गाजीपुर। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सांसद अफजाल अंसारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विधायक ओमप्रकाश सिंह, सुहेब उर्फ मन्नू अंसारी, जयकिशुन साहू, बेदीराम, डॉ. वीरेन्द्र यादव, अंकित भारती, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत की।
बैठक में सांसद अफजाल अंसारी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लंबित सड़कों के निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं को दूर कर उन्हें शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने किसानों को उनकी जोत के अनुसार खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रभावित गांवों में पशुओं के टीकाकरण, उपचार तथा मोबाइल वैन की व्यवस्था पहले से करने के निर्देश दिए। साथ ही पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने और वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को दी जा रही सहायता की रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा।
जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की धीमी प्रगति पर सदन ने नाराजगी जताई। सांसद ने उन 30 लोगों की पेंशन बहाल कराने की मांग की जिन्हें जीवित होने के बावजूद मृत घोषित कर पेंशन बंद कर दी गई थी। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित सचिवों की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जांच के नाम पर उपभोक्ताओं का उत्पीड़न बंद हो तथा जले हुए ट्रांसफार्मरों को समय से बदला जाए। सांसद ने सैदपुर में बिजली विभाग की लापरवाही से जुड़े आत्महत्या प्रकरण में जिलाधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई को ऐतिहासिक बताते हुए उसकी सराहना की, जिस पर सदन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने जर्जर सड़कों, स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की कमी, नहरों में पानी की उपलब्धता, पेयजल योजनाओं और पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत जैसे मुद्दे भी उठाए। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने सभी विभागों को जनकल्याणकारी योजनाओं को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा करने तथा जनप्रतिनिधियों को प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।














