पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के निर्णायक और आखिरी चरण से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की जनता के नाम भावनात्मक खुला खत और वीडियो संदेश जारी कर चुनावी मुकाबले को नया मोड़ दे दिया है। अपने पत्र में मोदी ने साफ संदेश दिया—“भय बहुत हुआ, अब भरोसा चाहिए, अब भाजपा चाहिए”—और बंगाल को ‘विकसित बंगाल’ बनाने का बड़ा वादा किया।
प्रधानमंत्री ने बंगाल की जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद राज्य में बीजेपी के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण का उत्सव पूरा बंगाल मिलकर मनाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब 294 सदस्यीय विधानसभा की बची हुई 142 सीटों पर 29 अप्रैल को दूसरे और अंतिम चरण का मतदान होना है, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
चुनाव प्रचार थमते ही मोदी का सीधा संवाद, कहा—पत्र के जरिए हर बंगाली परिवार से बात कर रहा हूं
सोमवार शाम पांच बजे चुनाव प्रचार समाप्त होने के साथ ही पीएम मोदी ने जनता के बीच आखिरी राजनीतिक संदेश पहुंचाने के लिए खुला खत जारी किया। उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र का हर चुनाव एक पवित्र महोत्सव होता है और बंगाल के इस चुनाव में हिस्सा लेना उनके लिए विशेष अनुभव रहा है।
मोदी ने कहा कि उनकी आखिरी रैली भी पूरी हो चुकी है और अब वह पत्र के माध्यम से बंगाल के हर परिवार तक अपनी भावनाएं पहुंचा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी मंचों से भाजपा का विकास रोडमैप रखने के बाद अब अंतिम फैसला बंगाल की जनता के हाथ में है।
You gave 70 years to Congress, Left and TMC.
Now, give us one opportunity…together we will free West Bengal from every shackle. pic.twitter.com/WGfjwUUYkB
— Narendra Modi (@narendramodi) April 27, 2026
‘बंगाल में थकान नहीं, तीर्थ यात्रा जैसा अनुभव हुआ’—मोदी ने जोड़ा आध्यात्मिक रंग
अपने खत में प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव प्रचार को सिर्फ राजनीतिक अभियान नहीं बल्कि आध्यात्मिक अनुभव बताया। उन्होंने लिखा कि भीषण गर्मी, लगातार रैलियों और रोड शो के बावजूद उन्हें जरा भी थकान महसूस नहीं हुई।
मोदी ने कहा कि बंगाल की धरती पर उन्हें ऐसा लगा जैसे यह कोई चुनाव नहीं बल्कि तीर्थ यात्रा हो। मां काली के भक्तों के बीच जाकर उन्हें लगातार नई ऊर्जा मिलती रही। उन्होंने यहां तक कहा कि यह अनुभूति उन्हें वैसी ही लगी जैसी अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा से पहले 11 दिन के अनुष्ठान के दौरान हुई थी।
युवा, महिलाएं, किसान…सब बदलाव चाहते हैं: मोदी
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि इस चुनाव के दौरान उन्होंने बंगाल में बदलाव की तीखी बेचैनी महसूस की है। उनके मुताबिक राज्य का युवा खुला अवसर चाहता है, महिलाएं सुरक्षा और सम्मान चाहती हैं, किसान और श्रमिक बेहतर भविष्य चाहते हैं।
मोदी ने लिखा कि बंगाल का हर परिवार अब एक ही संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है—परिवर्तन करना है, भय से बाहर निकलना है और विकास की राह पकड़नी है।
इसी संदेश को उन्होंने नारे में बदलते हुए कहा—
“भय बहुत हुआ, अब भरोसा चाहिए… अब भाजपा चाहिए।”
BJP मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण का दावा, बंगाल में सत्ता परिवर्तन का सीधा संकेत
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में सिर्फ वोट की अपील नहीं की, बल्कि पहली बार बेहद आत्मविश्वास के साथ बंगाल में भाजपा सरकार बनने का दावा भी दोहराया। उन्होंने कहा कि बंगाल में बीजेपी के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण का उत्सव सभी लोग मिलकर मनाएंगे।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक यह बयान भाजपा कार्यकर्ताओं में आखिरी चरण से पहले उत्साह भरने और undecided voters को यह संदेश देने की कोशिश है कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन अब संभव ही नहीं, बल्कि निकट है।
পশ্চিমবঙ্গের নারীশক্তির জন্য সুবিচার সুনিশ্চিত করতে আমরা অঙ্গীকারবদ্ধ। pic.twitter.com/w6rDOt4Gbb
— Narendra Modi (@narendramodi) April 27, 2026
29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान, रिकॉर्ड वोटिंग की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाली भाषा में ऑडियो और वीडियो संदेश जारी कर मतदाताओं से रिकॉर्ड संख्या में मतदान करने की अपील भी की। भाजपा का दावा है कि पहले चरण में भारी मतदान ने बदलाव का संकेत दिया है और अब दूसरे चरण में यह लहर निर्णायक बन सकती है।
29 अप्रैल को कोलकाता समेत 142 सीटों पर मतदान होगा, जिसके बाद पूरे चुनाव की तस्वीर साफ हो जाएगी। ऐसे में मोदी का यह खुला खत भाजपा की अंतिम मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक चुनावी चाल माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल के पूरे चुनाव अभियान के दौरान मुझे अपने परिवारजनों का जो अपार स्नेह और आशीर्वाद मिला है, उसने एक नई ऊर्जा से भर दिया है। यहां की युवाशक्ति हो या नारीशक्ति, हमारे किसान भाई-बहन हों, श्रमिक या फिर कारोबारी, सभी ‘विकसित बंगाल’ के लिए संकल्पित हैं। मैंने इस पत्र में उनके… pic.twitter.com/IKH447nWn2
— Narendra Modi (@narendramodi) April 27, 2026
मोदी के खत से साफ संदेश: बंगाल में आखिरी दम तक आक्रामक BJP
चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद आमतौर पर नेता शांत हो जाते हैं, लेकिन पीएम मोदी ने खुला खत, वीडियो संदेश और बंगाली ऑडियो अपील के जरिए साफ कर दिया कि भाजपा आखिरी वोट पड़ने तक बंगाल में आक्रामक नैरेटिव बनाए रखना चाहती है।
अब देखना यह है कि मोदी का ‘भय बनाम भरोसा’ वाला यह अंतिम दांव बंगाल के वोटर पर कितना असर डालता है।














