महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे की जांच में अब नया मोड़ आ गया है। रोहित पवार द्वारा बेंगलुरु में दर्ज कराई गई ‘जीरो FIR’ को महाराष्ट्र CID ने अपनी चल रही जांच में शामिल करने का फैसला किया है। इससे पहले CID इस मामले में दर्ज आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) की जांच कर रही थी।
यह हादसा 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट के पास हुआ था, जिसमें तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत हो गई थी। घटना के बाद पूरे राज्य में इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठी थी।
रोहित पवार ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद उन्होंने बेंगलुरु में ‘जीरो FIR’ दर्ज कराई। यह FIR ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ (BNSS) की धारा 173 के तहत दर्ज की गई थी, जिसे बाद में बारामती पुलिस स्टेशन भेजा गया और फिर CID को सौंप दिया गया।
CID प्रमुख सुनील रामानंद के अनुसार, इस ‘जीरो FIR’ को BNSS की धारा 180 के तहत एक बयान के रूप में जांच में शामिल किया जाएगा। इससे जांच के दायरे का विस्तार होगा और नए तथ्यों के सामने आने की संभावना बढ़ेगी।
इस मामले की जांच में Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) भी शामिल है, जिसने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट पहले ही जमा कर दी है।
‘जीरो FIR’ एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति किसी भी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करा सकता है, भले ही घटना उस क्षेत्राधिकार में हुई हो या नहीं। बाद में इसे संबंधित थाने को ट्रांसफर कर दिया जाता है।
अब ‘जीरो FIR’ के शामिल होने से जांच और व्यापक हो गई है। माना जा रहा है कि इससे हादसे के कारणों की गहराई से पड़ताल हो सकेगी और जिम्मेदारों की पहचान करने में मदद मिलेगी।














