Wednesday, August 19, 2026
Your Dream Technologies
HomeDelhi NCRसुप्रीम कोर्ट बार को मिला नया अध्यक्ष: वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप राय ने...

सुप्रीम कोर्ट बार को मिला नया अध्यक्ष: वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप राय ने 371 वोटों से दर्ज की बड़ी जीत, राहुल कौशिक उपाध्यक्ष और प्रज्ञा बघेल बनीं सचिव

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) को नया नेतृत्व मिल गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप राय ने अध्यक्ष पद के चुनाव में शानदार जीत दर्ज करते हुए अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी वरिष्ठ अधिवक्ता अनुपम लाल दास को 371 वोटों के अंतर से हरा दिया। प्रदीप राय को कुल 822 वोट मिले, जबकि अनुपम लाल दास के खाते में 451 वोट आए। इस जीत के साथ प्रदीप राय अगले एक वर्ष तक सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।

SCBA के चुनाव में अध्यक्ष पद के अलावा उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव समेत अन्य महत्वपूर्ण पदों के परिणाम भी घोषित कर दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल कौशिक उपाध्यक्ष, अधिवक्ता प्रज्ञा बघेल सचिव और अधिवक्ता मुनीश दुबे संयुक्त सचिव निर्वाचित हुए हैं। नई टीम के सामने अब सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी होगी।

371 वोटों से प्रदीप राय की बड़ी जीत

अध्यक्ष पद के चुनाव में प्रदीप राय ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अनुपम लाल दास पर स्पष्ट बढ़त बनाई। राय को जहां 822 वोट मिले, वहीं दास को 451 वोट प्राप्त हुए। इस तरह दोनों उम्मीदवारों के बीच 371 वोटों का अंतर रहा।

यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अध्यक्ष पद के लिए मैदान में कई अनुभवी उम्मीदवार थे। इसके बावजूद प्रदीप राय सबसे अधिक वोट हासिल करने में सफल रहे। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद उनके समर्थकों में उत्साह देखने को मिला।

SCBA अध्यक्ष का पद सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं के बीच बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अध्यक्ष बार के सदस्यों से जुड़े मुद्दों को सामने रखने के साथ-साथ संगठन के प्रशासनिक कामकाज और अधिवक्ताओं के हितों से जुड़े विषयों पर नेतृत्व प्रदान करते हैं।

करीब 82 फीसदी मतदान, 2,794 सदस्यों ने डाला वोट

इस बार SCBA चुनाव में अधिवक्ताओं की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार करीब 2,794 सदस्यों ने मतदान किया, जबकि कुल मतदान प्रतिशत लगभग 82 फीसदी रहा।

मतदान का यह आंकड़ा बताता है कि सुप्रीम कोर्ट बार के सदस्यों ने चुनाव में काफी रुचि दिखाई। अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला बहुकोणीय था और कई वरिष्ठ अधिवक्ता मैदान में थे। ऐसे में प्रत्येक उम्मीदवार ने अपने पक्ष में अधिक से अधिक समर्थन जुटाने की कोशिश की।

अध्यक्ष पद के चुनाव में प्रदीप राय और अनुपम लाल दास के अलावा आदिश अग्रवाल, गौरव भाटिया, सुकुमार पट्टजोशी, सिद्धार्थ मृदुल और महालक्ष्मी पवानी भी उम्मीदवार थे।

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक आदिश अग्रवाल को 412 वोट, गौरव भाटिया को 370 वोट, सुकुमार पट्टजोशी को 269 वोट, सिद्धार्थ मृदुल को 217 वोट और महालक्ष्मी पवानी को 128 वोट मिले।

इस बहुकोणीय मुकाबले में प्रदीप राय 822 वोटों के साथ सबसे आगे रहे और उन्होंने अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया।

दूसरी कोशिश में मिली सफलता

प्रदीप राय के लिए SCBA अध्यक्ष पद का यह चुनाव खास महत्व रखता है। उन्होंने लगातार दूसरी बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा और इस बार जीत हासिल करने में सफल रहे।

इससे पहले 2025 में भी प्रदीप राय ने SCBA अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था, लेकिन उस चुनाव में विकास सिंह ने जीत दर्ज की थी। विकास सिंह ने 2025-26 के कार्यकाल में SCBA अध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी संभाली।

पहले प्रयास में सफलता नहीं मिलने के बाद प्रदीप राय ने एक बार फिर चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया। इस बार उन्होंने अधिवक्ताओं के बीच अपने एजेंडे और विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से रखा और चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल किया।

चुनाव से पहले वकीलों के मुद्दों पर रखा था अपना एजेंडा

अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले आयोजित बहस के दौरान प्रदीप राय ने सुप्रीम कोर्ट में लागू सीक्वेंसिंग सिस्टम को खत्म करने की पैरवी की थी। इसके अलावा उन्होंने अधिवक्ताओं से जुड़े कई मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया था।

