘वेलकम टू प्यूबर्टी’ अभियान को मिला अंतरराष्ट्रीय समर्थन
भारत और सेशेल्स के बीच महिला एवं किशोरी स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में 10 सितंबर 2026 को सेशेल्स में ‘वेलकम टू प्यूबर्टी’ अभियान आयोजित किया जाएगा। इस अभियान का नेतृत्व सेशेल्स की फर्स्ट लेडी वेरोनिक हर्मिनी करेंगी।
मदन मोहित भारद्वाज ने बैठक के बाद इस अभियान को अपना समर्थन देने की घोषणा की। अभियान का उद्देश्य किशोरियों के बीच प्यूबर्टी, मासिक धर्म, व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वास्थ्य को लेकर सही एवं वैज्ञानिक जानकारी के साथ खुलकर बातचीत को बढ़ावा देना है।
अभियान के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि यौवनावस्था और मासिक धर्म किसी लड़की के लिए डर या शर्म का विषय नहीं, बल्कि जीवन के स्वाभाविक और महत्वपूर्ण चरण हैं। सही जानकारी, बेहतर स्वच्छता और परिवार के सहयोग से किशोरियां इस दौर को आत्मविश्वास के साथ पार कर सकती हैं।
माता-पिता और समाज को भी जागरूक करने पर जोर
‘वेलकम टू प्यूबर्टी’ अभियान का दायरा केवल किशोरियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके जरिए माता-पिता और समाज में भी किशोरियों की स्वास्थ्य जरूरतों को लेकर संवेदनशीलता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
किशोरावस्था में शारीरिक बदलावों के साथ मानसिक और भावनात्मक बदलाव भी आते हैं। ऐसे समय में परिवार का सहयोग और सही मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। यदि बच्चों को अपने सवाल पूछने के लिए सुरक्षित और सहज वातावरण मिले, तो वे अपने स्वास्थ्य और शरीर से जुड़े विषयों को अधिक जिम्मेदारी के साथ समझ सकते हैं।
भारद्वाज ने कहा कि सेशेल्स में आयोजित होने वाला अभियान महिलाओं और किशोरियों की सेहत के क्षेत्र में सामाजिक प्रभाव पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं की स्वास्थ्य जागरूकता और सोशल इनोवेशन के क्षेत्र में हासिल अनुभवों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा करने से दूसरे देशों को भी लाभ मिल सकता है।
‘महिलाओं की सेहत किसी सीमा तक सीमित नहीं’
शीविंग और शीकैनस्कैन के फाउंडर मदन मोहित भारद्वाज ने कहा कि महिलाओं की सेहत किसी देश की सीमा तक सीमित विषय नहीं है। कैंसर स्क्रीनिंग, मासिक धर्म स्वास्थ्य और किशोरियों को प्यूबर्टी के लिए तैयार करने जैसी चुनौतियां दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में महिलाओं और लड़कियों के सामने मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि भारत में इन क्षेत्रों में काम करते हुए जो अनुभव हासिल हुए हैं, उन्हें अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए दूसरे देशों के साथ साझा किया जा सकता है। इससे महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ जागरूकता अभियानों को भी व्यापक बनाया जा सकता है।
भारद्वाज ने यह भी कहा कि सेशेल्स की महिलाओं और लड़कियों की सेहत को लेकर फर्स्ट लेडी वेरोनिक हर्मिनी का विजन प्रेरणादायक है। उन्होंने किशोरियों और यौवनावस्था से जुड़े मुद्दों को समझने तथा प्रभावी तरीके से काम करने के लिए टीम का मार्गदर्शन भी किया।
महिला-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा
शीकैनस्कैन में महिलाओं के लिए कैंसर स्क्रीनिंग को अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दौरे के दौरान फर्स्ट लेडी ने यह भी जाना कि महिलाओं को ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की जांच के दौरान किस तरह सहयोगी और सहज वातावरण उपलब्ध कराया जाता है।
स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, महिलाओं में कैंसर की समय रहते पहचान होने पर उपचार के बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। ऐसे में नियमित स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है। खासतौर पर उन महिलाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, जो किसी स्पष्ट लक्षण के अभाव में स्वास्थ्य जांच को टाल देती हैं।
शीकैनस्कैन के मॉडल में महिलाओं के लिए स्क्रीनिंग को कम डरावना और अधिक सहज बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी दृष्टिकोण ने सेशेल्स की फर्स्ट लेडी का ध्यान आकर्षित किया।
एक दशक से अधिक समय से स्वास्थ्य जागरूकता पर काम
शीविंग फाउंडेशन पिछले एक दशक से अधिक समय से भारत में महिलाओं की सेहत, स्वास्थ्य जागरूकता और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर के क्षेत्र में काम कर रहा है। इसके तहत महिलाओं और किशोरियों से जुड़े स्वास्थ्य विषयों पर जागरूकता बढ़ाने तथा आवश्यक स्वास्थ्य जानकारी को आसान भाषा और व्यावहारिक माध्यमों से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं, शीकैनस्कैन के माध्यम से महिलाओं के लिए ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग को अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा में हुई यह मुलाकात भारत और सेशेल्स के बीच महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में संभावित सहयोग के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक ओर जहां कैंसर की शुरुआती पहचान और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर जोर दिया गया, वहीं दूसरी ओर किशोरियों के बीच प्यूबर्टी और मासिक धर्म को लेकर वैज्ञानिक जानकारी और संवाद को बढ़ावा देने की आवश्यकता सामने आई।
10 सितंबर को सेशेल्स में होने वाला ‘वेलकम टू प्यूबर्टी’ अभियान इसी दिशा में अगला कदम होगा। भारत के स्वास्थ्य जागरूकता और सोशल इनोवेशन के अनुभवों को सेशेल्स के साथ साझा करने की यह पहल आने वाले समय में महिला एवं किशोरी स्वास्थ्य के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का एक नया उदाहरण बन सकती है।














