बीजेपी ने मंगलवार को लखनऊ में महिला आरक्षण बिल को लेकर बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास से विधानसभा तक विशाल पदयात्रा और जन आक्रोश रैली निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में महिलाएं और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
सीएम के साथ निकली पदयात्रा
इस पदयात्रा में सीएम योगी के साथ दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी शामिल रहे। इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा भी शामिल थे
सहयोगी दलों के नेता आशीष पटेल और ओमप्रकाश राजभर भी इस रैली में शामिल हुए।
“महिला विरोधी सोच के खिलाफ आक्रोश”
रैली की शुरुआत करते हुए सीएम योगी ने “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारे लगाए। उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा कांग्रेस और सपा समेत विपक्षी दलों के महिला-विरोधी रवैये के खिलाफ जन आक्रोश का प्रतीक है।
सीएम योगी ने कहा:
देशभर में खासकर महिलाओं के बीच विपक्ष के खिलाफ नाराजगी है
लखनऊ में हजारों महिलाओं की भागीदारी इस आक्रोश का प्रमाण है
भीषण गर्मी के बावजूद इतनी बड़ी भीड़ प्रधानमंत्री Narendra Modi की नीतियों के समर्थन को दर्शाती है
विपक्ष पर तीखा हमला
सीएम योगी ने कांग्रेस और सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इनका चेहरा अलोकतांत्रिक और महिला-विरोधी है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर विपक्ष ने अवसरों का सही उपयोग नहीं किया और अब देशभर में इसका विरोध हो रहा है।
#WATCH | Lucknow | UP CM Yogi Adityanath says, "Today, this protest march led by sisters will become a symbol of the anger in the entire country, especially among half of the population, against the anti-women reservation policies of Congress, SP, TMC, DMK. Today, thousands of… https://t.co/DWWwFzc3Dg pic.twitter.com/DQjXkBJOhX
— ANI (@ANI) April 21, 2026
सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था
रैली को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए:
शहर के 11 प्रमुख रूटों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया
सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा
गर्मी को देखते हुए रास्ते में मेडिकल कैंप और एंबुलेंस की व्यवस्था की गई
लखनऊ में आयोजित यह पदयात्रा सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर बीजेपी की राजनीतिक रणनीति और जनसमर्थन दिखाने का प्रयास भी माना जा रहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीति के केंद्र में बना रह सकता है।














