“हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा, घाटों का स्थलीय निरीक्षण भी किया”
चित्रकूट: बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद चित्रकूट का दौरा कर प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के साथ ही प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनका कुशल-क्षेम जाना। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से राहत कार्यों की जानकारी ली और प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ उनके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री के चित्रकूट दौरे को बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए सरकार की संवेदनशीलता और तत्परता से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने बाढ़ की स्थिति को करीब से समझने के लिए प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद घाटों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए जमीनी स्तर पर बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों और राहत व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
बाढ़ प्रभावित 800 परिवारों तक पहुंचाई गई राहत सामग्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ से प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान बाढ़ प्रभावित 800 परिवारों को राहत सामग्री का वितरण किया गया। सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के साथ उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने पर जोर दिया गया है।
बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा में सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित परिवारों तक समय पर भोजन, आवश्यक सामग्री और अन्य जरूरी सहायता पहुंचाना होती है। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान राहत सामग्री वितरण के माध्यम से प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों के मध्य पहुंचकर उनका कुशल-क्षेम भी जाना। उन्होंने लोगों से बातचीत की और बाढ़ के कारण सामने आई परेशानियों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने इस दौरान यह संदेश दिया कि आपदा की इस कठिन घड़ी में प्रभावित परिवार स्वयं को अकेला न समझें और सरकार उनकी मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
राहत के साथ पुनर्वास पर भी सरकार का फोकस
बाढ़ के कारण जिन परिवारों के सामने आश्रय का संकट उत्पन्न हुआ है, उनके पुनर्वास की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान बाढ़ में आश्रयहीन परिवारों को आवास के लिए भूमि आवंटन प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराए गए। इसके साथ ही आपदा मोचक निधि से राहत राशि का वितरण भी किया गया।
यह कदम राहत कार्यों को केवल तत्काल सहायता तक सीमित न रखते हुए प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में आगे बढ़ाने का संकेत है। जिन परिवारों ने बाढ़ के कारण अपना आश्रय खोया है, उनके लिए आवास की व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में शामिल है। ऐसे में भूमि आवंटन प्रमाण-पत्र दिए जाने से प्रभावित परिवारों को भविष्य में अपने आश्रय की व्यवस्था करने की दिशा में आधार मिलेगा।
CM योगी बोले- प्रभावितों के साथ पूरी प्रतिबद्धता से खड़ी है सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावितों को आश्वस्त किया कि सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि आपदा के इस दौर में प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने राहत एवं पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लेकर अधिकारियों को प्रभावित लोगों की जरूरतों के अनुरूप कार्य करने का संदेश दिया।
जनपद चित्रकूट में आज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण एवं घाटों का स्थलीय निरीक्षण किया। साथ ही, बाढ़ प्रभावित 800 परिवारों को राहत सामग्री का वितरण, बाढ़ में आश्रयहीन परिवारों को आवास हेतु भूमि आवंटन प्रमाण-पत्र एवं आपदा मोचक निधि से राहत राशि का वितरण भी किया।
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— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 6, 2026
मुख्यमंत्री का प्रभावित परिवारों के बीच सीधे पहुंचना भी इस दौरे का अहम पहलू रहा। बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर उनकी स्थिति जानने और उनका कुशल-क्षेम पूछने से सरकार और प्रभावित परिवारों के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ।
हवाई सर्वेक्षण से जमीनी निरीक्षण तक, बाढ़ की स्थिति पर सीधी नजर
चित्रकूट में मुख्यमंत्री ने पहले बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। हवाई सर्वेक्षण के जरिए प्रभावित इलाकों की व्यापक स्थिति का जायजा लिया गया। इसके बाद घाटों का स्थलीय निरीक्षण किया गया, जिससे बाढ़ की स्थिति और उससे जुड़े स्थानीय हालात को जमीनी स्तर पर समझने का अवसर मिला।
