पटना: राजनीतिक मतभेदों के बीच रिश्तों की गर्माहट का एक भावुक दृश्य उस वक्त देखने को मिला जब केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान अपने चाचा और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस से मिलने पटना पहुंचे।
पशुपति कुमार पारस को सांस लेने में तकलीफ के बाद राजधानी पटना के कंकड़बाग स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और इलाज जारी है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
दिल्ली से सीधे पटना पहुंचे चिराग
जैसे ही चिराग पासवान को अपने चाचा की तबीयत खराब होने की सूचना मिली, वे तुरंत दिल्ली से पटना रवाना हो गए। अस्पताल पहुंचकर उन्होंने न सिर्फ अपने चाचा का हालचाल जाना, बल्कि उन्हें गले लगाकर भावुक भी हो गए। इस दौरान का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों के बीच आत्मीय बातचीत दिखाई दे रही है।
मेरे अभिभावक, चाचा जी श्री पशुपति कुमार पारस जी आज सुबह से अस्वस्थ हैं। पटना में अस्पताल जाकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा समुचित इलाज हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।
ईश्वर से प्रार्थना है कि वे शीघ्र स्वस्थ हो। 🙏 pic.twitter.com/xwW322Hh8g
— युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) April 14, 2026
सोशल मीडिया पर जताई चिंता
चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि
“मेरे अभिभावक, चाचा श्री पशुपति कुमार पारस जी आज सुबह से अस्वस्थ हैं। मैंने अस्पताल जाकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और डॉक्टरों से उचित उपचार को लेकर चर्चा की। मैं ईश्वर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”
“वो मेरे लिए पिता समान हैं”
अस्पताल के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि
राजनीति अपनी जगह है, लेकिन पशुपति पारस उनके लिए पिता समान हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यहां एक नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक बेटे के रूप में अपने अभिभावक से मिलने आए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि परिवार में विचारधारात्मक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन स्वास्थ्य और रिश्तों के मामले में सभी एकजुट हैं।
#WATCH | Patna, Bihar: Union Minister Chirag Paswan met his uncle, former Union Minister Pashupati Kumar Paras, who is admitted to Sai Hospital in Patna. (14.04)
Chirag Paswan tweeted, “My guardian, my uncle, Mr Pashupati Kumar Paras, has been unwell since this morning. I… pic.twitter.com/CvguKzsupp
— ANI (@ANI) April 15, 2026
पुराने मतभेदों के बीच नरमी के संकेत
गौरतलब है कि लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान के निधन के बाद पार्टी दो गुटों में बंट गई थी। विरासत को लेकर चाचा-भतीजे के बीच लंबे समय तक विवाद चला और संवाद भी लगभग बंद हो गया था।
हालांकि हाल के दिनों में दोनों के रिश्तों में नरमी के संकेत मिल रहे हैं, और यह मुलाकात उसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
राजनीतिक खींचतान के बावजूद पारिवारिक रिश्तों की अहमियत इस मुलाकात में साफ झलकती है। चिराग पासवान का अपने बीमार चाचा से मिलने जाना न सिर्फ मानवीय संवेदनाओं को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि सियासत से परे रिश्तों की डोर अभी भी मजबूत है।














