गुजरात में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले सियासी माहौल तेज हो गया है। असदुद्दीन ओवैसी ने सूरत के लिंबायत क्षेत्र में आयोजित जनसभा में कांग्रेस और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपील की कि वे अपने वोट का इस्तेमाल “अपनी जमात और अपने नेतृत्व” के लिए करें।
ओवैसी ने कहा कि “वोट एक अमानत है” और इसका इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए। उन्होंने लोगों से कहा कि वे यह साबित करें कि वे “लावारिस नहीं हैं” और उनकी आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। खासकर युवाओं से उन्होंने अपना राजनीतिक नेतृत्व खड़ा करने का आह्वान किया।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को वोट देने से भारतीय जनता पार्टी को नहीं रोका जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से मुस्लिम समाज को अपना नेतृत्व विकसित करने से रोका गया है।
ओवैसी ने दावा किया कि बीजेपी को अगर कोई पार्टी चुनौती दे सकती है, तो वह उनकी पार्टी AIMIM है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी संविधान के दायरे में रहकर लोगों के अधिकारों के लिए लड़ती है और मजबूती से अपनी बात रखती है।
#WATCH | Limbayat, Gujarat | AIMIM chief and MP Asaduddin Owaisi says, “…If anyone can stop the BJP and, within the bounds of the Constitution, look them in the eye and force them to accept our rights, then that party is the AIMIM…This is the time to stand up and assert your… pic.twitter.com/ouEGqQm8vW
— ANI (@ANI) April 20, 2026
अपने ऊपर लगने वाले आरोपों का जवाब देते हुए ओवैसी ने कहा कि उनके चुनाव लड़ने से बीजेपी को फायदा होने की बात गलत है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जहां अन्य पार्टियां सैकड़ों सीटों पर चुनाव लड़ती हैं, वहीं AIMIM सीमित सीटों पर ही चुनाव लड़ती है। उन्होंने कहा, “11 सीटों की चिंता छोड़िए, 270 सीटें जीतकर बीजेपी को हराइए।”
इतिहास का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि देश के बंटवारे के लिए मुसलमान जिम्मेदार नहीं थे और इस मुद्दे पर कांग्रेस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
गौरतलब है कि गुजरात में 26 अप्रैल को स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं। ऐसे में ओवैसी का यह बयान चुनावी माहौल को और गरमा सकता है और मुस्लिम वोट बैंक को लेकर नई राजनीतिक रणनीति की ओर इशारा करता है।
अब देखना होगा कि ओवैसी की अपील का चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ता है।














