इंडोनेशिया एक बार फिर शक्तिशाली भूकंपों से दहल उठा है। महज 24 घंटे में तीन बड़े भूकंप और सैकड़ों आफ्टरशॉक्स ने लोगों में दहशत पैदा कर दी। फ्लोरेस द्वीप पर भारी तबाही के बीच सुनामी का अलर्ट भी जारी किया गया।
24 घंटे में तीन बड़े झटके
इंडोनेशिया में 14-15 अगस्त के दौरान लगातार तीन बड़े भूकंप दर्ज किए गए। सबसे शक्तिशाली झटका 7.7 तीव्रता का था, जिसका केंद्र फ्लोरेस द्वीप के पास एंडे शहर से करीब 68 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में बताया गया। इसके बाद उत्तरी सुमात्रा में 6.9 तीव्रता का भूकंप आया, जबकि करीब 600 मील दूर 5.7 तीव्रता का एक और झटका दर्ज किया गया।
मुख्य भूकंप के बाद धरती लगातार हिलती रही। फ्लोरेस क्षेत्र में 230 से अधिक आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए, जिनमें सबसे शक्तिशाली झटका 6.2 तीव्रता का था।
फ्लोरेस में भारी नुकसान
भूकंप का सबसे ज्यादा असर फ्लोरेस द्वीप के कई इलाकों में देखने को मिला। रिपोर्ट के मुताबिक 47 लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। कम से कम 157 घर पूरी तरह ढह गए, जबकि करीब 200 घरों को नुकसान पहुंचा।
करीब 2,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों और अस्थायी कैंपों में पहुंचाया गया। भूस्खलन के कारण कई सड़कें बंद हो गईं, जिससे राहत और बचाव दलों को दूरदराज के इलाकों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
सुनामी का भी मंडराया खतरा
भूकंप के कुछ ही मिनट बाद इंडोनेशिया की मौसम और भूभौतिकी एजेंसी ने कई तटीय इलाकों के लिए सुनामी चेतावनी जारी कर दी। पूर्वी नुसा तेंगारा, पश्चिमी नुसा तेंगारा, दक्षिण सुलावेसी और दक्षिण-पूर्व सुलावेसी के तटीय क्षेत्रों को अलर्ट किया गया।
कई स्थानों पर समुद्र में असामान्य लहरें भी दर्ज की गईं। कुछ जगहों पर लहरों की ऊंचाई एक मीटर से ज्यादा रही। हालांकि बाद में समुद्र का स्तर खतरनाक तरीके से बढ़ता नहीं दिखा और करीब तीन घंटे बाद सुनामी चेतावनी वापस ले ली गई।
ऑस्ट्रेलिया और तिमोर-लेस्ते भी सतर्क
भूकंप के बाद पड़ोसी देशों में भी निगरानी बढ़ा दी गई। ऑस्ट्रेलिया की सुनामी चेतावनी एजेंसी सक्रिय हुई, हालांकि उसने ऑस्ट्रेलिया की मुख्य भूमि और उसके प्रमुख द्वीपों के लिए सुनामी का बड़ा खतरा नहीं बताया।
वहीं, तिमोर-लेस्ते में भी भूकंप के बाद के झटके महसूस किए गए। राजधानी दिली तक कंपन महसूस होने की खबर सामने आई, लेकिन दोनों पड़ोसी देशों में बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
आखिर इंडोनेशिया में इतने भूकंप क्यों आते हैं?
इंडोनेशिया दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। इसकी सबसे बड़ी वजह इसकी भौगोलिक स्थिति है। यह देश प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित है, जहां कई टेक्टोनिक प्लेट्स एक-दूसरे के संपर्क में आती हैं।
फ्लोरेस क्षेत्र में अलग-अलग प्रकार के सक्रिय फॉल्ट मौजूद हैं। टेक्टोनिक प्लेट्स की लगातार हलचल के कारण जमीन के नीचे तनाव और ऊर्जा जमा होती रहती है। जब यह ऊर्जा अचानक रिलीज होती है, तो शक्तिशाली भूकंप आता है।
इसके बाद फॉल्ट के आसपास की चट्टानें और प्लेटें खुद को नए संतुलन में लाने की कोशिश करती हैं। इसी प्रक्रिया के दौरान लगातार छोटे-बड़े आफ्टरशॉक्स आते हैं।
क्या अभी और आफ्टरशॉक्स आ सकते हैं?
विशेषज्ञों के मुताबिक बड़े भूकंप के बाद कई दिनों तक आफ्टरशॉक्स आना सामान्य घटना है। इनकी संख्या और तीव्रता पहले से निश्चित नहीं की जा सकती। इसलिए प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने और क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
इंडोनेशिया में आए लगातार भूकंप एक बार फिर याद दिलाते हैं कि ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में रहने वाले देशों को भूकंप और सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिए हमेशा तैयार रहना पड़ता है।














