“घायलों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात, मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये सहायता राशि का ऐलान”
लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना पश्चिमी उत्तर प्रदेश का दौरा बीच में ही छोड़ दिया और तत्काल राजधानी लखनऊ लौट आए।
अलीगढ़ में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में हुई इस दुखद घटना के कारण उन्हें अपना कार्यक्रम बीच में ही समाप्त कर वापस लौटना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है और घायलों के बेहतर इलाज के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
KGMU में घायलों का जाना हाल, परिजनों को दिया भरोसा
लखनऊ पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में भर्ती घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी उनके साथ मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और हर स्तर पर जवाबदेही तय होगी।”
#WATCH | Lucknow coaching institute fire incident | Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath visits King George’s Medical University (KGMU) and meets the family members of the victims in the fire incident.
15 people lost their lives in the fire incident. pic.twitter.com/liUgiN03jt
— ANI (@ANI) June 22, 2026
मृतकों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा
राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों का उपचार पूरी संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा मिल सके।
जांच के आदेश, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पूरे मामले की गहन जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
यह हादसा एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोचिंग संस्थानों और अन्य शैक्षणिक परिसरों में सुरक्षा मानकों का नियमित ऑडिट और सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
संवेदना के साथ सख्त संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
लखनऊ अग्निकांड ने न केवल कई परिवारों को गहरा दुख दिया है, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी भयावह साबित हो सकती है। अब प्रदेश की नजरें जांच और दोषियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।














