आगामी निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। निर्वाचन व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले ईवीएम और वीवीपैट की सुरक्षा तथा उनकी फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ईवीएम/वीवीपैट वेयरहाउस का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एफएलसी की तैयारियों के साथ-साथ वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से एफएलसी की तैयारियों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्वाचन से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ईवीएम और वीवीपैट जैसी महत्वपूर्ण निर्वाचन सामग्री के रख-रखाव से लेकर उनकी सुरक्षा तक हर व्यवस्था भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों और प्रोटोकॉल के अनुरूप होनी चाहिए।
ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा में चूक नहीं होगी स्वीकार
जिला निर्वाचन अधिकारी ने वेयरहाउस का निरीक्षण करते हुए ईवीएम एवं वीवीपैट के सुरक्षित रख-रखाव की व्यवस्था देखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मशीनों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और निर्धारित प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में ईवीएम और वीवीपैट की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में इनके रख-रखाव, सुरक्षा और निगरानी में किसी भी प्रकार की लापरवाही पूरी निर्वाचन व्यवस्था के लिए गंभीर विषय बन सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों को पूरी गंभीरता, जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ निभाएं।
डीएम ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि वेयरहाउस में प्रवेश, निगरानी और सुरक्षा से संबंधित सभी निर्धारित व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से लागू रहें। सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी स्तर पर कमी सामने आने पर तत्काल उसका समाधान किया जाए।
सीसीटीवी से लगातार निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वेयरहाउस में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जा रही निगरानी व्यवस्था की भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सीसीटीवी निगरानी लगातार प्रभावी बनी रहनी चाहिए और सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने वेयरहाउस की साफ-सफाई और विद्युत व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि परिसर में साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही विद्युत आपूर्ति से संबंधित व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त रखा जाए, ताकि निर्वाचन सामग्री के सुरक्षित रख-रखाव और निगरानी में किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न न हो।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि वेयरहाउस की सुरक्षा केवल निरीक्षण के समय तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे समय निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप निगरानी व्यवस्था प्रभावी रहनी चाहिए।
एफएलसी निर्वाचन प्रक्रिया का अहम चरण
जिलाधिकारी ने कहा कि फर्स्ट लेवल चेकिंग निर्वाचन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है। एफएलसी के माध्यम से ईवीएम और वीवीपैट की कार्यप्रणाली की जांच की जाती है, इसलिए इसकी पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों और भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही संपन्न कराई जानी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एफएलसी से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं। प्रक्रिया के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं, तकनीकी तैयारियों, सुरक्षा मानकों और अन्य जरूरी प्रबंधों को पहले से सुनिश्चित किया जाए, ताकि एफएलसी के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
उन्होंने कहा कि एफएलसी की प्रक्रिया जितनी व्यवस्थित और पारदर्शी होगी, उतना ही निर्वाचन व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होगा। इसलिए प्रत्येक चरण में निर्धारित प्रोटोकॉल और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए।
हर स्तर पर तय होगी जिम्मेदारी
निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके दायित्वों के प्रति विशेष रूप से सचेत किया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य में छोटी सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। ऐसे में सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं में जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर उसे गंभीरता से लिया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने स्तर पर तैयारियों की लगातार समीक्षा करें और किसी भी कमी को समय रहते दूर करें।
जिलाधिकारी ने इस दौरान अधिकारियों से कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों में किसी प्रकार की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। एफएलसी से लेकर ईवीएम-वीवीपैट के सुरक्षित रख-रखाव तक प्रत्येक प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जाए।
वेयरहाउस की व्यवस्थाओं को मानकों के अनुरूप रखने पर जोर
निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस की आंतरिक व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। ईवीएम, वीवीपैट और अन्य निर्वाचन सामग्री को निर्धारित तरीके से सुरक्षित रखने, परिसर में स्वच्छता बनाए रखने तथा विद्युत एवं निगरानी व्यवस्था को सुचारु रखने के निर्देश दिए गए।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन सामग्री की सुरक्षा के लिए बनाए गए सभी मानकों का अक्षरश: पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वेयरहाउस की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करते रहें और आवश्यकता के अनुसार व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाएं।
प्रशासन की इस कवायद का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है, ताकि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी अथवा प्रशासनिक समस्या सामने न आए।
पारदर्शिता और विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुरक्षा का विशेष महत्व है। ईवीएम और वीवीपैट से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है और आयोग के प्रत्येक निर्देश का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एफएलसी की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरी कराई जाए। साथ ही प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि किसी भी स्तर पर भ्रम या अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखना प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी है। इसके लिए हर स्तर पर सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई तैयारियों की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी भू0/अ0 अरूण कुमार सिंह, डिप्टी कलेक्टर एवं सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अरूण कुमार, डिप्टी कलेक्टर पूर्वा शर्मा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने जिलाधिकारी को एफएलसी से संबंधित तैयारियों और वेयरहाउस में उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित समयसीमा के भीतर तैयारियां पूरी करते हुए निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
कुल मिलाकर, प्रशासन ने ईवीएम और वीवीपैट की सुरक्षा से लेकर उनकी फर्स्ट लेवल चेकिंग तक की तैयारियों को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। डीएम के निरीक्षण और सख्त निर्देशों से साफ है कि आगामी निर्वाचन प्रक्रिया में सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।