मुख्यमंत्री के दौरे में राहत, पुनर्वास और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिखाई दिया। प्रशासनिक स्तर पर संचालित राहत कार्यों की समीक्षा के साथ मुख्यमंत्री ने स्वयं प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी स्थिति जानी।
आर्थिक सहायता से प्रभावित परिवारों को मिलेगा संबल
बाढ़ प्रभावित परिवारों को आपदा मोचक निधि से राहत राशि का वितरण भी किया गया। प्राकृतिक आपदा के बाद परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ आर्थिक संकट भी खड़ा हो जाता है। ऐसे में राहत राशि प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक संबल देने का माध्यम बनती है।
सरकार की ओर से राहत सामग्री, आर्थिक सहायता और आवास के लिए भूमि आवंटन जैसे कदम उठाए जाने से यह स्पष्ट है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत के साथ पुनर्वास को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि उनकी परेशानियों के समाधान के लिए सरकार पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है।
पीड़ित परिवारों को संबल देना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को संबल प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने प्रभावित लोगों की समस्याओं को करीब से समझने के साथ उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने यह संदेश भी दिया कि आपदा की स्थिति में प्रशासन और सरकार का दायित्व केवल राहत सामग्री पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावित परिवारों को दोबारा सामान्य जीवन की ओर ले जाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
चित्रकूट दौरे के दौरान राहत एवं पुनर्वास की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ प्रभावित परिवारों से सीधा संवाद इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रशासन को राहत कार्यों को प्रभावी बनाने का संदेश
मुख्यमंत्री के दौरे के बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों को लेकर प्रशासनिक गतिविधियों पर भी विशेष नजर रहने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि आपदा से प्रभावित लोगों तक सरकारी सहायता पहुंचे और उन्हें आवश्यक राहत मिल सके।
800 प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री का वितरण, आश्रयहीन परिवारों को आवास हेतु भूमि आवंटन प्रमाण-पत्र और आपदा मोचक निधि से राहत राशि का वितरण सरकार की राहत नीति के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में सामने आया है।
जनपद चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री, आश्रयहीन परिवारों को आवास हेतु भूमि आवंटन प्रमाण-पत्र एवं राहत राशि के वितरण हेतु आयोजित कार्यक्रम में…https://t.co/IYyQFrZTPj
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 6, 2026
मुश्किल वक्त में सरकार आपके साथ: प्रभावितों को भरोसा
चित्रकूट में बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री का दौरा केवल स्थिति का निरीक्षण भर नहीं रहा, बल्कि सरकार की ओर से सीधे संवाद और भरोसा देने का अवसर भी बना। प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर मुख्यमंत्री ने उनकी परेशानियों को जाना और उन्हें यह विश्वास दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ है।
बाढ़ के बाद प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत के साथ स्थायी पुनर्वास की जरूरत होती है। ऐसे में राहत सामग्री से लेकर आर्थिक सहायता और आवास के लिए भूमि आवंटन तक की पहल प्रभावित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि बाढ़ प्रभावितों को राहत देना, उनके पुनर्वास की व्यवस्था करना और उन्हें दोबारा सामान्य जीवन की ओर ले जाना सरकार की प्राथमिकता है। चित्रकूट में किए गए हवाई सर्वेक्षण, घाटों के स्थलीय निरीक्षण और प्रभावित परिवारों से मुलाकात के जरिए मुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति को नजदीक से समझा।
इस दौरान सरकार की ओर से प्रभावित 800 परिवारों को राहत सामग्री, आश्रयहीन परिवारों को आवास हेतु भूमि आवंटन प्रमाण-पत्र तथा आपदा मोचक निधि से राहत राशि उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ उनके साथ खड़ी है और आपदा की इस घड़ी में उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
चित्रकूट में मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब बाढ़ प्रभावित परिवारों के सामने राहत और पुनर्वास दोनों की चुनौती है। ऐसे में सरकार की ओर से राहत सामग्री, आर्थिक सहायता और आवासीय पुनर्वास की पहल प्रभावित लोगों के लिए बड़ी राहत के रूप में सामने आई है।
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