राय ने अपने चुनावी एजेंडे में SCBA सदस्यों के सामाजिक और आर्थिक हितों से जुड़े मुद्दों पर भी जोर दिया था। उन्होंने अधिवक्ताओं के लिए बेहतर सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं की जरूरत पर बात रखी।

उनके प्रमुख वादों में SCBA सदस्यों के लिए 50 लाख रुपये तक का मेडिकल सुरक्षा कवर उपलब्ध कराने की योजना शामिल थी। इसके अलावा उन्होंने अधिवक्ताओं के बच्चों के लिए मेरिट आधारित छात्रवृत्ति शुरू करने का भी वादा किया था।

अब अध्यक्ष पद संभालने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चुनाव के दौरान किए गए इन वादों को नई कार्यकारिणी किस तरह लागू करती है।

राहुल कौशिक उपाध्यक्ष, प्रज्ञा बघेल सचिव

SCBA चुनाव में अध्यक्ष पद के साथ संगठन के अन्य महत्वपूर्ण पदों के लिए भी चुनाव हुआ। वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल कौशिक को उपाध्यक्ष चुना गया है। वहीं अधिवक्ता प्रज्ञा बघेल ने सचिव पद पर जीत हासिल की है।

इसके अलावा अधिवक्ता मुनीश दुबे संयुक्त सचिव चुने गए हैं।

नई टीम के गठन के साथ SCBA के सामने अब संगठन के कामकाज को आगे बढ़ाने और बार के सदस्यों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की जिम्मेदारी होगी।

अध्यक्ष और सचिव जैसे पद संगठन की गतिविधियों में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में प्रदीप राय और प्रज्ञा बघेल समेत पूरी नई टीम के सामने अधिवक्ताओं के हितों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की चुनौती होगी।

मेडिकल कवर और छात्रवृत्ति के वादे पर रहेगी नजर

प्रदीप राय के चुनावी अभियान में अधिवक्ताओं के कल्याण से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। खासतौर पर 50 लाख रुपये तक के मेडिकल सुरक्षा कवर और अधिवक्ताओं के बच्चों के लिए मेरिट आधारित स्कॉलरशिप के वादे ने ध्यान खींचा।

अब चुनाव जीतने के बाद अधिवक्ता समुदाय की नजर इस बात पर होगी कि इन घोषणाओं को किस तरह अमल में लाया जाता है। मेडिकल सुरक्षा कवर जैसी योजना SCBA सदस्यों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

वहीं, मेधावी बच्चों के लिए छात्रवृत्ति की योजना अधिवक्ता परिवारों की शिक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मददगार हो सकती है।

सीक्वेंसिंग सिस्टम को लेकर भी लिया था स्पष्ट रुख

चुनावी बहस के दौरान प्रदीप राय ने सुप्रीम कोर्ट में लागू सीक्वेंसिंग सिस्टम को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया था। उन्होंने इसे खत्म करने की पैरवी की थी।

सुप्रीम कोर्ट में मामलों की सुनवाई और अधिवक्ताओं के पेशेवर कामकाज से जुड़े मुद्दे बार के लिए लगातार महत्वपूर्ण रहे हैं। ऐसे में अध्यक्ष पद संभालने के बाद राय इस मुद्दे को किस तरह आगे बढ़ाते हैं, इस पर भी अधिवक्ताओं की नजर रहेगी।

SCBA को नई टीम, अधिवक्ताओं की उम्मीदें भी बढ़ीं

प्रदीप राय की जीत के साथ सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन को नया अध्यक्ष मिल गया है। उनके साथ राहुल कौशिक, प्रज्ञा बघेल और मुनीश दुबे जैसे पदाधिकारियों की नई टीम भी सामने आई है।

करीब 82 फीसदी मतदान के बीच हुए इस चुनाव में अधिवक्ताओं की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि बार के सदस्यों के लिए नेतृत्व और संगठन से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण हैं।

अब नई कार्यकारिणी के सामने चुनाव के दौरान उठाए गए मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने की चुनौती होगी। अधिवक्ताओं की सुविधाओं, मेडिकल सुरक्षा, बच्चों की छात्रवृत्ति, पेशेवर समस्याओं और SCBA की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर आने वाले फैसले नई टीम के कार्यकाल की दिशा तय करेंगे।

कुल मिलाकर, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप राय ने दूसरी कोशिश में SCBA अध्यक्ष पद का चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक पकड़ मजबूत की है। 822 वोटों के साथ 371 वोटों की निर्णायक बढ़त उनकी जीत की सबसे बड़ी खासियत रही। अब अगले एक वर्ष तक सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की कमान उनके हाथों में होगी और अधिवक्ता समुदाय की निगाहें उनके चुनावी वादों और कार्यशैली पर टिकी रहेंगी।

- Advertisement -
Your Dream Technologies
VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Call Now Button