पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। सुबह से ही तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही थी, लेकिन दोपहर होते-होते तस्वीर तेजी से बदलती नजर आई। चुनाव आयोग के आधिकारिक रुझानों में BJP ने न सिर्फ बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया, बल्कि 185 सीटों पर बढ़त बनाकर बंगाल में पहली बार पूर्ण सत्ता परिवर्तन का संकेत दे दिया। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी TMC 100 के आसपास सिमटती दिखाई दी, जिससे पार्टी खेमे में बेचैनी और घबराहट साफ नजर आने लगी।
ममता के घर पहुंचे BJP कार्यकर्ता, लगे ‘जय श्री राम’ के गगनभेदी नारे
जैसे-जैसे BJP की बढ़त मजबूत होती गई, पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह उफान पर पहुंच गया। कोलकाता स्थित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के बाहर कुछ BJP समर्थक पहुंच गए और वहां ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने लगे। बंगाल की राजनीति में यह दृश्य प्रतीकात्मक रूप से बेहद बड़ा माना जा रहा है, क्योंकि वर्षों से ‘जय श्री राम’ और ‘खेला होबे’ के बीच चली वैचारिक लड़ाई अब सीधे सत्ता परिवर्तन की दहलीज पर दिखाई दे रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली, लेकिन इस घटनाक्रम ने TMC खेमे में तनाव और बढ़ा दिया।
रुझानों में BJP की सुनामी, TMC के कई दिग्गज मंत्री पिछड़े
सुबह 9 बजे तक जहां BJP 110 सीटों पर आगे थी, वहीं 10:52 बजे तक यह बढ़त 167 सीटों को पार कर गई और दोपहर 12:25 बजे तक पार्टी 185 सीटों पर बढ़त बनाकर बहुमत से काफी आगे निकल गई। इसके विपरीत TMC के खाते में लगभग 109 से 116 सीटें ही आती दिखीं। सबसे बड़ा झटका यह रहा कि ममता सरकार के 34 मंत्रियों में से 13 मंत्री अपनी-अपनी सीटों पर पीछे चल रहे हैं। उदयन गुहा, सिद्धिकला चौधरी, मलय घटक और शशि पंजा जैसे बड़े नाम भी संघर्ष करते नजर आए। यह साफ संकेत है कि बंगाल में केवल सरकार नहीं, बल्कि पूरी सत्ता संरचना बदलती दिख रही है।

भवानीपुर में ममता की वापसी, लेकिन खतरा बरकरार
हाई प्रोफाइल भवानीपुर सीट पर पूरे दिन रोमांच बना रहा। शुरुआती दो दौर में BJP के Suvendu Adhikari ने ममता बनर्जी को पीछे छोड़ दिया था, जिससे TMC खेमे में हड़कंप मच गया। हालांकि तीसरे दौर के बाद Mamata Banerjee ने 898 वोटों की बढ़त बनाकर वापसी की, लेकिन यहां अभी भी कांटे की लड़ाई जारी है। BJP लगातार दावा कर रही है कि अंतिम राउंड तक भवानीपुर में बड़ा उलटफेर संभव है। इस सीट को बंगाल की प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है, क्योंकि ममता की व्यक्तिगत साख इसी सीट से जुड़ी हुई है।
सुवेंदु अधिकारी का दावा—‘बंगाल ममता को नकार रहा है’
BJP नेता Suvendu Adhikari ने मतगणना के बीच बड़ा दावा करते हुए कहा कि “बंगाल में BJP की सरकार बन रही है। हमें स्पष्ट जनादेश मिल रहा है। सभी हिंदुओं और सनातनियों का धन्यवाद, बंगाल ममता बनर्जी को नकार रहा है।” नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों पर उनकी मजबूत मौजूदगी ने BJP कार्यकर्ताओं का मनोबल और बढ़ा दिया। सुवेंदु के इस बयान के बाद पार्टी कार्यालयों में जश्न तेज हो गया और समर्थकों ने ‘दीदी गई, कमल आई’ जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए।
झालमुड़ी से जश्न तक: कोलकाता में BJP समर्थकों का उत्सव
कोलकाता में BJP मुख्यालय के बाहर समर्थकों ने झालमुड़ी बांटकर जश्न मनाना शुरू कर दिया। यह वही प्रतीक है जिसने चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi के झाड़ग्राम दौरे को वायरल बना दिया था। अब उसी ‘झालमुड़ी कनेक्शन’ को BJP समर्थक जीत का शुभ संकेत बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर मोदी के झालमुड़ी खाते फोटो के साथ “Jhalmuri to Victory” और “Bengal Turns Saffron” जैसे पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं।
ममता का आरोप—‘चुनाव आयोग मनमानी कर रहा है’
रुझानों में पिछड़ती दिख रही TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं से बूथों पर डटे रहने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर मतगणना धीमी कर दी गई है और चुनाव आयोग मनमानी कर रहा है। ममता ने कहा कि TMC कार्यकर्ता निराश न हों और हर राउंड पर कड़ी नजर रखें। यह बयान बताता है कि TMC अभी हार मानने के मूड में नहीं है, लेकिन पार्टी के भीतर घबराहट गहराती जा रही है।
#WATCH | West Bengal Elections 2026 | Goutam Deb, Siliguri Mayor and TMC candidate from Siliguri Assembly constituency, arrives at the counting centre here. pic.twitter.com/MPaMfI7EQP
— ANI (@ANI) May 4, 2026
RG Kar पीड़िता की मां से लेकर बागदा की पारिवारिक जंग तक कई बड़े संकेत
पानीहाटी सीट पर RG Kar मेडिकल कॉलेज कांड की पीड़िता की मां और BJP उम्मीदवार रत्ना देबनाथ की बढ़त ने भावनात्मक मुद्दों के असर को साबित किया। वहीं बागदा सीट पर केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर की पत्नी सोमा ठाकुर अपनी ननद मधुपर्णा ठाकुर से हजारों वोटों से आगे चल रही हैं। यह संकेत देता है कि BJP ने बंगाल में सामाजिक, भावनात्मक और धार्मिक तीनों स्तरों पर गहरी पैठ बना ली है।
क्या बंगाल में पहली बार खिलेगा कमल?
फिलहाल के रुझानों ने इतना साफ कर दिया है कि पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव केवल मुकाबला नहीं बल्कि राजनीतिक क्रांति बन चुका है। अगर यही ट्रेंड बरकरार रहा तो बंगाल में पहली बार BJP पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाती दिखेगी और ममता बनर्जी का एक दशक से ज्यादा पुराना किला ढह जाएगा। ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंजता ममता का घर और BJP मुख्यालय में बंटती झालमुड़ी—ये दोनों तस्वीरें इस चुनाव की सबसे बड़ी राजनीतिक कहानी बन चुकी हैं।














